यदि “सर महामानव” इतने ‘देशभक्त’ हैं तो क्या वह बता सकते हैं कि अमेरिकी नौसैनिक किस जेल में बंद हैं?”
ओमान के तट पर पलाऊ ध्वज वाले टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में लापता तीन भारतीय नाविकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद देश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है. केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल द्वारा इस दुखद खबर की जानकारी दिए जाने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2014 के उन चुनावी भाषणों और ट्वीट्स को आर्काइव से निकाल लिया है, जिनमें उन्होंने सोनिया गांधी और तत्कालीन मनमोहन सरकार पर इतालवी मरीन मामले को लेकर तीखे सवाल दागे थे.
राम मंदिर में ‘चढ़ावा घोटाला’: महंत कमल नयन दास बोले, “जांच करने वाले सब बेईमान हैं, जांच कौन करेगा”; हाईकोर्ट में पीआईएल
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और आभूषणों के कथित गबन (घोटाले) का मामला अब अदालत पहुंच गया है. वकील मोहित अशोक द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर इस पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराने की मांग की गई है. इस बीच, पीएमओ (PMO) और आरएसएस (RSS) ने भी राम मंदिर प्रबंधन से इस पर रिपोर्ट तलब की है. रिपोर्ट में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं बृजभूषण शरण सिंह व विनय कटियार के जांच समर्थक बयानों और महंत कमल नयन दास की 'भगवान ही जांच करेंगे' वाली तीखी व बेबाक प्रतिक्रिया का पूरा विवरण पढ़ें.
खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के कारण खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.93% हुई
टीएनआईई’ द्वारा जारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में खुदरा मुद्रास्फीति मई महीने में मामूली रूप से बढ़कर 3.93 प्रतिशत हो गई है, जो अप्रैल में 3.48 प्रतिशत थी. महंगाई में आई इस तेजी का मुख्य कारण खाद्य टोकरी (फूड बास्केट) की मुद्रास्फीति का 4.78% होना और वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते घरेलू स्तर पर पेट्रोल (7.4%) व डीजल (8.4%) की खुदरा कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी है. लेख में टमाटर, अदरक, आभूषणों के दामों में उछाल, आलू-जीरे की कीमतों में गिरावट और आरबीआई (RBI) द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई अनुमान को 5.1% तक बढ़ाए जाने का पूरा आर्थिक विश्लेषण पढ़ें.
‘मुझे वह कानून दिखाएं जो उन्हें छूट देता है...’: प्रियांक खड़गे ने आरएसएस पर दबाव बढ़ाया
भरत जोशी की इस राजनीतिक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बेंगलुरु स्थित आरएसएस मुख्यालय 'केशव कृपा' का दौरा करने या संघ नेताओं को अपने कार्यालय बुलाने की पेशकश की है, ताकि संगठन की कानूनी स्थिति और सरकारी पंजीकरण से मिली कथित छूट की समीक्षा की जा सके. आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत द्वारा संघ को 'व्यक्तियों का एक निकाय' (Body of Individuals) बताने और गुरु दक्षिणा को आयकर से छूट मिलने के तर्क को खारिज करते हुए खड़गे ने सवाल उठाया कि जब रेहड़ी-पटरी वालों और मंदिरों को हिसाब देना पड़ता है, तो आरएसएस को छूट क्यों? लेख में कांग्रेस सरकार द्वारा पंजीकरण के लिए नया कानून लाने के दावों, भाजपा नेता सी टी रवि के पलटवार और आपातकाल व नेहरू-पटेल काल के ऐतिहासिक संदर्भों पर तीखी बहस का विवरण पढ़ें.
एक साल बाद भी अहमदाबाद ड्रीमलाइनर आपदा का कोई जवाब नहीं; “टेकऑफ के 32 सेकंड बाद क्यों गिर गया था?”
2 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की उड़ान AI171 के दुखद क्रैश की पहली बरसी पर, जांच की सुस्त गति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इस भीषण हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा अंतिम रिपोर्ट में देरी और कॉकपिट में ईंधन स्विच बंद होने से जुड़ी 'पायलट आत्महत्या थ्योरी' ने 'फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स' और पीड़ित परिवारों के बीच तीखा विवाद पैदा कर दिया है. लेख में बोइंग 787 की सुरक्षा, मेंटेनेंस रिकॉर्ड पर उठे सवालों, टाटा समूह के टर्नअराउंड प्रयासों और पीड़ित परिवारों द्वारा न्याय की मांग का विस्तृत विश्लेषण किया गया है.
