श्रवण गर्ग | अगर डीलिमिटेशन बिल नहीं आया तो सरकार के लिए यह सबसे बड़ा धक्का है
'हरकारा डीप डाइव' में श्रवण गर्ग: संसद सत्र, छात्र आंदोलन पर सरकार की टकराव रणनीति, अमित शाह की दूरी और परिसीमन बिल पर बड़ा राजनीतिक विश्लेषण.
अजित साही | लोकतंत्र की मजबूती इस बात से तय होती है कि सरकार आलोचना को कितनी जगह देती है
'हरकारा डीप डाइव' लाइव में अजित साही का विश्लेषण: छात्र आंदोलन के बाद पुलिस कार्रवाई, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही पर उठते गंभीर सवाल.
श्रवण गर्ग | देश की हुकूमत को मोदी जी नहीं चला रहे हैं. या तो अमित शाह चला रहे हैं या कोई तीसरी शक्ति
'हरकारा डीप डाइव' लाइव में श्रवण गर्ग का विश्लेषण: छात्र आंदोलन के बाद गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका, संसद में गतिरोध और विपक्ष के हमलों पर उठते बड़े राजनीतिक सवाल.
आकर पटेल | धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शिक्षा व्यवस्था का समाधान नहीं, लेकिन जवाबदेही का प्रतीक जरूर होगा.
‘हरकारा डीप डाइव’ की विशेष चर्चा. संपादक निधीश त्यागी और मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल के बीच परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और सोनम वांगचुक के आंदोलन पर गंभीर विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | सरकार की नजर में वांगचुक साहब की स्थिति अभी उतनी गंभीर नहीं है, जितनी चिंता देश में व्यक्त की जा रही है.
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी का विशेष विश्लेषण; जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के आमरण अनशन, मांगों और इस आंदोलन की बदलती दिशा पर विस्तृत चर्चा.
अपूर्वानंद | राम मंदिर से जुड़े मौजूदा विवाद को केवल चढ़ावे की कथित अनियमितता तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस एपिसोड में निधीश त्यागी ने प्रोफेसर अपूर्वानंद से राम मंदिर ट्रस्ट में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं, सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले और इसके राजनीतिक संदर्भ पर विशेष बातचीत की.
शोभन सक्सेना | भारत फुटबॉल में इसलिए पीछे है क्योंकि यहां खेल की सामाजिक और संस्थागत संस्कृति विकसित नहीं हो पाई
‘हरकारा डीप डाइव’ के विशेष एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार शोभन सक्सेना से की खास बातचीत; फीफा विश्व कप, ब्राजील और अर्जेंटीना की फुटबॉल संस्कृति और भारत में खेल की स्थिति का विश्लेषण.
राकेश कायस्थ | संघ और भाजपा के भीतर मौजूद अंतर्विरोध अब पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट होकर सामने आ रहे हैं
‘हरकारा डीप डाइव’ के विशेष एपिसोड में निधीश त्यागी और राकेश कायस्थ के बीच राम मंदिर विवाद, आरएसएस-भाजपा (RSS-BJP) संबंध, जवाबदेही और हिंदुत्व की राजनीति पर गहन वैचारिक चर्चा.
रिबॉर्न मनीष | आस्था के नाम पर खड़ी राजनीति को अब जवाबदेही की कसौटी पर खड़ा होना पड़ेगा
'हरकारा डीप डाइव' के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी और रीबोर्न मनीष (Reborn Manish) के बीच राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर विशेष चर्चा. जानिए तीन दशकों की आस्था, राजनीति और जवाबदेही के संकट का गहरा विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | जब पासपोर्ट, आधार, वोटर आईडी और पैन भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, लोग अपनी नागरिकता कैसे साबित करेंगे?
'हरकारा डीप डाइव' में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग की विशेष चर्चा. विदेश मंत्रालय के 'पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं' वाले बयान के बाद देश में बढ़े असमंजस, बिहार के 'SIR' अभियान और नागरिकता साबित करने के दस्तावेजी संकट पर गंभीर विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | विपक्ष का पोस्टमार्टम करने वालों को यह भी देखना चाहिए कि उनकी अपनी सेहत कैसी है.
'हरकारा डीप डाइव' के लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी का विशेष राजनीतिक विश्लेषण. जानिए कर्नाटक में संघ पर उठे सवालों, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की भूमिका, मध्य प्रदेश के जमीन विवाद और भाजपा-आरएसएस के आंतरिक अंतर्विरोधों पर पूरी पड़ताल.
श्रवण गर्ग | सरकार ने अपनी जनता, अपने वोटर्स, अपना मीडिया, अपना चुनाव आयोग, अपने पाठ्यक्रम चुन लिए हैं.
'हरकारा डीप डाइव' (Harkara Deep Dive) के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने आगामी मानसून सत्र, विपक्षी दलों में टूट और भारतीय लोकतंत्र के भविष्य पर गंभीर चर्चा की. जानिए क्या संसद का यह सत्र देश की राजनीति के लिए निर्णायक मोड़ साबित होगा.
