विपक्ष को खत्म करने पर आमादा भाजपा? यूपी के मंत्री राजभर का दावा- पूरी सपा बीजेपी में आने को तैयार

विगत 12 वर्षों से केंद्र में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी क्या वाकई विपक्ष को खत्म करने पर आमादा है? पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद जिस तरह से तृण मूल कांग्रेस (टीएमसी के विधायक और संसदीय दल) में टूट हुई है, उससे बीजेपी के हौसले बुलंद हैं. ताज़ा खबर उत्तर प्रदेश से है जहां, समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर संभावित फूट को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. असल में, भाजपा के सहयोगी दल 'सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी' (सुभासपा) के अध्यक्ष और यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि सपा में एक बहुत बड़ी टूट होने वाली है और उसके अधिकांश नेता भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं.

‘द हिंदू ब्यूरो’ के अनुसार राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दावा किया कि सपा नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है. उन्होंने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे-जैसे जांच का शिकंजा कस रहा है, सपा की चिंता बढ़ती जा रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महाराष्ट्र और बंगाल को छोड़िए, यहाँ तो पूरी की पूरी सपा ही भाजपा में जाने को तैयार है.

समाजवादी पार्टी का पलटवार

सपा ने राजभर के दावों का पुरजोर खंडन किया और उनका मज़ाक उड़ाया. पार्टी प्रवक्ता सुनील सिंह यादव 'साजन' ने आरोप लगाया कि राजभर का यह बयान केवल एक ध्यान भटकाने वाली रणनीति है.  वर्तमान में जनता के बीच भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा राम मंदिर में की गई 'संगठित लूट' की चर्चा हो रही है, जिससे ध्यान हटाने के लिए ऐसे बेबुनियाद दावे किए जा रहे हैं. प्रवक्ता ने याद दिलाया कि सपा ने ही 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में हराकर बहुमत (272) के आंकड़े से रोका था और पार्टी के सभी सांसद पूरी तरह एकजुट हैं.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी में किसी भी असंतोष को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी मजबूत है. उन्होंने भाजपा पर लालच, स्वार्थ और डर का माहौल बनाकर दलबदल कराने (पार्टियां तोड़ने) का आरोप लगाया. अखिलेश ने कहा कि जो लोग डर जाते हैं, वही पार्टी छोड़ते हैं.

यह राजनीतिक घमासान ऐसे समय में हो रहा है जब राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के अन्य दल जैसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना (यूबीटी) भी आंतरिक फूट और संकट के दौर से गुजर रहे हैं.

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