श्रवण गर्ग | जब पासपोर्ट, आधार, वोटर आईडी और पैन भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, लोग अपनी नागरिकता कैसे साबित करेंगे?
'हरकारा डीप डाइव' में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग की विशेष चर्चा. विदेश मंत्रालय के 'पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं' वाले बयान के बाद देश में बढ़े असमंजस, बिहार के 'SIR' अभियान और नागरिकता साबित करने के दस्तावेजी संकट पर गंभीर विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | विपक्ष का पोस्टमार्टम करने वालों को यह भी देखना चाहिए कि उनकी अपनी सेहत कैसी है.
'हरकारा डीप डाइव' के लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी का विशेष राजनीतिक विश्लेषण. जानिए कर्नाटक में संघ पर उठे सवालों, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की भूमिका, मध्य प्रदेश के जमीन विवाद और भाजपा-आरएसएस के आंतरिक अंतर्विरोधों पर पूरी पड़ताल.
श्रवण गर्ग | सरकार ने अपनी जनता, अपने वोटर्स, अपना मीडिया, अपना चुनाव आयोग, अपने पाठ्यक्रम चुन लिए हैं.
'हरकारा डीप डाइव' (Harkara Deep Dive) के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने आगामी मानसून सत्र, विपक्षी दलों में टूट और भारतीय लोकतंत्र के भविष्य पर गंभीर चर्चा की. जानिए क्या संसद का यह सत्र देश की राजनीति के लिए निर्णायक मोड़ साबित होगा.
कार्टूनिस्ट मंजुल | 2016 के आसपास से यह निर्देश आने शुरू हो गए थे कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह का चेहरा कार्टून में नहीं दिखाना है.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने देश के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट मंजुल के साथ जो सैको की मुजफ्फरनगर दंगों पर केंद्रित आगामी ग्राफिक नॉवेल को लेकर उपजे विवाद पर एक विस्तृत और गंभीर चर्चा की है. बातचीत के दौरान मंजुल ने खुलासा किया कि कैसे प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस कथित तौर पर किताब की मूल सामग्री में बदलाव चाहता है, जिसे ग्राफिक पत्रकार जो सैको सेंसरशिप मानते हुए खारिज कर रहे हैं. मंजुल ने इसे केवल एक किताब का विवाद न मानकर भारत में मुख्यधारा के मीडिया से गायब होते राजनीतिक कार्टूनों, संभावित सरकारी व सामाजिक दबावों के डर से पैदा हुई 'सेल्फ-सेंसरशिप' और लोकतांत्रिक समाज में असहमति व वैकल्पिक विचारों के सिकुड़ते दायरे का एक बड़ा प्रतीक बताया है.
41 प्रतिशत वोट और अकेली पड़ गईं ममता
हरकारा एक्सप्लेनर’ के विशेष लाइव इंटरव्यू में पत्रकार निधीश त्यागी और विश्वजीत कुमार ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का गहन विश्लेषण किया है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरती दिख रही है. विधानसभा में रितब्रत बनर्जी को 58 विधायकों के समर्थन से नेता प्रतिपक्ष की मान्यता मिलने के बाद अब लोकसभा के 28 में से 20 सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एनडीए (NDA) को समर्थन देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुई इस बड़ी राजनीतिक हलचल और केंद्र सरकार के 313 तक पहुँचते नए संख्या बल पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
आकार पटेल | सिर्फ लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहना महानता का प्रमाण नहीं
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल और निधीश त्यागी ने राम माधव के लेख के आलोक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल और उनकी राजनीतिक विरासत की समीक्षा की है. चर्चा में जवाहरलाल नेहरू द्वारा निर्मित आधुनिक भारत की बुनियादी संस्थाओं (वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च शिक्षा) की तुलना वर्तमान दौर के ढांचागत व डिजिटल विकास से की गई है. सकल घरेलू उत्पाद (GDP), रोजगार के संकट, विदेश नीति और देश की सांस्कृतिक विविधता जैसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस पूरी बातचीत का विश्लेषण यहाँ पढ़ें.
श्रवण गर्ग | देश की जनता आश्वासन चाहती है कि आपातकाल नहीं लगेगा
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन, अभिजीत दीपके की भारत वापसी और राहुल गांधी के हालिया बयानों के राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण किया है. श्रवण गर्ग ने CJP की अचानक बढ़ती लोकप्रियता, उसकी फंडिंग और वास्तविक उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए इसकी तुलना 2011 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन से की है. नीट परीक्षा घोटाले से उपजे छात्र असंतोष और जून के महीने में आपातकाल (1975) की चर्चाओं के दोबारा उभरने पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विमर्श.
