राज्यसभा चुनाव: मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज
मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में एक बड़ा उलटफेर सामने आया है, जहाँ कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) द्वारा खारिज कर दिया गया. यह कार्रवाई भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की आपत्ति के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने तेलंगाना में लंबित एक मामले की जानकारी अपने चुनावी हलफनामे में जानबूझकर छुपाई थी. ‘द हिंदू ब्यूरो’ के मुताबिक, नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मध्य प्रदेश कैबिनेट के मंत्रियों राकेश सिंह और कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा, उम्मीदवार महेश केवट और कई विधायकों व नेताओं ने विधानसभा भवन में मौजूद रहकर इसका जश्न मनाया. सरकार में मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, नामांकन फॉर्म में गंभीर गलतियाँ थीं और वह अधूरा था.
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस फैसले को तकनीकी रूप से गलत ठहराते हुए इसके खिलाफ अदालत जाने के संकेत दिए हैं. कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने स्पष्ट किया कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला या एफआईआर दर्ज नहीं है; उन्हें केवल 10 करोड़ रुपये के मुआवजे का एक नोटिस मिला था, जिसका उनके वकील ने जवाब दे दिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक हलफनामे में केवल दर्ज मामलों (एफआईआर) की जानकारी देना अनिवार्य होता है, न कि किसी नोटिस की. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें परेशान कर रही है.