गिल्स वर्नियर्स | पार्टी का खेल बिगाड़ने वाले मतदाताओं की पसंद को खारिज कर रहे हैं
"राजनीतिक वैज्ञानिक गिल्स वर्नियर्स के इस विशेष वैचारिक लेख में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों द्वारा पाला बदलकर एनडीए (NDA) को समर्थन देने की अटकलों के बीच भारतीय राजनीति में बढ़ते दलबदल संकट का गहरा विश्लेषण किया गया है. लेखक ने महाराष्ट्र (शिवसेना-एनसीपी), मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गोवा के उदाहरणों के जरिए स्पष्ट किया है कि सामूहिक इस्तीफे और विभाजन कभी स्वतःस्फूर्त नहीं होते, बल्कि इनके पीछे सत्ताधारी दल (BJP) की सुनियोजित इंजीनियरिंग होती है. लेख में पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के क्रूर क्षेत्रीय कारक, कमजोर वैचारिक आधार, व्यावसायिक राजनीति, दलबदल विरोधी कानून (1985) की कानूनी खामियों और लोकसभा व राज्यसभा के संसदीय गणित पर इसके दूरगामी लोकतांत्रिक प्रभावों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है.
श्रवण गर्ग | आज अगर विपक्ष कमजोर है और मीडिया अपनी भूमिका में नहीं है, तो जुडिशरी की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है
हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग से भारतीय न्यायपालिका की मौजूदा स्थिति, उसकी विश्वसनीयता और पिछले 12 वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं के बदलते स्वरूप पर विस्तृत बातचीत की. श्रवण गर्ग ने लंदन में भारत के जजों, वकीलों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच दिखी नजदीकियों, जजों के लिए तय आचार संहिता, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले हालिया अध्यादेश और अदालतों में लंबित नियुक्तियों पर बेबाक राय रखी है. इसके अलावा, इंडियन एक्सप्रेस में आपातकाल के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया के मौजूदा संकट का एक तुलनात्मक व ऐतिहासिक विश्लेषण प्रस्तुत किया है.
भारतीय प्रकाशक ने जो सैको की किताब क्यों छोड़ी?
‘इक्वेटर’ की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मशहूर खोजी पत्रकार और ग्राफिक जर्नलिस्ट जो सैको (Joe Sacco) की नई किताब 'द वंस एंड फ्यूचर रायट' के भारतीय वितरण से पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कदम पीछे खींच लिए हैं. यह किताब 2013 में उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में भड़के हिंदू-मुस्लिम दंगों, राजनीतिक नफे-नुकसान और नागला मंडौर गाँव की ऐतिहासिक जाट पंचायत का एक विस्तृत ग्राफिक वृत्तांत है. पेंगुइन की कानूनी टीम द्वारा भेजे गए पांच पन्नों के आपत्ति-पत्र (Red Flags), धार्मिक भावनाएं आहत होने के डर, 'सुअर' शब्द जैसे आपत्तिजनक संवादों को बदलने की सलाह और इस सेंसरशिप विवाद पर पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.
भारत में रोज़गार संकट: "विकसित भारत" का सपना और 121 करोड़ बेरोज़गार युवाओं की हक़ीक़त
मशहूर अर्थशास्त्री और योजना आयोग के पूर्व रोजगार शोध संस्थान प्रमुख प्रोफ़ेसर संतोष मेहरोत्रा के विशेष इंटरव्यू पर आधारित इस रिपोर्ट में भारत के गंभीर रोजगार संकट का विस्तृत विश्लेषण किया गया है. प्रो. मेहरोत्रा की नई किताब 'इंडिया आउट ऑफ वर्क' के अनुसार, नोटबंदी और जीएसटी के झटकों के बाद असंगठित क्षेत्र की कमर टूट चुकी है, जिसके चलते जीडीपी के सरकारी दावे वास्तविकता से परे हैं. आईएमएफ द्वारा भारत की जीडीपी पद्धति को सी-ग्रेड पर गिराए जाने, देश के 12 करोड़ 10 लाख 'नीट' (NEET) युवाओं की दुर्दशा, उच्च शिक्षित वर्ग में बढ़ती बेरोजगारी और 8 करोड़ मजदूरों की कृषि क्षेत्र में 'उल्टी विस्थापन' (खेती में वापसी) जैसी कड़वी वास्तविकताओं पर पढ़ें यह विशेष आर्थिक रिपोर्ट
मणिपुर: 6 नागा लोगों के शव बरामद होने के बाद सशस्त्र हमलावरों द्वारा दो कुकी लोगों की गोली मारकर हत्या, घर फूंके
मणिपुर के कामजोंग जिले में म्यांमार सीमा के पास स्थित कुलतुह कुकी गाँव पर संदिग्ध सशस्त्र हमलावरों ने गुरुवार (11 जून, 2026) सुबह तड़के हमला कर दिया. इस भीषण हमले में कुकी समुदाय के दो नागरिकों (चर्च के हेड डीकन और युवा अध्यक्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी गई और लगभग 30 घरों को आग के हवाले कर दिया गया. यह घटना कांगपोकपी जिले में छह नागा नागरिकों के शव बरामद होने के ठीक एक दिन बाद हुई है. कांग्रेस नेता डॉ. लमथिनथांग हाओकिप और कुकी बैपटिस्ट कन्वेंशन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की नाकामी पर तीखे सवाल उठाए हैं. सुरक्षा बलों की तैनाती और ताजा स्थिति पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
