सबसे ज़्यादा कौन ‘पीता’ है? अरुणाचल राष्ट्रीय तालिका में शीर्ष पर, हिमाचल उत्तर भारत में आगे
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, देश में 15 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों और महिलाओं में शराब के सेवन के मामले में अरुणाचल प्रदेश शीर्ष पर है. वहीं, उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश के पुरुष शराब पीने में सबसे आगे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अधिक वजन और मोटापे के मामले में चंडीगढ़ के पुरुष (48.5%) और पुडुचेरी की महिलाएं (51.3%) देश में पहले स्थान पर हैं. इसके अलावा, स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक बात यह है कि देश में 6 से 23 महीने के केवल 15.3% बच्चों को ही पर्याप्त पोषण मिल पा रहा है. पढ़ें पूरी सांख्यिकीय रिपोर्ट.
सुप्रीम कोर्ट ‘तार्किक विसंगति’ टूल से बेखबर रही और 27 लाख लोगों के मताधिकार छीन लिये जाने की अनदेखी
पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने 'द ट्रिब्यून' में प्रकाशित अपने विशेष आलेख में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को वैध ठहराने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कड़ी समीक्षा की है. शेक्सपियर के नाटक 'द मर्चेंट ऑफ वेनिस' का रूपक देते हुए लेखक ने बताया है कि कैसे इस फैसले ने नागरिकता की अंतिम पुष्टि से पहले ही लाखों लोगों से उनका सबसे कीमती वोटिंग अधिकार छीन लिया है. पश्चिम बंगाल के 27 लाख प्रभावित मतदाताओं, 'अपात्र' वर्गीकरण और दस्तावेजी पात्रता के इस पूरे कानूनी व लोकतांत्रिक संकट पर पढ़ें पूरा विश्लेषण.
बंगाल: टीएमसी का संकट; ममता बनर्जी को मुख्य भूमिका में वापस आना ही चाहिए
अरुण श्रीवास्तव के इस विस्तृत राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव राज्य की राजनीति में एक युगांतरकारी मोड़ लेकर आए हैं, जहाँ भाजपा ने 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया है. लेख में सुवेन्दु अधिकारी की नई सरकार द्वारा टीएमसी के वित्तीय नेटवर्क पर की जा रही चोट, पार्टी के 100 से अधिक बड़े नेताओं के इस्तीफे, ममता बनाम अभिषेक बनर्जी की आंतरिक कलह और आरएसएस की ध्रुवीकरण रणनीति का गहराई से विश्लेषण किया गया है. बंगाल की बदलती राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
पुशबैक' की क्रूर नीति: बंदूक की नोंक पर 'बेवतन' बनाने का हिंदुत्ववादी प्रोजेक्ट
"वेब पोर्टल 'स्क्रोल' में प्रकाशित हर्ष मंडर के इस विस्तृत आलेख के अनुसार, भारत में बंगाली भाषी मुस्लिम आबादी इस समय नागरिकता छिन जाने के गहरे खौफ में जी रही है. लेख में 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025' के कड़े प्रावधानों, बिना कानूनी प्रक्रिया के बंदूक की नोक पर किए जा रहे 'पुशबैक' (सीमा पार धकेलने की कार्रवाई) और बांग्लादेश सरकार के विरोध का विश्लेषण किया गया है. भाषाई पहचान के आधार पर हो रही धरपकड़ और इसके मानवाधिकारों पर पड़ने वाले गंभीर असर पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट."
सीबीएसई विवाद से जुड़ी हैदराबाद की फर्म भी जांच के घेरे में
द टाइम्स ऑफ इंडिया में सरफराज अहमद की रिपोर्ट के अनुसार, सीबीएसई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के केंद्र में रही हैदराबाद की कंपनी 'कोएम्प्ट एडु टेक प्राइवेट लिमिटेड' के कारण राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के 3.17 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य संकट में है. ₹5 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने वाली इस फर्म पर टेंडर प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज लगाने, तेलंगाना में ब्लैकलिस्ट होने, मार्कशीट में गलत गणनाओं और ग्रीष्मकालीन परीक्षा 2026 के एडमिट कार्ड में भारी गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगे हैं. बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ में जारी सुनवाई पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
सीबीएसई ओएसएम ड्राई रन के बाद रिपोर्ट में जताई गईं 36 चिंताएं
हिंदुस्तान टाइम्स में संजय मौर्या की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12 की परीक्षाओं के लिए लागू किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के ड्राई रन में ही 36 गंभीर तकनीकी और परिचालन संबंधी खामियां सामने आ गई थीं. आंतरिक पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में 'सतही और अंधाधुंध जांच', डेटा लॉस का खतरा और अतिरिक्त मुख्य परीक्षकों के पास कॉपियों को वापस भेजने का विकल्प न होने जैसी चेतावनियां दी गई थीं. जल्दबाजी में डिजिटल मूल्यांकन लागू करने से लाखों छात्रों के भविष्य पर आए संकट और इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा जारी नोटिस पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
नीट, सीबीएसई के बाद अब सीयूईटी का नंबर...तकनीकी खराबी के कारण कुछ केंद्रों पर परीक्षा में देरी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जा रही सीयूईटी-यूजी परीक्षा की पहली पाली में 30 मई 2026 को तकनीकी खराबी के कारण दो घंटे से अधिक की देरी हुई, जिससे देश भर के केंद्रों पर हड़कंप मच गया. 'द हिंदू' की रिपोर्ट के अनुसार, एनटीए ने इस गड़बड़ी के लिए परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी मैसर्स टीसीएस (TCS) को जिम्मेदार ठहराया है. नीट और सीबीएसई विवादों के बीच विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर किए गए तीखे हमले और संशोधित समय की पूरी जानकारी पढ़ें.