डॉ इस्तिखार अली | मुसलमानों को कानूनी नहीं, मनोवैज्ञानिक तौर पर सेकंड क्लास सिटिजन बना दिया गया है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी ने जेएनयू (JNU) के शोधकर्ता डॉ. इस्तिखार अली से उनकी 4200 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल यात्रा के अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की. मुस्लिम मानसिक स्वास्थ्य (Muslim Mental Health) पर बात करते हुए डॉ. अली ने बताया कि कैसे सोशल मीडिया पर नफरत, सार्वजनिक भेदभाव और असुरक्षा की भावना युवाओं व बच्चों में गहरा मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा कर रही है. उत्तर और दक्षिण भारत के सामाजिक माहौल में अंतर, संवाद की कमी और पूर्वाग्रहों के प्रभाव पर पढ़ें यह पूरी विशेष रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | ममता को बंगाल के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक हाईजैक नहीं करने देना चाहिए
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने पश्चिम बंगाल में चुनावी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सामने खड़ी संगठनात्मक चुनौतियों और 6 जून को होने वाली 'इंडिया गठबंधन' की बैठक पर गंभीर चर्चा की है. विश्लेषकों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसी शीर्ष कड़ियों पर हुए हमलों के पीछे 15 साल के शासन से उपजा जन-असंतोष भी हो सकता है. राहुल गांधी पर राजनीतिक हमलों, सीबीएसई-नीट परीक्षा विवाद और विपक्षी एकता के राष्ट्रीय एजेंडे पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.
अपूर्वानंद | 12वीं कक्षा के बच्चों ने हमें आंख में उंगली डालकर दिखलाया कि यह व्यवस्था कितनी त्रुटिपूर्ण है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन विवाद और ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम (OSM) की तकनीकी व संस्थागत खामियों पर विस्तार से चर्चा की है. संवाद में उठाया गया है कि कैसे एक विवादित निजी कंपनी को डिजिटल मूल्यांकन का जिम्मा सौंपकर लाखों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाया गया. भारत की परीक्षा-केंद्रित कोचिंग संस्कृति, युवाओं पर मानसिक दबाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं के संकट पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | मोदी जी स्टीयरिंग पर दिखते हैं, पर गाड़ी ड्राइवरलेस है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने भारतीय राजनीति के बदलते शक्ति संतुलन पर गहरी चर्चा की है. श्रवण गर्ग के अनुसार, विपक्ष आज भी अपनी पूरी राजनीति केवल नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द केंद्रित रखे हुए है, जबकि अमित शाह सरकार के 'चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर' (COO) के रूप में वास्तविक प्रशासनिक और सांगठनिक संरचना को नियंत्रित कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन की चुनौतियां, बेरोजगारी-महंगाई के मुद्दे और संस्थागत शक्ति संतुलन पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विश्लेषण.
नवशरण सिंह | नोएडा के मजदूर सिर्फ वेतन नहीं, सम्मान और गरिमा की लड़ाई लड़ रहे हैं
हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष संवाद में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और शोधकर्ता-एक्टिविस्ट नवशरण सिंह ने अप्रैल 2026 में नोएडा व ग्रेटर नोएडा में हुए ऐतिहासिक मजदूर आंदोलन का गहरा विश्लेषण किया है. चर्चा में बताया गया है कि कैसे बढ़ती महंगाई के बीच न्यूनतम वेतन, कार्यस्थल पर शोषण और सुरक्षा की मांग कर रहे शांतिपूर्ण श्रमिकों के आंदोलन को मीडिया और प्रशासन ने हिंसा की आड़ में दबाने की कोशिश की. उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मॉडल और गिरफ्तारियों पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
“वोटर लिस्ट से नागरिकता तक”: सुप्रीम कोर्ट के एसआईआर फ़ैसले ने क्यों बढ़ा दी देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक बहस?
सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग (ECI) द्वारा बिहार सहित 12 राज्यों में चलाई गई 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को कानूनी रूप से वैध ठहरा दिया है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए वोटर लिस्ट की शुद्धता आवश्यक है. हालांकि, फैसले के बाद देश में 'दस्तावेज़ आधारित नागरिकता' और वोटिंग के अधिकार को लेकर बहस तेज हो गई है, क्योंकि इस प्रक्रिया के तहत अब तक 5 करोड़ से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव के बयानों और इसके व्यापक आर्थिक व राजनीतिक प्रभावों पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
“एक उत्तर पुस्तिका, एक छात्र और पूरा आईटी सेल”: कैसे सीबीएसई की गड़बड़ी बताने वाले छात्र को ‘पाकिस्तानी’ बना दिया गया
वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और युवा पत्रकार विश्वजीत कुमार ने सीबीएसई की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के कारण मई 2026 में हजारों छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर बात की है. 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव द्वारा फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका में लिखावट मिसमैच होने का दावा करने पर सोशल मीडिया ट्रोलर्स ने उसे 'पाकिस्तानी' और 'देश विरोधी' घोषित कर दिया था, लेकिन बाद में बोर्ड ने तकनीकी गड़बड़ी स्वीकार कर ली. राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह द्वारा उठाए गए सवालों तथा पोर्टल में 'मास्टर पासवर्ड' जैसी सुरक्षा खामियों पर पढ़ें यह विशेष एक्सप्लेनर.
श्रवण गर्ग | क्या सीजेआई द्वारा की गई एक टिप्पणी, 140 करोड़ के देश में किसी बड़े आंदोलन का ट्रिगर बन सकती है?
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी के डिजिटल शो 'हरकारा डीप डाइव' का विस्तृत विश्लेषण. इस इंटरव्यू में अचानक उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे छिपे भू-राजनीतिक और वैचारिक खेल पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. जानिए कैसे 1974 के जेपी आंदोलन और 2011 के अन्ना आंदोलन की तर्ज पर इस नए डिजिटल प्रयोग को स्थापित राजनीतिक व्यवस्था और विपक्ष दोनों को कमजोर करने वाली एक 'साजिश' के रूप में देखा जा रहा है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | नॉर्वे ने भारत के प्रेस नहीं, लोकतंत्र के घाव को खोल दिया
हरकारा डीप डाइव’ के लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने पीएम मोदी की यूरोप यात्रा, ओस्लो में प्रेस स्वतंत्रता पर उठे विवाद, भारतीय मीडिया की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं के संकट पर बेबाक चर्चा की है. जानिए क्यों सत्ता अब सवालों को हमला मानने लगी है
अपूर्वानंद | जो आरएसएस कहता है, उस पर नहीं, जो करता है उस पर ध्यान देना चाहिए
हरकारा डीप डाइव’ के लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और प्रोफेसर अपूर्वानंद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष अभियान, इसकी वित्तीय पारदर्शिता, वैचारिक दोहरेपन और इजराइल-भारत के बदलते संबंधों पर एक तीखा और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण साझा किया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
आकार पटेल | मोदी पूरे भारत नहीं हैं, जैसे ट्रंप पूरा अमेरिका नहीं हैं
हरकारा डीप डाइव' के लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल के बीच भारत-इजराइल संबंधों, गाजा युद्ध और पीएम मोदी व बेंजामिन नेतन्याहू की नजदीकियों पर तीखी चर्चा हुई. आकार पटेल ने विदेश नीति में आए बदलावों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. पढ़ें पूरा विश्लेषण.
प्रेमपाल शर्मा | एनटीए इस समय देश के नौजवानों को मुंह दिखाने लायक नहीं है
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विस्तृत इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी ने पूर्व रेलवे अधिकारी, लेखक और शिक्षा मामलों के जानकार डॉ. प्रेमपाल शर्मा के साथ नीट परीक्षा पेपर लीक, एनटीए की कार्यप्रणाली, भर्ती परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं और देश के युवाओं के भीतर बढ़ते अविश्वास पर लंबी बातचीत की. चर्चा की शुरुआत इस सवाल से हुई कि आखिर क्यों देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाएं लगातार विवाद, पेपर लीक और भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आती जा रही हैं.
श्रवण गर्ग | दुनिया का भाग्य तय हो रहा है, लेकिन भारत कहीं दिखाई नहीं दे रहा
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विस्तृत इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा, चीन-अमेरिका संबंधों, ब्रिक्स की नई दिल्ली बैठक, ईरान युद्ध, वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत की विदेश नीति की दिशा पर विस्तार से चर्चा की. बातचीत की शुरुआत इस सवाल से होती है कि आखिर क्यों पूरी दुनिया की निगाहें ट्रंप और शी चिनफिंग की मुलाकात पर टिकी हुई हैं, जबकि भारत के भीतर मीडिया और राजनीतिक विमर्श कहीं और भटका हुआ दिखाई देता है.

