चूल्हे पर खुद बैठे मंत्री: बंदी संजय अपने ही संकट को क्यों हवा दे रहे हैं
तेलंगाना भाजपा के कद्दावर नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार इस समय अपने बेटे से जुड़े एक गंभीर पॉक्सो मामले को लेकर चौतरफा विवादों में घिरे हैं. 'साउथ फर्स्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, जहां पार्टी इस मुद्दे से दूरी बनाना चाहती है, वहीं बंदी संजय की आक्रामक बयानबाजी और सार्वजनिक प्रदर्शनों ने इस संकट को और हवा दे दी है. जानिए क्या है पूरा राजनीतिक घटनाक्रम.
केंद्रीय मंत्री, बेटा और ढहती हुई छवि: ईंट-दर-ईंट गिरती गई दीवार
तेलंगाना में केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भगीरथ की पॉक्सो मामले में हुई गिरफ्तारी पर 'द साउथ फर्स्ट' ने एक विस्तृत राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषण प्रकाशित किया है. रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि कैसे 8 दिनों तक पुलिस 'लोकेशन ट्रेस' का नाटक करती रही और कैसे मंत्री की अपनी ही रणनीति उनकी छवि की दुश्मन बन गई. पढ़ें पूरा लेख
तेलंगाना पोक्सो मामले में केंद्रीय मंत्री बंदी का बेटा गिरफ्तार; हाईकोर्ट ने राहत देने से किया था इनकार
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भगीरथ को शनिवार शाम तेलंगाना पुलिस ने पॉक्सो मामले में गिरफ्तार कर लिया है. लुकआउट सर्कुलर जारी होने और तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार के बाद यह कार्रवाई हुई है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट
बेटे के केस में बंदी संजय ने मीडिया पर की कार्रवाई
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने हैदराबाद कोर्ट में याचिका दायर कर Google, Meta, X और 20 प्रमुख तेलुगु समाचार चैनलों से मानहानिकारक सामग्री हटाने की मांग की है. उनके बेटे भगीरथ पर लगे पॉक्सो आरोपों और सोशल मीडिया पर जारी 'मीडिया ट्रायल' के खिलाफ यह कानूनी लड़ाई शुरू हुई है.
बंदी संजय के बेटे की अग्रिम ज़मानत अर्जी पर तेलंगाना हाई कोर्ट में सुनवाई, पॉक्सो और उम्र का विवाद केंद्र में
तेलंगाना हाई कोर्ट में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई बागीरथ की अग्रिम ज़मानत याचिका पर 14 मई को सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने कोई आदेश पारित करने से पहले पीड़िता के वकील को सुनना ज़रूरी माना और मामला 15 मई के लिए स्थगित कर दिया.
भाजपा के केंद्रीय मंत्री के बेटे को पॉक्सो केस में क्यों गिरफ़्तार नहीं कर रही रेवंता सरकार?
हैदराबाद की एक नाबालिग़ लड़की. उम्र 17 साल. और एक ऐसा आरोपी जिसके पिता देश के गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री हैं. यह सिर्फ़ एक पॉक्सो केस नहीं है. यह उस पूरे तंत्र का आईना है जो तब अपनी आँखें मूँद लेता है जब आरोपी के पीछे राजनीतिक ताक़त खड़ी हो.