नवशरण सिंह | नोएडा के मजदूर सिर्फ वेतन नहीं, सम्मान और गरिमा की लड़ाई लड़ रहे हैं
हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष संवाद में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और शोधकर्ता-एक्टिविस्ट नवशरण सिंह ने अप्रैल 2026 में नोएडा व ग्रेटर नोएडा में हुए ऐतिहासिक मजदूर आंदोलन का गहरा विश्लेषण किया है. चर्चा में बताया गया है कि कैसे बढ़ती महंगाई के बीच न्यूनतम वेतन, कार्यस्थल पर शोषण और सुरक्षा की मांग कर रहे शांतिपूर्ण श्रमिकों के आंदोलन को मीडिया और प्रशासन ने हिंसा की आड़ में दबाने की कोशिश की. उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मॉडल और गिरफ्तारियों पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
अशोक पांडे | आज जब वो नहीं हैं खुद को बहुत बेचारगी से भरा पा रहा हूँ.
बशीर बद्र उसी नए मिजाज़ के शहर के शायर थे जहाँ तपाक से गले मिलने वाले को कोई हाथ मिलाने वाला भी नसीब न था. अपनी शायरी के कहन में उन्होंने जो नायाब नयापन हासिल किया था, उसका उन्हें गुमान था. जिस इमेजरी को वे अपनी ग़ज़लों में जगह दे रहे थे, वह किस कदर अद्वितीय और मॉडर्न थी, उन्हें इसका भी अहसास था.
“वोटर लिस्ट से नागरिकता तक”: सुप्रीम कोर्ट के एसआईआर फ़ैसले ने क्यों बढ़ा दी देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक बहस?
सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग (ECI) द्वारा बिहार सहित 12 राज्यों में चलाई गई 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को कानूनी रूप से वैध ठहरा दिया है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए वोटर लिस्ट की शुद्धता आवश्यक है. हालांकि, फैसले के बाद देश में 'दस्तावेज़ आधारित नागरिकता' और वोटिंग के अधिकार को लेकर बहस तेज हो गई है, क्योंकि इस प्रक्रिया के तहत अब तक 5 करोड़ से अधिक नाम हटाए जा चुके हैं. वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव के बयानों और इसके व्यापक आर्थिक व राजनीतिक प्रभावों पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
2023 से पहले बिके प्रत्येक दो में से एक पेट्रोल वाहन के माइलेज में E20 ईंधन के कारण आई गिरावट
लोकलसर्कल्स के नए सर्वेक्षण के अनुसार, साल 2025 में देश भर में E20 (20% एथेनॉल-मिश्रित) पेट्रोल अनिवार्य किए जाने के बाद से 2022 या उससे पहले खरीदे गए आधे पेट्रोल वाहनों के माइलेज में भारी गिरावट आई है. 301 जिलों के 50,000 से अधिक उपभोक्ताओं पर आधारित इस अध्ययन में सामने आया है कि 29% वाहन मालिकों को इंजन, फ्यूल लाइन और टैंक में असामान्य खराबी का सामना करना पड़ रहा है. पुराने दोपहिया और बजट कारों पर बढ़ते रख-रखाव खर्च और तकनीकी कारणों पर पढ़ें 'बिजनेस टुडे' की यह पूरी रिपोर्ट.
‘एक्स’ प्रतिबंध पर कॉकरोच जनता पार्टी को कोई तत्काल राहत नहीं: हाई कोर्ट
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के एक्स (ट्विटर) हैंडल को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है. न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने मामले के दूरगामी परिणामों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 तय की है. वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल की 'शुद्ध व्यंग्य' वाली दलील और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के रुख के साथ पढ़ें पूरी अदालती कार्यवाही."
लद्दाख के एल-जी ने दिल्ली के आकाओं को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया; सोनम वांगचुक का पलटवार
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उपराज्यपाल (एल-जी) विनय कुमार सक्सेना के बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अभियान को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. एल-जी द्वारा सीजेपी को पाकिस्तान और अमेरिका से संचालित 'विदेशी साजिश' बताने और रैलियों के खिलाफ चेतावनी देने पर वांगचुक ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने अपनी पुरानी रासुका (NSA) गिरफ्तारी का हवाला देते हुए सरकार को भ्रामक नैरेटिव बुनने के बजाय शांति और विश्वास बहाली के काम में जुटने की सलाह दी है. पढ़ें पूरी राजनीतिक रिपोर्ट.
