अंकिता भंडारी 19 साल की एक युवा महिला थीं, जो ऋषिकेश के पास वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं. सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई और छह दिन बाद उनका शव एक नहर से बरामद हुआ. शुरुआती जांच और बाद में सामने आए तथ्यों से यह साफ हुआ कि उन पर तथाकथित “स्पेशल सर्विस” देने का दबाव बनाया जा रहा था. हरकारा डीप डाइव के इस एपिसोड में पत्रकार गौरव नौडियाल से इस मामले पर विस्तार से चर्चा की.
गौरव बताते हैं कि यह मामला केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन मॉडल, बेरोज़गारी और महिलाओं की असुरक्षा की उस सच्चाई को उजागर करता है, जहां पहाड़ों से उतरकर आए युवा कम वेतन और असुरक्षित हालात में काम करने को मजबूर हैं.
रिसॉर्ट के मैनेजर पुलकित आर्य थे, जो पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे हैं. घटना के बाद पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया और अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके बावजूद शुरू से ही यह सवाल उठता रहा कि क्या यही लोग इस पूरे मामले के असली ज़िम्मेदार हैं, या फिर ताकतवर लोग जांच से बाहर रखे गए हैं.
व्हाट्सऐप चैट्स में अंकिता ने साफ लिखा था कि वह अश्लील प्रस्तावों से परेशान हैं और नौकरी छोड़ना चाहती हैं. 2025–26 में यह मामला एक बार फिर उभरा, जब एक ऑडियो क्लिप सामने आई, जिसमें एक कथित VIP का ज़िक्र किया गया. इस क्लिप को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए, पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन अब तक किसी VIP को आरोपी नहीं बनाया गया. राज्य भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी के साथ एक ही सवाल गूंज रहा है. VIP कौन है. यह मामला अब सिर्फ अंकिता भंडारी की हत्या का नहीं, बल्कि राज्य, सत्ता और जवाबदेही का सवाल बन चुका है.
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