अरावली पर विवाद: सुप्रीम कोर्ट की समिति में सिर्फ सेवानिवृत्त अधिकारी और वरिष्ठ नौकरशाह भरे हुए हैं, बदलाव की मांग
अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नई समीक्षा समिति पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. जितेंद्र चौबे की रिपोर्ट के अनुसार, देश भर के वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों ने 'हितों के टकराव' का आरोप लगाते हुए मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर समिति के पुनर्गठन की मांग की है.
कश्मीर के सरकारी कर्मचारी पर ‘नार्को-टेरर’ का मामला कैसे बना, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने छह साल बाद दी जमानत
नार्को-टेररिज्म के आरोप में 6 साल जेल में बिताने वाले जम्मू-कश्मीर के सरकारी कर्मचारी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. बेतवा शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की पीठ ने एनआईए (NIA) के दावों और यूएपीए (UAPA) के तहत सबूतों की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
बांग्लादेश भेजे गए लोगों को वापस लाएगा केंद्र, नागरिकता की होगी जांच : सुप्रीम कोर्ट में सरकार
सर्वोच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण कानूनी और मानवीय घटनाक्रम के तहत केंद्र सरकार ने कथित तौर पर बांग्लादेश निर्वासित किए गए नागरिकों को वापस लाने पर सहमति दे दी है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ को आश्वस्त किया कि सुनाली खातून और अन्य प्रभावितों को 8 से 10 दिनों के भीतर भारत लाकर उनकी नागरिकता के दावों की कानूनी जांच की जाएगी. पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.
उन्नाव रेप केस में सेंगर को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत
उन्नाव रेप मामले में पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सेंगर की सजा निलंबित करते हुए जमानत दी थी.
कुछ युवा तिलचट्टों की तरह... मीडिया... सोशल मीडिया... आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं, सीजेआई ने कहा
यह टिप्पणी तब आई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ एक वकील को 'वरिष्ठ अधिवक्ता' का दर्जा पाने के लिए 'पीछा' करने पर फटकार लगा रही थी. पीठ ने कहा कि समाज में पहले से ही 'परजीवी' मौजूद हैं, जो सिस्टम पर हमला करते हैं और याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वह भी उनके साथ हाथ मिलाना चाहता है.
चुनाव आयुक्त नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी - "सरकार की मनमानी से स्वतंत्र चुनाव संभव नहीं"
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में केंद्र सरकार की बढ़ती भूमिका पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र को इस पर विचार करने के लिए प्रेरित किया. न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तभी संभव हैं जब चुनाव आयोग वास्तव में स्वतंत्र हो, और यह स्वतंत्रता तभी आएगी जब आयुक्त भी स्वतंत्र हों.
ममता बनर्जी और अन्य 31 सीटों पर ‘एसआईआर’ के कारण कम जीत के अंतर पर नई याचिकाएं दायर कर सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग अपने इस आरोप पर नए आवेदन दायर करने के लिए स्वतंत्र हैं कि कई विधानसभा क्षेत्रों में जीत का अंतर, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान हटाए गए वोटों की संख्या से कम था.
अब बहुत हुआ: मंत्री कुंवर शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान के मामले में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को फटकारा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अपने मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने में देरी पर कड़ी आपत्ति जताई. यह मामला कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में शाह की आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है, जिन्होंने पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मीडिया को जानकारी दी थी.
संसद द्वारा कानून बनाने तक ही सीईसी-ईसी नियुक्तियों में सीजेआई की भूमिका तय थी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (6 मई, 2026) को यह व्याख्या दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की भागीदारी केवल तब तक के लिए थी जब तक कि संसद इस पर कोई कानून नहीं बना लेती.
एससीएओआरए बनाम एसआईआर: कहानी एक ही, फैसले अलग-अलग;सुप्रीम कोर्ट से बंगाल को ऐसा विशेष उपचार नहीं मिला
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीएओआरए) के वकीलों के चुनाव बनाम पश्चिम बंगाल मतदाता सूची (एसआईआर) अभ्यास के मामले पर विचार करें. दोनों मामलों में पीठ वही थी—मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉय माल्या बागची, लेकिन जो मानदंड अपनाए गए वे एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत थे.
बंगाल: केंद्र के कर्मचारी ही कराएंगे वोटों की गिनती, सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं मानी टीएमसी की मांग
केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को मतगणना पर्यवेक्षकों और सहायकों के रूप में तैनात करने के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. शनिवार (2 मई 2026) को पार्टी की याचिका का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिका में अब किसी और आदेश की आवश्यकता नहीं है, सिवाय इसके कि 13 अप्रैल के चुनाव आयोग के सर्कुलर को पूरी तरह (अक्षरशः) लागू किया जाए.
असम सीएम की पत्नी पर टिप्पणी मामला: पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की उस याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने असम पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के संबंध में अग्रिम जमानत की मांग की है.यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है. न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल चांदुरकर की पीठ ने पवन खेड़ा की उस याचिका पर सुनवाई की, जो गौहाटी उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद दायर की गई थी.
‘हम बनाम वे’ की मानसिकता से पैदा होती है हेट स्पीच; कानूनों का खराब प्रवर्तन ‘हेट क्राइम्स’ की वजह: सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को कहा कि नफरत भरे भाषण (हेट स्पीच) और अफवाह फैलाना “हम बनाम वे” की मानसिकता से उपजा है और यह एक विविध समाज में भाईचारे की भावना को दूषित करने का काम करता है. हालांकि, अदालत ने नफरत भरे भाषणों और अपराधों के खिलाफ विशिष्ट कानून बनाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया, इसके बजाय इस अपराध को कवर करने वाले मौजूदा कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने का आव्हान किया.
‘इन तर्कों को ट्रिब्यूनल के समक्ष रखें’: सुप्रीम कोर्ट का उन लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार, जिनके नाम बंगाल ‘एसआईआर’ के बाद हटाए
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कई व्यक्तियों द्वारा दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिनमें मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के बाद उनके नाम हटाए जाने को चुनौती दी गई थी. इन याचिकाकर्ताओं में चुनाव ड्यूटी पर तैनात 65 लोग भी शामिल हैं. अदालत ने उन्हें संबंधित अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष राहत पाने का निर्देश दिया.

