ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव ठुकराया, कहा- परमाणु समझौता होने तक जारी रहेगी नौसैनिक नाकेबंदी
अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सियोस के रिपोर्टर बराक राविड की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है जिसमें पहले होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने और नाकेबंदी हटाने, और फिर परमाणु वार्ता को बाद के चरण तक टालने की बात कही गई थी. ट्रंप ने एक्सियोस को बताया कि जब तक ईरानी शासन अमेरिका की चिंताओं को दूर करने वाले परमाणु समझौते पर सहमत नहीं हो जाता, तब तक वह ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेंगे.
रिपोर्ट के मुताबिक़, यूएस सेंट्रल कमांड ने बातचीत के इस गतिरोध को तोड़ने के लिए ईरान के बुनियादी ढांचों को निशाना बनाते हुए “छोटी और ताक़तवर” एयर स्ट्राइक की योजना तैयार की है. इसके बाद अमेरिका ईरान पर बातचीत की मेज़ पर लौटने और लचीलापन दिखाने का दबाव बनाएगा. हालांकि, ट्रंप ने सैन्य हमले के बजाय नाकेबंदी को ज़्यादा असरदार माना है. उन्होंने बुधवार को एक्सियोस से एक फ़ोन इंटरव्यू में कहा कि “नाकेबंदी बमबारी से कुछ ज़्यादा प्रभावी है. उनका दम घुट रहा है और उनके लिए हालात और ख़राब होने वाले हैं. वे परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकते.”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि नाकेबंदी के कारण ईरान अपना तेल निर्यात नहीं कर पा रहा है और उसके तेल भंडार व पाइपलाइन “फटने की कगार पर हैं”. उन्होंने एआई द्वारा बनाई गई अपनी एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें वह बंदूक पकड़े हुए हैं और इसका कैप्शन है- “नो मोर मिस्टर नाइस गाय”. दूसरी तरफ़, अंग्रेज़ी भाषा के ईरानी सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के हवाले से एक वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा सूत्र ने बुधवार को चेतावनी दी है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का जल्द ही “व्यावहारिक और अभूतपूर्व कार्रवाई” के साथ जवाब दिया जाएगा. ईरान का कहना है कि उनकी सेना ने अब तक कूटनीति को मौक़ा देने के लिए संयम बरता है, लेकिन उनके धैर्य की भी एक सीमा है और अगर नाकेबंदी जारी रही तो कड़ा जवाब देना ज़रूरी हो जाएगा.

