द गार्डियन | ‘कॉकरोच’ विरोध प्रदर्शनों ने भारत सरकार की दरारों को किस तरह उजागर किया है
'द गार्डियन' में हेटी ओ'ब्रायन की रिपोर्ट: जानिए कैसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के छात्र आंदोलन ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ पीएम मोदी की अजेय छवि और भाजपा के नैरेटिव को चुनौती दी.
टी.एम. कृष्णा | मुद्दे पेपर लीक से आगे बढ़ गए
टी.एम. कृष्णा का विशेष विश्लेषण: जानिए कैसे CJP छात्र आंदोलन ने केंद्र सरकार को झुकाया और शहरी मध्यम वर्ग व सामाजिक न्याय पर नए सवाल खड़े किए.
जनाक्रोश का मनोविज्ञान: सरकार ने सीजेपी आंदोलन को समझने में भारी भूल की : आशीष नंदी
'द टेलीग्राफ ऑनलाइन' में आशीष नंदी का विश्लेषण: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे का सच, जानिए कैसे CJP का 'जेन-ज़ी' आंदोलन सरकार के लिए अप्रत्याशित साबित हुआ.
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कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध के बाद: सरकारों और संस्थानों की अगली परीक्षा
'साऊथ फर्स्ट' का विशेष विश्लेषण: जानिए कैसे कॉकरोच जनता पार्टी के छात्र आंदोलन ने भारतीय लोकतंत्र में सरकार और जेन-ज़ी के बीच संवाद व पारदर्शिता के नए दौर की नींव रखी है.
सीजेपी का प्रभाव! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और शौचालयों को लेकर देश भर में सड़कों पर उतरे छात्र
'द टेलीग्राफ' रिपोर्ट: जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के बाद देश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी को लेकर यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र व बिहार में सड़कों पर उतरे छात्र.
दिल्ली की सड़कों ने बताया-“भारत गुस्से में है”. पर हम अब भी गलत सवाल क्यों पूछ रहे हैं?
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में वैष्णवी सिन्हा और स्वप्निल जोगलेकर का विश्लेषणात्मक लेख. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के डिजिटल मीम से धरातल पर उतरे छात्र आंदोलन, मुख्यधारा मीडिया की भूमिका और नागरिक अधिकारों पर विशेष टिप्पणी.

