सुशांत सिंह | मोदी और ट्रंप 2.0 की क्षतिग्रस्त साझेदारी खोखले कूटनीतिक दिखावे की कहानी
वरिष्ठ रक्षा विश्लेषक और पत्रकार सुशांत सिंह के इस विशेष वैचारिक आलेख में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राजदूत सेर्जियो गोर के हालिया भारत दौरे की रणनीतिक समीक्षा की गई है. लेखक के अनुसार, दूसरे ट्रंप प्रशासन के तहत भारत-अमेरिका साझेदारी के तीन पारंपरिक स्तंभ—हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन विरोधी रणनीतिक तालमेल, भारत का व्यापार अधिशेष और एच-1बी (H-1B) वीजा आधारित जन-से-जन संबंध—बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. अगले 5 वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने के दबाव, क्वाड (Quad) के अवमूल्यन और अमेरिकी रणनीतिक छत्र के बिना चीन-पाकिस्तान के दोहरे मोर्चे से बचने के लिए बीजिंग को दी जा रही कूटनीतिक रियायतों पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.
सऊदी अरब और यूएई ने किए ईरान पर गुप्त हमले- मध्य पूर्व युद्ध का नया और ख़तरनाक मोड़
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध ने एक बड़ा और अभूतपूर्व मोड़ ले लिया है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो वर्तमान और एक पूर्व वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से ख़ुलासा किया है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अलग-अलग ईरान पर सीधे हमले किए — और यह पहली बार है जब इन दोनों देशों ने खुलकर ईरान पर सीधी सैन्य कार्रवाई की है.
शोभन सक्सेना | अगर अमेरिका अपना हाथ खींच ले, तो इज़राइल आर्थिक और राजनीतिक तौर पर टिक नहीं पाएगा
हरकारा डीप डाइव के इस विस्तृत इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार नितीश त्यागी और ब्राज़ील से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार शोभन सक्सेना ने ईरान-इज़राइल युद्ध, डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के रिश्तों, अमेरिका की वैश्विक रणनीति, पेट्रो-डॉलर राजनीति, भारत की विदेश नीति और पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की. बातचीत की शुरुआत इस सवाल से होती है कि आखिर क्यों अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किया गया युद्ध अब उनके नियंत्रण से बाहर जाता दिखाई दे रहा है और क्यों दुनिया भर के बाज़ार, तेल व्यापार और कूटनीतिक समीकरण इससे अस्थिर हो गए हैं.
शोभन सक्सेना | अगर अमेरिका अपना हाथ खींच ले, तो इज़राइल आर्थिक और राजनीतिक तौर पर टिक नहीं पाएगा
हरकारा डीप डाइव के इस विस्तृत इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार नितीश त्यागी और ब्राज़ील से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार शोभन सक्सेना ने ईरान-इज़राइल युद्ध, डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के रिश्तों, अमेरिका की वैश्विक रणनीति, पेट्रो-डॉलर राजनीति, भारत की विदेश नीति और पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की. बातचीत की शुरुआत इस सवाल से होती है कि आखिर क्यों अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किया गया युद्ध अब उनके नियंत्रण से बाहर जाता दिखाई दे रहा है और क्यों दुनिया भर के बाज़ार, तेल व्यापार और कूटनीतिक समीकरण इससे अस्थिर हो गए हैं.
ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव ठुकराया, कहा- परमाणु समझौता होने तक जारी रहेगी नौसैनिक नाकेबंदी
अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सियोस के रिपोर्टर बराक राविड की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है जिसमें पहले होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने और नाकेबंदी हटाने, और फिर परमाणु वार्ता को बाद के चरण तक टालने की बात कही गई थी. ट्रंप ने एक्सियोस को बताया कि जब तक ईरानी शासन अमेरिका की चिंताओं को दूर करने वाले परमाणु समझौते पर सहमत नहीं हो जाता, तब तक वह ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेंगे.

