‘मुझसे 6 जून को एयरपोर्ट पर मिलें’: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का ऐलान
ऑनलाइन आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को जारी सीबीएसई और नीट विवादों के बीच एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए चरणबद्ध योजना जारी की है. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका से वापस लौटने की घोषणा की है, जहाँ वे एक छात्र हैं.
‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के अनुसार, एक बयान में दिपके ने कहा कि वह 6 जून को भारत लौटेंगे और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
सीजेपी संस्थापक ने कहा, "लेकिन मुझे अभी भी उम्मीद है कि हमारा देश एक लोकतंत्र है और हमें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मिलेगी. मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मैं गांधी, अंबेडकर, भगत सिंह और नेहरू का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ और मैं किसी भी अन्य चीज़ से बढ़कर भारत के संविधान में विश्वास रखता हूँ, जो हमें लोकतंत्र में अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार देता है."
'हम कब तक डर के साए में जिएंगे?'
अपने वीडियो संदेश में दिपके ने जेल जाने के डर का जिक्र करते हुए कहा कि हम, भारतीयों के रूप में, अब और डर में नहीं जी सकते.
उन्होंने कहा, "यह देश किसी एक पार्टी का नहीं है. यह देश हम सबका है. यह हमारे भविष्य का सवाल है." दिपके ने आगे कहा कि "शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से" अपनी आवाज़ उठाना भारतीयों के रूप में हमारी ज़िम्मेदारी है.
उन्होंने आगे जोड़ा, "अब हमारे देश के लिए कुछ करने की हमारी बारी है. क्योंकि अगर आज हम कुछ नहीं करेंगे, तो कौन करेगा? हम कब तक किसी और के आने, आवाज़ उठाने और हमें बचाने का इंतज़ार करेंगे? इसलिए संविधान में विश्वास रखने वाले सभी शांतिप्रिय लोग और कॉकरोच (सीजेपी समर्थक), आइए लाखों छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए एक साथ आएं."
यह विरोध प्रदर्शन, इस व्यंग्यात्मक राजनीतिक संगठन (सैटायरिकल पॉलिटिकल ऑउटफिट) को शुरू करने के बाद से सीजेपी संस्थापक की पहली भारत यात्रा होगी.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश में दिपके ने कहा कि वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने के लिए भारत आ रहे हैं.
उन्होंने कहा, "आप इतने दिनों से देख रहे हैं कि हम सोशल मीडिया पर आवाज़ उठा रहे हैं कि पेपर लीक के कारण, नीट के जिन बच्चों ने आत्महत्या की और लाखों छात्रों की जो कड़ी मेहनत बर्बाद हुई है, उसके लिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए."
सीजेपी संस्थापक ने विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे संगठन के अनुयायियों के लिए कुछ चरणबद्ध निर्देश भी जारी किए.
दिपके ने कहा, "मैंने फैसला किया है कि मैं 6 जून, शनिवार की सुबह दिल्ली आऊँगा. आप सभी मुझसे एयरपोर्ट पर मिलें. हम सब मिलकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे."
उन्होंने आगे कहा, "अब समय आ गया है कि हम सभी भारत के संविधान के रास्ते पर चलते हुए एक साथ आएं, और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज़ उठाएं. अगर हम मिलकर आवाज़ उठाएंगे, तो उन्हें हमारी बात ज़रूर सुननी पड़ेगी."
दिपके ने यह भी बताया कि उनके दोस्त और परिवार वाले अभी भी इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि उनके इन कदमों के कारण उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.

