प्रो. संतोष मेहरोत्रा | रोजगार कहीं अधिक पैदा हो सकता था, अगर सरकार ने समग्र औद्योगिक नीति अपनाई होती
'हरकारा डीप डाइव' के इस एपिसोड में निधीश त्यागी और अर्थशास्त्री प्रो. संतोष मेहरोत्रा के बीच भारत में बढ़ती बेरोजगारी और रोजगार संकट पर विशेष चर्चा. जानिए उनकी पुस्तक 'इंडिया आउट ऑफ वर्क' के हवाले से क्यों देश का एमएसएमई (MSME) सेक्टर संकट में है और युवाओं के लिए क्या हैं विकल्प.
श्रवण गर्ग | मोदी जी अगर सिस्टम में आए और बने हुए हैं तो उसका एक बड़ा कारण कांग्रेस में उनके स्लीपर सेल्स हैं.
'हरकारा डीप डाइव' के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के बीच विपक्षी राजनीति और इंडिया (INDIA) गठबंधन के भविष्य पर हुई तीखी चर्चा. जानिए क्यों अब राहुल गांधी सहयोगी दलों के बजाय कांग्रेस, लोकतंत्र और संविधान को बचाने की रणनीति पर अकेले आगे बढ़ने का मन बना चुके हैं.
कार्टूनिस्ट मंजुल | 2016 के आसपास से यह निर्देश आने शुरू हो गए थे कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह का चेहरा कार्टून में नहीं दिखाना है.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने देश के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट मंजुल के साथ जो सैको की मुजफ्फरनगर दंगों पर केंद्रित आगामी ग्राफिक नॉवेल को लेकर उपजे विवाद पर एक विस्तृत और गंभीर चर्चा की है. बातचीत के दौरान मंजुल ने खुलासा किया कि कैसे प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस कथित तौर पर किताब की मूल सामग्री में बदलाव चाहता है, जिसे ग्राफिक पत्रकार जो सैको सेंसरशिप मानते हुए खारिज कर रहे हैं. मंजुल ने इसे केवल एक किताब का विवाद न मानकर भारत में मुख्यधारा के मीडिया से गायब होते राजनीतिक कार्टूनों, संभावित सरकारी व सामाजिक दबावों के डर से पैदा हुई 'सेल्फ-सेंसरशिप' और लोकतांत्रिक समाज में असहमति व वैकल्पिक विचारों के सिकुड़ते दायरे का एक बड़ा प्रतीक बताया है.
श्रवण गर्ग | मोदी जी जब रिकॉर्ड कायम करते जाएंगे, तब जनता अपने अधिकार खोने के भी रिकॉर्ड कायम करती जाएगी.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के वास्तविक राजनीतिक व लोकतांत्रिक अर्थों पर विस्तृत चर्चा की. भाजपा जहां इसे जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में मना रही है, वहीं श्रवण गर्ग ने देश में बढ़ते सामाजिक ध्रुवीकरण, नागरिक अधिकारों की स्थिति, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और रुपये की गिरती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है. इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नाविकों की मौत के संदर्भ में भारत की विदेश नीति, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा का एक तीखा व निष्पक्ष विश्लेषण पढ़ें.
श्रवण गर्ग | आज अगर विपक्ष कमजोर है और मीडिया अपनी भूमिका में नहीं है, तो जुडिशरी की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है
हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग से भारतीय न्यायपालिका की मौजूदा स्थिति, उसकी विश्वसनीयता और पिछले 12 वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं के बदलते स्वरूप पर विस्तृत बातचीत की. श्रवण गर्ग ने लंदन में भारत के जजों, वकीलों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच दिखी नजदीकियों, जजों के लिए तय आचार संहिता, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले हालिया अध्यादेश और अदालतों में लंबित नियुक्तियों पर बेबाक राय रखी है. इसके अलावा, इंडियन एक्सप्रेस में आपातकाल के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया के मौजूदा संकट का एक तुलनात्मक व ऐतिहासिक विश्लेषण प्रस्तुत किया है.
राजेश चतुर्वेदी | जो जिस चुनाव चिन्ह पर जीतकर आया है, उसे दल बदलने से पहले इस्तीफा देकर जनता से नया जनादेश लेना चाहिए
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस राजनीतिक एपिसोड में निधिश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार राजेश चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद उपजे संवैधानिक और राजनीतिक संकट पर गहराई से चर्चा की है. विश्लेषण में बताया गया है कि कैसे एक अदालती समन को आधार बनाकर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई और कांग्रेस की निश्चित मानी जा रही सीट को संकट में डाल दिया. झारखंड और मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग के दोहरे रवैये के आरोपों, कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से भेजने की मजबूरी, तेलंगाना प्रभारी के रूप में नटराजन की अंदरूनी राजनीतिक घेराबंदी और 2014 के बाद देश में मजबूत हुई 'सैम-दाम-दंड-भेद' की राजनीति पर पढ़ें यह विस्तृत आलेख.
