मोदी का ब्रिक्स दांव: ग्लोबल लीडरशिप मिली या बढ़ी मुश्किलें? | श्रवण गर्ग #harkara

हरकारा डीप डाइव के इस खास एपिसोड में निधीश त्यागी एवं वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, भारत की विदेश नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई. ब्रिक्स से भारत को क्या हासिल हुआ और क्या कुछ हासिल नहीं हो पाया? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मंच के जरिए ग्लोबल साउथ में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका मजबूत करना चाहते थे? क्या ब्रिक्स में अमेरिका और चीन को लेकर भारत का रुख स्पष्ट दिखाई दिया? बातचीत में क्रिटिकल मिनरल्स, सप्लाई चेन, चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा, अमेरिका के साथ व्यापार और निवेश, रूस से तेल खरीद, डी-डॉलराइजेशन और पश्चिम एशिया में भारत की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. साथ ही पहलगाम हमले के ब्रिक्स घोषणा-पत्र में उल्लेख, क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म, ईरान-इजराइल संघर्ष और फिलिस्तीन के सवाल पर भारत के रुख को भी परखा गया. श्रवण गर्ग ने यह सवाल भी उठाया कि क्या ब्रिक्स के जरिए भारत वास्तव में ग्लोबल साउथ का नेतृत्व कर पाया या फिर रूस और चीन के प्रभाव वाले इस मंच पर भारत की भूमिका सीमित ही रही. चर्चा का एक अहम सवाल यह भी है कि अगर चीन और अमेरिका दोनों के साथ भारत के अपने-अपने रणनीतिक और आर्थिक हित जुड़े हैं, तो मौजूदा विदेश नीति में भारत आखिर किस दिशा में आगे बढ़ रहा है? पूरी बातचीत देखिए और समझिए कि ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण रहा और इसके दूरगामी प्रभाव क्या हो सकते हैं. #HarkaraDeepDive #ShravanGarg #NidheeshTyagi #BRICS #NarendraModi #IndiaForeignPolicy #GlobalSouth #China #USA #Russia #Geopolitics #IndianPolitics

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