मप्र में भाजपा के तीनों राज्यसभा उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाने पर कांग्रेस ने लगाया ‘सीट चोरी’ का आरोप
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद कांग्रेस और भाजपा में टकराव चरम पर पहुंच गया है. नई दिल्ली में कांग्रेस की शीर्ष संगठनात्मक बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर 'सीट चोरी' और चुनाव फिक्सिंग का आरोप लगाते हुए इसे भाजपा-चुनाव आयोग की जुगलबंदी करार दिया है. दूसरी ओर, मध्य प्रदेश से भाजपा के तीनों उम्मीदवार—राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं. हलफनामे में कथित जानकारी छिपाने के विवाद और कांग्रेस की कानूनी व राजनीतिक लड़ाई की घोषणा पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 8 दिनों तक अवैध हिरासत में रखे गए मुस्लिम व्यक्ति को ₹2 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने प्रयागराज के मंसूर अहमद को आठ दिनों तक अवैध हिरासत में रखने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को ₹2 लाख का मुआवजा देने का ऐतिहासिक आदेश दिया है. अदालत ने प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शक्तियों के घोर दुरुपयोग को 'चौंकाने वाली स्थिति' करार देते हुए निर्देश दिया है कि मुआवजे की यह राशि तीन महीने के भीतर अनुशासनात्मक जांच पूरी कर जिम्मेदार सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) से वसूल की जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने निवारक हिरासत (Preventive Detention) और गैंगस्टर एक्ट के दुरुपयोग को रोकने के लिए भविष्य के लिए नए सुरक्षा उपाय भी तय किए हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
सिचुएशन रूम में निपल्स की चर्चा
यॉर्क टाइम्स (मैगी हैबर्मन और जोनाथन स्वान रिपोर्ट) के सनसनीखेज खुलासे के अनुसार, व्हाइट हाउस के सबसे सुरक्षित 'सिचुएशन रूम' में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स और डेप्युटी एजी टॉड ब्लैंच के बीच जेफ्री एपस्टीन की फाइलों को लेकर बेहद गोपनीय बैठकें हुई थीं. पुस्तक 'रेजीम चेंज' (Regime Change) के अनुसार, माग़ा (MAGA) बेस से एपस्टीन फाइल्स सार्वजनिक करने का वादा करने वाले ट्रंप प्रशासन के तब पसीने छूट गए जब फाइलों में खुद डोनाल्ड ट्रंप का नाम 38,000 से अधिक जगहों पर मिला. वॉल स्ट्रीट जर्नल की बर्थडे कार्ड रिपोर्ट को रुकवाने की ट्रंप की नाकाम कोशिश, गिलेन मैक्सवेल की माफी पर विवाद, डैन बोंगीनो का पैम बोंडी पर फूटा गुस्सा और सारा रैनसम के ईमेल में 'निपल्स' से जुड़ी अप्रमाणित चर्चा पर आधारित इस पूरी इनसाइड स्टोरी को यहाँ पढ़ें.
पहले 2022, फिर 2025, अब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी पूरा नहीं कर पाई मोदी सरकार
भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का केंद्र सरकार का लक्ष्य एक बार फिर अपनी तय समयसीमा से चूक गया है. साल 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यह लक्ष्य पहले 2022 और फिर वित्त वर्ष 2024-25 तक पूरा होना था, लेकिन मौजूदा जीडीपी आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी 3.6 ट्रिलियन डॉलर (346.4 लाख करोड़ रुपये) पर ही रुकी है, जिससे भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. लेख में रुपये के अवमूल्यन, विदेशी निवेश की कमी और यूपीए सरकार के 11% सीएजीआर (CAGR) के मुकाबले मोदी सरकार के 12 वर्षों में रही 6% डॉलर जीडीपी विकास दर का तुलनात्मक विश्लेषण पढ़ें.
पल या आंदोलन? कॉकरोच जनता पार्टी के लिए बढ़ता युवा समर्थन भारत के लिए क्या संकेत देता है
भारत में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ युवाओं का गुस्सा अब एक नए राजनीतिक नारे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के रूप में सड़कों पर उतर आया है. बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़े 30 वर्षीय अभिजीत दिपके के नेतृत्व में 6 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने डिजिटल आक्रोश को एक जमीनी आंदोलन में बदल दिया है. लेख में दुनिया भर के 2.8 अरब 'जेनरेशन जी' (Gen Z) युवाओं की राजनीतिक व्यवस्था से निराशा, सोशल मीडिया के जरिए अनौपचारिक राजनीतिक भागीदारी और पारंपरिक दलों के समानांतर खड़े हो रहे इस नए युवा आंदोलन का गहन विश्लेषण किया गया है.