कार्टूनिस्ट मंजुल | 2016 के आसपास से यह निर्देश आने शुरू हो गए थे कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह का चेहरा कार्टून में नहीं दिखाना है.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने देश के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट मंजुल के साथ जो सैको की मुजफ्फरनगर दंगों पर केंद्रित आगामी ग्राफिक नॉवेल को लेकर उपजे विवाद पर एक विस्तृत और गंभीर चर्चा की है. बातचीत के दौरान मंजुल ने खुलासा किया कि कैसे प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस कथित तौर पर किताब की मूल सामग्री में बदलाव चाहता है, जिसे ग्राफिक पत्रकार जो सैको सेंसरशिप मानते हुए खारिज कर रहे हैं. मंजुल ने इसे केवल एक किताब का विवाद न मानकर भारत में मुख्यधारा के मीडिया से गायब होते राजनीतिक कार्टूनों, संभावित सरकारी व सामाजिक दबावों के डर से पैदा हुई 'सेल्फ-सेंसरशिप' और लोकतांत्रिक समाज में असहमति व वैकल्पिक विचारों के सिकुड़ते दायरे का एक बड़ा प्रतीक बताया है.
41 प्रतिशत वोट और अकेली पड़ गईं ममता
हरकारा एक्सप्लेनर’ के विशेष लाइव इंटरव्यू में पत्रकार निधीश त्यागी और विश्वजीत कुमार ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का गहन विश्लेषण किया है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरती दिख रही है. विधानसभा में रितब्रत बनर्जी को 58 विधायकों के समर्थन से नेता प्रतिपक्ष की मान्यता मिलने के बाद अब लोकसभा के 28 में से 20 सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एनडीए (NDA) को समर्थन देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुई इस बड़ी राजनीतिक हलचल और केंद्र सरकार के 313 तक पहुँचते नए संख्या बल पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
आकार पटेल | सिर्फ लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहना महानता का प्रमाण नहीं
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल और निधीश त्यागी ने राम माधव के लेख के आलोक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल और उनकी राजनीतिक विरासत की समीक्षा की है. चर्चा में जवाहरलाल नेहरू द्वारा निर्मित आधुनिक भारत की बुनियादी संस्थाओं (वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च शिक्षा) की तुलना वर्तमान दौर के ढांचागत व डिजिटल विकास से की गई है. सकल घरेलू उत्पाद (GDP), रोजगार के संकट, विदेश नीति और देश की सांस्कृतिक विविधता जैसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस पूरी बातचीत का विश्लेषण यहाँ पढ़ें.
श्रवण गर्ग | देश की जनता आश्वासन चाहती है कि आपातकाल नहीं लगेगा
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन, अभिजीत दीपके की भारत वापसी और राहुल गांधी के हालिया बयानों के राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण किया है. श्रवण गर्ग ने CJP की अचानक बढ़ती लोकप्रियता, उसकी फंडिंग और वास्तविक उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए इसकी तुलना 2011 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन से की है. नीट परीक्षा घोटाले से उपजे छात्र असंतोष और जून के महीने में आपातकाल (1975) की चर्चाओं के दोबारा उभरने पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विमर्श.
डॉ इस्तिखार अली | मुसलमानों को कानूनी नहीं, मनोवैज्ञानिक तौर पर सेकंड क्लास सिटिजन बना दिया गया है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी ने जेएनयू (JNU) के शोधकर्ता डॉ. इस्तिखार अली से उनकी 4200 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल यात्रा के अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की. मुस्लिम मानसिक स्वास्थ्य (Muslim Mental Health) पर बात करते हुए डॉ. अली ने बताया कि कैसे सोशल मीडिया पर नफरत, सार्वजनिक भेदभाव और असुरक्षा की भावना युवाओं व बच्चों में गहरा मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा कर रही है. उत्तर और दक्षिण भारत के सामाजिक माहौल में अंतर, संवाद की कमी और पूर्वाग्रहों के प्रभाव पर पढ़ें यह पूरी विशेष रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | ममता को बंगाल के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक हाईजैक नहीं करने देना चाहिए
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने पश्चिम बंगाल में चुनावी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सामने खड़ी संगठनात्मक चुनौतियों और 6 जून को होने वाली 'इंडिया गठबंधन' की बैठक पर गंभीर चर्चा की है. विश्लेषकों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसी शीर्ष कड़ियों पर हुए हमलों के पीछे 15 साल के शासन से उपजा जन-असंतोष भी हो सकता है. राहुल गांधी पर राजनीतिक हमलों, सीबीएसई-नीट परीक्षा विवाद और विपक्षी एकता के राष्ट्रीय एजेंडे पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.
अपूर्वानंद | 12वीं कक्षा के बच्चों ने हमें आंख में उंगली डालकर दिखलाया कि यह व्यवस्था कितनी त्रुटिपूर्ण है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन विवाद और ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम (OSM) की तकनीकी व संस्थागत खामियों पर विस्तार से चर्चा की है. संवाद में उठाया गया है कि कैसे एक विवादित निजी कंपनी को डिजिटल मूल्यांकन का जिम्मा सौंपकर लाखों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाया गया. भारत की परीक्षा-केंद्रित कोचिंग संस्कृति, युवाओं पर मानसिक दबाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं के संकट पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | मोदी जी स्टीयरिंग पर दिखते हैं, पर गाड़ी ड्राइवरलेस है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने भारतीय राजनीति के बदलते शक्ति संतुलन पर गहरी चर्चा की है. श्रवण गर्ग के अनुसार, विपक्ष आज भी अपनी पूरी राजनीति केवल नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द केंद्रित रखे हुए है, जबकि अमित शाह सरकार के 'चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर' (COO) के रूप में वास्तविक प्रशासनिक और सांगठनिक संरचना को नियंत्रित कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन की चुनौतियां, बेरोजगारी-महंगाई के मुद्दे और संस्थागत शक्ति संतुलन पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विश्लेषण.

