गिल्स वर्नियर्स | पार्टी का खेल बिगाड़ने वाले मतदाताओं की पसंद को खारिज कर रहे हैं
"राजनीतिक वैज्ञानिक गिल्स वर्नियर्स के इस विशेष वैचारिक लेख में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों द्वारा पाला बदलकर एनडीए (NDA) को समर्थन देने की अटकलों के बीच भारतीय राजनीति में बढ़ते दलबदल संकट का गहरा विश्लेषण किया गया है. लेखक ने महाराष्ट्र (शिवसेना-एनसीपी), मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गोवा के उदाहरणों के जरिए स्पष्ट किया है कि सामूहिक इस्तीफे और विभाजन कभी स्वतःस्फूर्त नहीं होते, बल्कि इनके पीछे सत्ताधारी दल (BJP) की सुनियोजित इंजीनियरिंग होती है. लेख में पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के क्रूर क्षेत्रीय कारक, कमजोर वैचारिक आधार, व्यावसायिक राजनीति, दलबदल विरोधी कानून (1985) की कानूनी खामियों और लोकसभा व राज्यसभा के संसदीय गणित पर इसके दूरगामी लोकतांत्रिक प्रभावों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है.
श्रवण गर्ग | मोदी के डर से मुक्त होने का क्या यही सबसे अच्छा अवसर नहीं है ?
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के इस विस्तृत राजनीतिक विश्लेषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द बने प्रभावशाली तंत्र, उनकी छवि के ‘कल्ट’ में बदलने और उसके सामाजिक-राजनीतिक असर की गहराई से पड़ताल की गई है. लेख में यह सवाल उठाया गया है कि क्या देश की राजनीति एक व्यक्ति केंद्रित विमर्श में सिमटती जा रही है और इसका लोकतंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है. साथ ही, विपक्ष की रणनीति, जनता के मनोविज्ञान, डर की राजनीति और सत्ता के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई है. लेख पाठकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या यह समय डर से मुक्त होकर लोकतांत्रिक मूल्यों को पुनः स्थापित करने का सबसे उपयुक्त अवसर है.