आकार पटेल | सिर्फ लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहना महानता का प्रमाण नहीं
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल और निधीश त्यागी ने राम माधव के लेख के आलोक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल और उनकी राजनीतिक विरासत की समीक्षा की है. चर्चा में जवाहरलाल नेहरू द्वारा निर्मित आधुनिक भारत की बुनियादी संस्थाओं (वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च शिक्षा) की तुलना वर्तमान दौर के ढांचागत व डिजिटल विकास से की गई है. सकल घरेलू उत्पाद (GDP), रोजगार के संकट, विदेश नीति और देश की सांस्कृतिक विविधता जैसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस पूरी बातचीत का विश्लेषण यहाँ पढ़ें.
श्रवण गर्ग | राहुल गांधी समझ चुके हैं कि क्षेत्रीय दल आधुनिक भारत की रियासतें हैं
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष कूटनीतिक और राजनीतिक एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की हालिया बैठक और विपक्षी राजनीति के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की है. विश्लेषण में बताया गया है कि हाल के राजनीतिक झटकों के बाद कैसे क्षेत्रीय दल अपने राज्यों में रक्षात्मक स्थिति में हैं, जबकि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ मुख्य संघर्षकर्ता के रूप में उभरी है. उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस समीकरण, आम आदमी पार्टी की भूमिका और आगामी 2027 व 2028 के चुनावों में विपक्ष की जमीनी चुनौतियों पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषणात्मक आलेख.
श्रवण गर्ग | देश की जनता आश्वासन चाहती है कि आपातकाल नहीं लगेगा
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन, अभिजीत दीपके की भारत वापसी और राहुल गांधी के हालिया बयानों के राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण किया है. श्रवण गर्ग ने CJP की अचानक बढ़ती लोकप्रियता, उसकी फंडिंग और वास्तविक उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए इसकी तुलना 2011 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन से की है. नीट परीक्षा घोटाले से उपजे छात्र असंतोष और जून के महीने में आपातकाल (1975) की चर्चाओं के दोबारा उभरने पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विमर्श.
डॉ इस्तिखार अली | मुसलमानों को कानूनी नहीं, मनोवैज्ञानिक तौर पर सेकंड क्लास सिटिजन बना दिया गया है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी ने जेएनयू (JNU) के शोधकर्ता डॉ. इस्तिखार अली से उनकी 4200 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल यात्रा के अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की. मुस्लिम मानसिक स्वास्थ्य (Muslim Mental Health) पर बात करते हुए डॉ. अली ने बताया कि कैसे सोशल मीडिया पर नफरत, सार्वजनिक भेदभाव और असुरक्षा की भावना युवाओं व बच्चों में गहरा मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा कर रही है. उत्तर और दक्षिण भारत के सामाजिक माहौल में अंतर, संवाद की कमी और पूर्वाग्रहों के प्रभाव पर पढ़ें यह पूरी विशेष रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | ममता को बंगाल के मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक हाईजैक नहीं करने देना चाहिए
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने पश्चिम बंगाल में चुनावी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सामने खड़ी संगठनात्मक चुनौतियों और 6 जून को होने वाली 'इंडिया गठबंधन' की बैठक पर गंभीर चर्चा की है. विश्लेषकों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसी शीर्ष कड़ियों पर हुए हमलों के पीछे 15 साल के शासन से उपजा जन-असंतोष भी हो सकता है. राहुल गांधी पर राजनीतिक हमलों, सीबीएसई-नीट परीक्षा विवाद और विपक्षी एकता के राष्ट्रीय एजेंडे पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.
श्रवण गर्ग । अभिजीत दीपके को अपने उद्देश्य और संगठन की भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए.
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने भारतीय कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की 6 जून को भारत वापसी पर गंभीर चर्चा की है. विश्लेषकों ने सवाल उठाया है कि आखिर दिपके ने देश में छात्र असंतोष के बीच दिल्ली आने के लिए वही दिन क्यों चुना, जिस दिन 'इंडिया गठबंधन' की बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. सीजेपी की लोकप्रियता, फंडिंग के सवालों और विपक्षी एजेंडे पर इसके संभावित असर पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विश्लेषण.
