‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से ‘दिमागी नक्सल’ तक: जब जवाबों की जगह लेबल ले लेते हैं
'काउंटरकरंट्स' में मोहम्मद ज़ियाउल्लाह खान का विश्लेषण: 'दिमागी नक्सल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसे लेबल पर नई पीढ़ी के सवाल, असहमति और लोकतंत्र पर बड़ा विमर्श.
राकेश कायस्थ | दिमागी नक्सल’ के पीछे की राजनीति क्या है?
'हरकारा डीप डाइव' में राकेश कायस्थ का विश्लेषण: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान, 'बौद्धिक समाजवाद' और असहमति की आवाजों पर बढ़ता राजनीतिक दबाव.
दिनकर कपूर | सामाजिक सरोकार वाले नागरिक और नई पीढ़ी समस्या नहीं, समाधान हैं
दिनकर कपूर का विश्लेषण: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान, गिरती सरकारी व्यवस्था, पूर्वांचल के ज़मीनी हालात और असहमति के संवैधानिक अधिकारों पर तीखे सवाल.

