यह प्रधान के इस्तीफे से शुरू हुआ है और प्रधानमंत्री के इस्तीफे पर ही खत्म होगा
'हरकारा डीप डाइव' में निधीश त्यागी से बातचीत. वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का बड़ा दावा—जंतर-मंतर खाली हुआ है पर आंदोलन नहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब भी सुलग रहे हैं युवाओं के सवाल.
श्रवण गर्ग | सरकार की नजर में वांगचुक साहब की स्थिति अभी उतनी गंभीर नहीं है, जितनी चिंता देश में व्यक्त की जा रही है.
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी का विशेष विश्लेषण; जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के आमरण अनशन, मांगों और इस आंदोलन की बदलती दिशा पर विस्तृत चर्चा.
श्रवण गर्ग | प्रियांक खड़गे अगर मोदी जी नहीं मिले हुए हैं तो संघ से दोस्ती कर कर लें
‘हरकारा डीप डाइव’ लाइव एपिसोड. वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी की बातचीत में प्रियांक खड़गे के आरएसएस (RSS) विरोधी बयान, भाजपा की आंतरिक सियासत और यूपी चुनाव 2027 के राजनीतिक असर का विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | विदेशी सरकारों ने प्रधानमंत्री की एक कमजोरी पहचान ली है. सम्मान दीजिए, तारीफ कीजिए और फिर अपने हित साध लीजिए
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का विश्लेषण. पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं, वैश्विक सम्मानों और देश के भीतर बेरोजगारी व अन्य आंतरिक चुनौतियों पर एक कूटनीतिक विमर्श.
श्रवण गर्ग | संजय सिंह को कौन बताए कि मोदीजी ‘निर्मम क्यों हैं ?’
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का राजनीतिक विश्लेषण. सोनम वांगचुक के आमरण अनशन, किसान आंदोलन और विपक्ष की मांगों पर पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार के रवैये और कार्यप्रणाली पर एक तीखा और आलोचनात्मक कटाक्ष.
श्रवण गर्ग | जब हुकूमत ही अपनी जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है, तो फिर जवाबदेही की उम्मीद किससे की जाए?
'हरकारा डीप डाइव' की रिपोर्ट. निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के बीच राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विशेष चर्चा; देश के प्रमुख मंदिरों जैसे वैष्णो देवी और तिरुपति से तुलना कर पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही पर उठाए बड़े सवाल.
श्रवण गर्ग | जब पासपोर्ट, आधार, वोटर आईडी और पैन भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, लोग अपनी नागरिकता कैसे साबित करेंगे?
'हरकारा डीप डाइव' में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग की विशेष चर्चा. विदेश मंत्रालय के 'पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं' वाले बयान के बाद देश में बढ़े असमंजस, बिहार के 'SIR' अभियान और नागरिकता साबित करने के दस्तावेजी संकट पर गंभीर विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | विपक्ष का पोस्टमार्टम करने वालों को यह भी देखना चाहिए कि उनकी अपनी सेहत कैसी है.
'हरकारा डीप डाइव' के लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी का विशेष राजनीतिक विश्लेषण. जानिए कर्नाटक में संघ पर उठे सवालों, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की भूमिका, मध्य प्रदेश के जमीन विवाद और भाजपा-आरएसएस के आंतरिक अंतर्विरोधों पर पूरी पड़ताल.
श्रवण गर्ग | ईरान युद्ध के बहाने वर्साई की याद !
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का विशेष संस्मरण. जानिए कैसे अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते (MOU) ने वर्साई (Versailles) के ऐतिहासिक पैलेस और 1919 की 'ट्रीटी ऑफ वर्साई' से जुड़ी यादों को ताजा कर दिया.
श्रवण गर्ग | सरकार ने अपनी जनता, अपने वोटर्स, अपना मीडिया, अपना चुनाव आयोग, अपने पाठ्यक्रम चुन लिए हैं.
'हरकारा डीप डाइव' (Harkara Deep Dive) के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने आगामी मानसून सत्र, विपक्षी दलों में टूट और भारतीय लोकतंत्र के भविष्य पर गंभीर चर्चा की. जानिए क्या संसद का यह सत्र देश की राजनीति के लिए निर्णायक मोड़ साबित होगा.
श्रवण गर्ग | राहुल गांधी का जन्मदिन नहीं, जनता की बेचैनी और उम्मीदों का प्रदर्शन
'हरकारा डीप डाइव' (Harkara Deep Dive) के लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधिश त्यागी ने राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन के मौके पर भारतीय राजनीति, विपक्ष की चुनौतियों, पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्थिति और भारतीय लोकतंत्र के भविष्य पर एक विस्तृत व गंभीर चर्चा की है.
श्रवण गर्ग | पर पार्टीशन वापस नहीं जाएगा !
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊँगा’ पर तीखा राजनीतिक व सांस्कृतिक विश्लेषण. जानिए कैसे विभाजन (Partition) की विभीषिका, कमर्शियल सिनेमा और सत्ता की सांप्रदायिक राजनीति के बीच एक अधूरी प्रेम कहानी भी एजेंडे का हिस्सा बन जाती है.
श्रवण गर्ग | मोदी जी अगर सिस्टम में आए और बने हुए हैं तो उसका एक बड़ा कारण कांग्रेस में उनके स्लीपर सेल्स हैं.
'हरकारा डीप डाइव' के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के बीच विपक्षी राजनीति और इंडिया (INDIA) गठबंधन के भविष्य पर हुई तीखी चर्चा. जानिए क्यों अब राहुल गांधी सहयोगी दलों के बजाय कांग्रेस, लोकतंत्र और संविधान को बचाने की रणनीति पर अकेले आगे बढ़ने का मन बना चुके हैं.
