9/21/26

इंदौर, डूसू और वो चेतावनी जिसे कोई नहीं पढ़ रहा | श्रवण गर्ग #harkara

इंदौर में 19 सितंबर को राहुल गांधी की पाँचवीं "छात्रों की गूंज" हुई — कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे के बाद. पाँचों आयोजन एनडीए शासित राज्यों में. वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग इसी संयोग में एक पैटर्न देखते हैं: वेन्यू रोको, शर्तें लगाओ, प्रशासन पर दबाव डालो, और फिर भी भीड़ आ जाए तो "झूठ की गूंज" के बोर्ड लगवाओ. इसी बातचीत में उसी दिन आए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के नतीजे, 20 जुलाई के जंतर-मंतर का अनसुलझा सवाल, बंगाल में उपचुनाव के दौरान गिरफ़्तारियाँ, और दिसंबर 2025 की वो रिपोर्ट जिसमें अमेरिका के होलोकॉस्ट मेमोरियल म्यूज़ियम के अर्ली वॉर्निंग प्रोजेक्ट ने 168 देशों में भारत को चौथे नंबर पर रखा है. श्रवण गर्ग ख़ुद कहते हैं — "यह हमारा फ़ोबिया भी हो सकता है, और असली भी." बातचीत उसी दोहरी संभावना पर टिकी है. अतिथि: श्रवण गर्ग, वरिष्ठ पत्रकार होस्ट: निधीश त्यागी

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