सुदीप ठाकुर | जेन जी के जार्गन में उलझी सरकार
वरिष्ठ पत्रकार सुदीप ठाकुर का विशेष विश्लेषण. एसआरसी में दिए 2013 के भाषण से लेकर जंतर-मंतर पर 2026 के 'जेन-ज़ी' आंदोलन तक—जानिए कैसे युवाओं की प्रतिरोध की भाषा और जार्गन के सामने असहज दिख रही है सत्ता.
जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शनों में पारंपरिक मीडिया क्यों निशाने पर है?
‘साउथ फर्स्ट’ की विशेष रिपोर्ट. जंतर-मंतर पर जेन-ज़ी छात्र आंदोलन के दौरान मुख्यधारा मीडिया और "गोदी मीडिया" के खिलाफ बढ़ता आक्रोश, पत्रकारों की चुनौतियाँ और मीडिया की साख पर गहराते सवाल.
छात्रों के प्रदर्शनों के बीच, दिल्ली पुलिस को एनएसए के तहत किसी को भी एक साल के लिए हिरासत में लेने का अधिकार मिला
‘पीटीआई’ की रिपोर्ट. दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत संधू ने दिल्ली पुलिस की NSA (रासुका) के तहत हिरासत की शक्तियां 18 अक्टूबर तक बढ़ाईं; सीजेपी प्रदर्शनों के बीच उठा विवाद.
चोट के निशान, फटे लिगामेंट और न झुकने का संकल्प: संसद मार्च के बाद वापस लौटे छात्र
‘द टेलीग्राफ’ में देबायन दत्ता की रिपोर्ट. संसद मार्च में पुलिस लाठीचार्ज के बाद घायल छात्र फिर जंतर-मंतर पर लौटे; चंदन, अंजलि और तन्वी का संकल्प और आंखों देखी दास्तान.
“वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेज रहे हैं, लेकिन हमारा क्या?”; सुबह होते ही लोगों के समुद्र में तब्दील हो गई मध्य दिल्ली
‘पीटीआई’ की रिपोर्ट. दिल्ली में सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और अनधिकृत ड्रोन वीडियो वायरल होने पर दिल्ली पुलिस की जांच और गतिरोध का विवरण.