श्रवण गर्ग | राहुल अब रुकने वाले नहीं हैं ! ‘इंडिया’ साथ चलेगा क्या ?
"वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के इस विशेष राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, 'इंडिया' (INDIA) ब्लॉक की 8 जून की बैठक में राहुल गांधी द्वारा दिए गए लीक ऑडियो भाषण ने विपक्षी दलों से लेकर भाजपा और संघ के खेमे में सन्नाटा खींच दिया है. राहुल गांधी ने दो टूक शब्दों में सहयोगी दलों (सपा, राजद, माकपा) को चेताया है कि संस्थागत कब्जों के इस दौर में पुराने ढर्रे की राजनीति अब काम नहीं आएगी. लेख में पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों से ठीक पहले वीवीपैट पर्चियों के कचरे में मिलने, कोलकाता में 4,000 ईवीएम के जलने और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो-तिहाई सांसदों-विधायकों के भाजपा में शामिल होने की घटनाओं के जरिए विपक्ष के सामने खड़े अस्तित्व के संकट को रेखांकित किया गया है.
श्रवण गर्ग | मोदी जी जब रिकॉर्ड कायम करते जाएंगे, तब जनता अपने अधिकार खोने के भी रिकॉर्ड कायम करती जाएगी.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के वास्तविक राजनीतिक व लोकतांत्रिक अर्थों पर विस्तृत चर्चा की. भाजपा जहां इसे जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में मना रही है, वहीं श्रवण गर्ग ने देश में बढ़ते सामाजिक ध्रुवीकरण, नागरिक अधिकारों की स्थिति, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और रुपये की गिरती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है. इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नाविकों की मौत के संदर्भ में भारत की विदेश नीति, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा का एक तीखा व निष्पक्ष विश्लेषण पढ़ें.
श्रवण गर्ग | आज अगर विपक्ष कमजोर है और मीडिया अपनी भूमिका में नहीं है, तो जुडिशरी की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है
हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग से भारतीय न्यायपालिका की मौजूदा स्थिति, उसकी विश्वसनीयता और पिछले 12 वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं के बदलते स्वरूप पर विस्तृत बातचीत की. श्रवण गर्ग ने लंदन में भारत के जजों, वकीलों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच दिखी नजदीकियों, जजों के लिए तय आचार संहिता, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले हालिया अध्यादेश और अदालतों में लंबित नियुक्तियों पर बेबाक राय रखी है. इसके अलावा, इंडियन एक्सप्रेस में आपातकाल के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया के मौजूदा संकट का एक तुलनात्मक व ऐतिहासिक विश्लेषण प्रस्तुत किया है.
श्रवण गर्ग | राहुल गांधी समझ चुके हैं कि क्षेत्रीय दल आधुनिक भारत की रियासतें हैं
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष कूटनीतिक और राजनीतिक एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की हालिया बैठक और विपक्षी राजनीति के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की है. विश्लेषण में बताया गया है कि हाल के राजनीतिक झटकों के बाद कैसे क्षेत्रीय दल अपने राज्यों में रक्षात्मक स्थिति में हैं, जबकि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ मुख्य संघर्षकर्ता के रूप में उभरी है. उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस समीकरण, आम आदमी पार्टी की भूमिका और आगामी 2027 व 2028 के चुनावों में विपक्ष की जमीनी चुनौतियों पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषणात्मक आलेख.
श्रवण गर्ग | देश की जनता आश्वासन चाहती है कि आपातकाल नहीं लगेगा
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन, अभिजीत दीपके की भारत वापसी और राहुल गांधी के हालिया बयानों के राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण किया है. श्रवण गर्ग ने CJP की अचानक बढ़ती लोकप्रियता, उसकी फंडिंग और वास्तविक उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए इसकी तुलना 2011 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन से की है. नीट परीक्षा घोटाले से उपजे छात्र असंतोष और जून के महीने में आपातकाल (1975) की चर्चाओं के दोबारा उभरने पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विमर्श.
श्रवण गर्ग | नेहरू के पुण्य स्मरण के बहाने ‘भारतीयता’ की खोज
वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक टिप्पणीकार श्रवण गर्ग ने पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रतिपादित 'भारतीयता' के विचार और वर्तमान राजनीतिक-सामाजिक परिदृश्य का एक मर्मस्पर्शी विश्लेषण किया है. लेखक ने साल 2019 के एक मशहूर ऑनलाइन फूड डिलीवरी विवाद (खाने का कोई धर्म नहीं होता) को याद करते हुए बताया है कि कैसे वे ऐतिहासिक संकेत आज 2026 के भारत में सच साबित हो रहे हैं, जहाँ इतिहास बदलने के साथ-साथ नागरिकों की पहचान और अधिकारों की परिभाषा भी बदली जा रही है. पढ़ें पूरा लेख.
श्रवण गर्ग | क्या सीजेआई द्वारा की गई एक टिप्पणी, 140 करोड़ के देश में किसी बड़े आंदोलन का ट्रिगर बन सकती है?
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी के डिजिटल शो 'हरकारा डीप डाइव' का विस्तृत विश्लेषण. इस इंटरव्यू में अचानक उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे छिपे भू-राजनीतिक और वैचारिक खेल पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. जानिए कैसे 1974 के जेपी आंदोलन और 2011 के अन्ना आंदोलन की तर्ज पर इस नए डिजिटल प्रयोग को स्थापित राजनीतिक व्यवस्था और विपक्ष दोनों को कमजोर करने वाली एक 'साजिश' के रूप में देखा जा रहा है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