अपूर्वानंद | 12वीं कक्षा के बच्चों ने हमें आंख में उंगली डालकर दिखलाया कि यह व्यवस्था कितनी त्रुटिपूर्ण है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन विवाद और ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम (OSM) की तकनीकी व संस्थागत खामियों पर विस्तार से चर्चा की है. संवाद में उठाया गया है कि कैसे एक विवादित निजी कंपनी को डिजिटल मूल्यांकन का जिम्मा सौंपकर लाखों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाया गया. भारत की परीक्षा-केंद्रित कोचिंग संस्कृति, युवाओं पर मानसिक दबाव और लोकतांत्रिक संस्थाओं के संकट पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | मोदी जी स्टीयरिंग पर दिखते हैं, पर गाड़ी ड्राइवरलेस है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने भारतीय राजनीति के बदलते शक्ति संतुलन पर गहरी चर्चा की है. श्रवण गर्ग के अनुसार, विपक्ष आज भी अपनी पूरी राजनीति केवल नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द केंद्रित रखे हुए है, जबकि अमित शाह सरकार के 'चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर' (COO) के रूप में वास्तविक प्रशासनिक और सांगठनिक संरचना को नियंत्रित कर रहे हैं. इंडिया गठबंधन की चुनौतियां, बेरोजगारी-महंगाई के मुद्दे और संस्थागत शक्ति संतुलन पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विश्लेषण.
नवशरण सिंह | नोएडा के मजदूर सिर्फ वेतन नहीं, सम्मान और गरिमा की लड़ाई लड़ रहे हैं
हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष संवाद में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और शोधकर्ता-एक्टिविस्ट नवशरण सिंह ने अप्रैल 2026 में नोएडा व ग्रेटर नोएडा में हुए ऐतिहासिक मजदूर आंदोलन का गहरा विश्लेषण किया है. चर्चा में बताया गया है कि कैसे बढ़ती महंगाई के बीच न्यूनतम वेतन, कार्यस्थल पर शोषण और सुरक्षा की मांग कर रहे शांतिपूर्ण श्रमिकों के आंदोलन को मीडिया और प्रशासन ने हिंसा की आड़ में दबाने की कोशिश की. उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मॉडल और गिरफ्तारियों पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | ये गजब का त्रिकोण जैसा बना है. सरकार, हिंदू और मुसलमान और बीच में गाय खड़ी हुई है.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष संवाद में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने पश्चिम बंगाल में बकरीद के दौरान गायों की कुर्बानी को लेकर उपजे राजनीतिक व आर्थिक विवाद का गहरा विश्लेषण किया है. चर्चा में बताया गया है कि कैसे मुस्लिम समुदाय द्वारा गाय न काटने के फैसले ने शुभेंदु अधिकारी की हिंदुत्व राजनीति के समीकरण को बदल दिया और इसका सीधा आर्थिक नुकसान ग्रामीण हिंदू पशुपालकों को उठाना पड़ा. मध्यप्रदेश, राजस्थान और बंगाल के घटनाक्रमों को जोड़ते हुए पढ़ें पूरी रिपोर्ट."
श्रवण गर्ग | क्या सीजेआई द्वारा की गई एक टिप्पणी, 140 करोड़ के देश में किसी बड़े आंदोलन का ट्रिगर बन सकती है?
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी के डिजिटल शो 'हरकारा डीप डाइव' का विस्तृत विश्लेषण. इस इंटरव्यू में अचानक उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे छिपे भू-राजनीतिक और वैचारिक खेल पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. जानिए कैसे 1974 के जेपी आंदोलन और 2011 के अन्ना आंदोलन की तर्ज पर इस नए डिजिटल प्रयोग को स्थापित राजनीतिक व्यवस्था और विपक्ष दोनों को कमजोर करने वाली एक 'साजिश' के रूप में देखा जा रहा है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | भारत की अर्थव्यवस्था अब वित्तीय आपातकाल जैसे दौर में है.
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने 'हरकारा डीप डाइव' के लाइव इंटरव्यू में भारत के मौजूदा आर्थिक संकट का एक बेहद डरावना और यथार्थवादी विश्लेषण प्रस्तुत किया है. श्रवण गर्ग का दावा है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नागरिकों से बचत करने की अपील और बैंकों से जनता द्वारा नकदी निकालकर घरों में रखना, देश में एक 'अघोषित वित्तीय आपातकाल' (अनुच्छेद 360) की आहट है. पढ़ें इस गहन चर्चा के मुख्य बिंदु.
श्रवण गर्ग | नॉर्वे ने भारत के प्रेस नहीं, लोकतंत्र के घाव को खोल दिया
हरकारा डीप डाइव’ के लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने पीएम मोदी की यूरोप यात्रा, ओस्लो में प्रेस स्वतंत्रता पर उठे विवाद, भारतीय मीडिया की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं के संकट पर बेबाक चर्चा की है. जानिए क्यों सत्ता अब सवालों को हमला मानने लगी है
अपूर्वानंद | जो आरएसएस कहता है, उस पर नहीं, जो करता है उस पर ध्यान देना चाहिए
हरकारा डीप डाइव’ के लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और प्रोफेसर अपूर्वानंद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष अभियान, इसकी वित्तीय पारदर्शिता, वैचारिक दोहरेपन और इजराइल-भारत के बदलते संबंधों पर एक तीखा और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण साझा किया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

