बंगाल एसआईआर ट्रिब्यूनल से इस्तीफा देने वाले जज ने चुनाव आयोग द्वारा जोड़े गए नामों से अधिक मतदाताओं को मंजूरी दी थी, फिर बाकी ने क्या किया?
पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने से एक दिन पहले, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के आंकड़ों से पता चला कि विवादित एसआईआर (सत्यापन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नामों वाले लोगों की कम से कम 1,607 अपीलों को अपीलीय न्यायाधिकरणों (ट्रिब्यूनल्स) ने मंजूरी दे दी थी और उन्हें वापस मतदाता सूची में जोड़ दिया गया था.
अपूर्वानंद | एसआईआर के विरोधी दलों को बंगाल चुनाव से दूर रहना चाहिए था. अब उन्होंने मतदाताओं के नाम काटे जाने को सामान्य बना दिया है
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 2026 विधानसभा चुनाव परिणामों से उभरने वाला सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह है: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का विचार अब पूरी तरह दफ़न हो चुका है. पराकाल प्रभाकर स्पष्ट पीड़ा के साथ लिखते हैं कि यदि पश्चिम बंगाल में 27 लाख वैध मतदाताओं का मताधिकार छीन लिया जाना हमारी सबसे गहरी चिंता नहीं बनती, तो हमें स्वयं को लोकतंत्र कहना बंद कर देना चाहिए.
बंगाल में भाजपा की जीत के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने बंगाली भाषी मुसलमानों के ‘पुश-इन’ के खिलाफ चेताया
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ऐतिहासिक बहुमत हासिल करने के एक दिन बाद, बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य में नई सरकार के तहत "पुश-इन" (सीमा पार धकेलने) की घटनाएं बढ़ती हैं, तो ढाका इसका जवाब देगा.
बंगाल में भाजपा का ‘पोरिबोर्तन’, तमिलनाडु में विजय का धमाकेदार आगाज़, कांग्रेस की केरल में वापसी
पूरब में विपक्ष के आखिरी गढ़ को ढहाते हुए भाजपा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी को करारी शिकस्त देकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया. साथ ही, असम में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है. तमिलनाडु ने एक और चौंकाने वाला जनादेश दिया है, जहाँ अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेट्री कझगम), जो एक नई खिलाड़ी है…
बंगाल चुनाव में वोटर लिस्ट विवाद और मुसलमानों की भागीदारी पर उठते सवाल
पश्चिम बंगाल चुनाव के माहौल और एग्जिट पोल बताते हैं कि ममता बनर्जी और टीएमसी के सामने इस बार कड़ी चुनौती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के लिए अवसर बन सकता है. हालांकि, बंगाल में एग्जिट पोल के बार-बार गलत साबित होने का इतिहास भी है. इसके साथ ही हरकारा डीप डाइव के इस एपिसोड में प्रोफेसर अपूर्वानंद के साथ पश्चिम बंगाल चुनाव, मतदाता सूची, और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर गहन चर्चा की.