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक साल से अधिक के निचले स्तर पर गिरा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 22 मई 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.5 अरब डॉलर घटकर एक साल से अधिक के निचले स्तर 681.4 अरब डॉलर पर आ गया है. 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-इराक युद्ध के बीच ऐतिहासिक रूप से गिरे रुपये ($96.96 के रिकॉर्ड निचले स्तर) को सहारा देने के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा किए गए कड़े हस्तक्षेप के कारण यह गिरावट आई है. पूरी आर्थिक समीक्षा पढ़ें."
भारत में गो-संरक्षण: शासन के भीतर के अंतर्विरोध
द हिंदू में प्रकाशित कुलपति फैजान मुस्तफा और पूर्व डीन अब्दुल समद के इस विस्तृत लेख के अनुसार, देश में लागू सख्त गोवध विरोधी कानून मवेशियों के वास्तविक संरक्षण में विफल रहे हैं. पशुगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए लेखकों ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे कड़े कानून वाले राज्यों में नर मवेशियों की आबादी में भारी गिरावट आई है और किसान गायों के बजाय भैंस पालन की ओर रुख कर रहे हैं. संविधान सभा की बहसों, पुट्टास्वामी फैसले (निजता का अधिकार) और पश्चिम बंगाल के नए नियमों के संदर्भ में इस पूरे आर्थिक व कानूनी अंतर्विरोध को पढ़ें.
भारत का नेट एफडीआई 2 साल में $28 अरब से $1 अरब पर कैसे पहुँच गया
द टाइम्स ऑफ इंडिया में ऋचा गांधी की इस विशेष रिपोर्ट के अनुसार, भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Net FDI) बढ़ते रीपेट्रिएशन (मुनाफा वापसी) और विनिवेश के कारण रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के शुरुआती नौ महीनों में देश में केवल $3 अरब का नेट एफडीआई आया, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा महज $1 अरब था. शेयर बाजार की तेजी, सिंगापुर-मॉरीशस रूट और केवल 5 राज्यों में 80% निवेश सिमटने के आर्थिक कारणों पर पढ़ें पूरा विश्लेषण."
एक साल में 53 मौतें: एमपी का यह जिला मातृ मृत्यु दर का मुख्य केंद्र बना
"द इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार आनंद मोहन जे की इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल सीधी जिले में गर्भावस्था और प्रसव के दौरान 53 महिलाओं की मौत हो गई, जिनकी औसत उम्र महज 26 वर्ष थी. राष्ट्रीय स्तर पर मातृ मृत्यु दर (MMR) में गिरावट के बीच मध्य प्रदेश 159 के स्कोर के साथ देश का दूसरा सबसे खराब राज्य बना हुआ है, जबकि अकेले सीधी जिले का MMR 211 दर्ज किया गया है. स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठकों और चेतावनियों के बावजूद क्यों नहीं सुधरे हालात, पढ़ें पूरी रिपोर्ट."
उपग्रह छवियों से खुलासा: चीन परमाणु मिसाइल साइलो के पास लॉन्च पैड का नेटवर्क बना रहा है
चीन अपने उत्तर-पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों में परमाणु मिसाइल साइलो के पास लॉन्च पैड, बंकरों और संचार केंद्रों का एक बेहद जटिल और विशाल बुनियादी ढांचा तैयार कर रहा है. सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, 80 से अधिक नए पैडों का यह नेटवर्क ताइवान विवाद के बीच अमेरिका के किसी भी 'फर्स्ट-स्ट्राइक' (पहले हमले) के बाद बीजिंग की जवाबी हमला करने की क्षमता (Second-Strike Capability) को अचूक बनाए रखने के लिए बनाया जा रहा है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
झींगा निर्यात से अरबों की कमाई, लेकिन मजदूर कम वेतन और निगरानी में कैद
भारत की $5 अरब की चमकदार झींगा (श्रिम्प) निर्यात अर्थव्यवस्था के पीछे प्रवासी आदिवासी मजदूरों के गंभीर शोषण की कहानी छिपी है. गुजरात के सूरत जिले के फार्मों पर झारखंड और ओडिशा के मजदूरों को बिना लिखित अनुबंध, न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन और पहचान पत्र जमा कराकर बेहद अमानवीय व असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने पर मजबूर किया जा रहा है. श्रम कानूनों की अनदेखी पर पढ़ें यह विस्तृत रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | ये गजब का त्रिकोण जैसा बना है. सरकार, हिंदू और मुसलमान और बीच में गाय खड़ी हुई है.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष संवाद में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग ने पश्चिम बंगाल में बकरीद के दौरान गायों की कुर्बानी को लेकर उपजे राजनीतिक व आर्थिक विवाद का गहरा विश्लेषण किया है. चर्चा में बताया गया है कि कैसे मुस्लिम समुदाय द्वारा गाय न काटने के फैसले ने शुभेंदु अधिकारी की हिंदुत्व राजनीति के समीकरण को बदल दिया और इसका सीधा आर्थिक नुकसान ग्रामीण हिंदू पशुपालकों को उठाना पड़ा. मध्यप्रदेश, राजस्थान और बंगाल के घटनाक्रमों को जोड़ते हुए पढ़ें पूरी रिपोर्ट."

