आकार पटेल | नये भारत का जायजा
वरिष्ठ पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल के इस विशेष विश्लेषणात्मक लेख के अनुसार, असम और गुजरात जैसे राज्यों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ संपत्ति खरीद-बिक्री के नियमों को कड़ा कर 'घेटोकरण' और 'अपार्थेड' (अलगाव) जैसी व्यवस्था को संस्थागत रूप दिया जा रहा है. असम में भाजपा द्वारा दो अलग-अलग धर्मों के बीच ज़मीन सौदों के लिए स्पेशल ब्रांच पुलिस जांच की अनिवार्यता और गुजरात में 'डिस्टर्ब्ड एरियाज़ एक्ट' (अशांत क्षेत्र अधिनियम) के तीन दशकों से जारी विस्तार पर लेखक ने गंभीर सवाल उठाए हैं. लेख में 2009 और 2019 के संशोधनों, कलेक्टर के विवेकाधीन अधिकारों, छह साल की जेल के प्रावधान और अमेरिका के 'फेयर हाउसिंग एक्ट' की तुलना के माध्यम से 'गुजरात मॉडल' की अंतर्निहित प्राथमिकताओं पर विस्तृत विश्लेषण पढ़ें.
आकार पटेल | सिर्फ लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहना महानता का प्रमाण नहीं
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल और निधीश त्यागी ने राम माधव के लेख के आलोक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल और उनकी राजनीतिक विरासत की समीक्षा की है. चर्चा में जवाहरलाल नेहरू द्वारा निर्मित आधुनिक भारत की बुनियादी संस्थाओं (वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च शिक्षा) की तुलना वर्तमान दौर के ढांचागत व डिजिटल विकास से की गई है. सकल घरेलू उत्पाद (GDP), रोजगार के संकट, विदेश नीति और देश की सांस्कृतिक विविधता जैसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस पूरी बातचीत का विश्लेषण यहाँ पढ़ें.
आकार पटेल | लंबाई बनाम विरासत
वरिष्ठ लेखक और विश्लेषक आकार पटेल के इस विशेष वैचारिक आलेख में भाजपा नेता राम माधव के उस लेख की तार्किक समीक्षा की गई है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार 4,399 दिन पद पर रहने के रिकॉर्ड की सराहना की गई है. लेखक ने कार्यकाल की लंबाई की तुलना स्कोरबोर्ड (परिणामों) से करते हुए जवाहरलाल नेहरू और नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक विरासतों का विश्लेषण किया है. वर्ल्ड बैंक के आर्थिक आंकड़ों, ऐतिहासिक संस्थानों के निर्माण, 'भारत की मूल बहुलतावादी अवधारणा' और समकालीन राजनीतिक नीतियों के समाज पर पड़ रहे दीर्घकालिक प्रभावों के साथ पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.
आकार पटेल | ओडिशा में ईसाइयों के ख़िलाफ़ अत्याचार
मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल ने ओडिशा में ईसाई आदिवासियों के खिलाफ हो रही संगठित हिंसा, सामाजिक बहिष्कार और संवैधानिक तंत्र की विफलता का खुलासा किया है. जन-न्यायाधिकरण की 300 गवाहियों पर आधारित एक विचलित करने वाली रिपोर्ट
आकार पटेल | ध्रुवीकरण की राजनीति
अगर आप एक सामान्य नागरिक हैं, तो आपके पास समर्थन करने और वोट देने के लिए अनेक पार्टियाँ हैं. डीएमके, एडीएमके, टीडीपी, एनसीपी, पीडीपी, टीएमसी, आईएनसी, जेडी(एस) और जेडी(यू) हैं, एनसीपी, टीआरएस, नई टीवीके, सीपीएम, सीपीआई और भी बहुत-सी पार्टियाँ हैं. अलग-अलग एजेंडे वाली पार्टियों की कोई कमी नहीं है.