दशकों तक राज्य के साथ खड़े रहे जम्मू-कश्मीर के आदिवासी अब बेदखली, तोड़फोड़ और अपने ही घर में असुरक्षा का सामना कर रहे हैं
जम्मू के सिदरा बांधी इलाके में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गुज्जर-बकरवाल समुदाय के 28 घरों को अवैध कब्जा बताकर ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे लगभग 1500 लोग बेघर हो गए हैं. स्थानीय निवासियों का दावा है कि उनके पास 35 वर्ष पुराने दस्तावेज और राशन कार्ड हैं, फिर भी वन अधिकार कानून (FRA 2006) का उल्लंघन कर उन्हें बेदखल किया गया. रिपोर्ट में 1990 के विस्थापन, भाजपा विधायक विक्रम रंधावा की कथित भूमिका, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया और इस खानाबदोश अनुसूचित जनजाति के सिकुड़ते चरागाहों व पारंपरिक प्रवास मार्गों (सांबा, पहलगाम, गांदरबल विवाद) का ऐतिहासिक और सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण किया गया है.
वीवीपी शर्मा | ₹370 की बिरयानी: असली कहानी तालियाँ क्यों थीं
वरिष्ठ पत्रकार वी.वी.पी. शर्मा के इस विशेष आलेख में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो (क्राउडवर्क) के दौरान ₹370 की चिकन बिरयानी और डेटिंग संस्कृति पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी से उपजे देशव्यापी सोशल मीडिया विवाद की गहरी समीक्षा की गई है. लेखक ने हिमांशु जांगड़ा की टिप्पणी, नौकरी से बर्खास्तगी और प्रणीत मोरे की माफी के परे जाकर इस बात का विश्लेषण किया है कि आखिर दर्शकों का पूरा कमरा इस महिला-विरोधी बयान पर ठहाके मारकर क्यों हँसा. लेख में आधुनिक कॉमेडी सर्किट में जसपाल भट्टी व राजू श्रीवास्तव जैसी विचारशील परंपरा के अंत, 'अश्लीलता व शॉक वैल्यू' को बुद्धिमत्ता समझने की भूल, डिजिटल एल्गोरिद्म जनित आक्रोश और स्वतंत्र होती महिलाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर बेचे जा रहे 'सस्ता पुरुषत्व' पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
राकेश कायस्थ | मोदी सरकार का ‘गुप्त’ रोग
राकेश कायस्थ के इस विशेष वैचारिक लेख (फेसबुक वॉल से साभार) में प्रसिद्ध उपन्यास 'राग दरबारी' के पात्र 'वैद्यजी' के बहाने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा तंज कसा गया है. लेखक का तर्क है कि जहाँ सरकार विपक्ष और अन्य मुद्दों (प्रकट रोग) का इलाज आक्रामक तरीके से कर रही है, वहीं देश की आर्थिक बदहाली (गुप्त रोग) का गुपचुप इलाज विफल साबित हो रहा है. लेख में सितंबर 2024 से शुरू हुई कॉर्पोरेट नतीजों में गिरावट, इनकम टैक्स व जीएसटी दरों में कटौती के बेअसर होने, 2 लाख करोड़ रुपये की मुफ्त अनाज योजना, आसमान छूते डॉलर और उच्च शिक्षित युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर आर्थिक मुद्दों का विस्तृत व बेबाक विश्लेषण किया गया है.
अयोध्या राम मंदिर फंड में ‘गबन’ के आरोपों पर भाजपा नेता ने केंद्रीय जांच की मांग की
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के करोड़ों रुपये कथित रूप से गायब होने को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले में पीएमओ (PMO) द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बीच भाजपा प्रवक्ता डॉ. रजनीश सिंह ने खुद पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीआई (CBI) या ईडी (ED) से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. दूसरी ओर, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने न्यायिक हस्तक्षेप और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है. हालांकि, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे एसबीआई (SBI) के साथ चल रहा एक रूटीन आंतरिक ऑडिट बताया है. निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा की आपात बैठक और इस पूरे विवाद पर पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट.
दिलचस्प: कांग्रेस के विरोध के बावजूद, झारखंड में एनडीए उम्मीदवार का नामांकन मंजूर
झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान उस वक्त भारी राजनीतिक खींचतान देखने को मिली जब कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की गंभीर आपत्तियों के बाद एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा मंजूर कर लिया गया. कांग्रेस विधायक नमन बिक्सल कोंगारी ने नथवाणी पर अपने हलफनामे में कंपनियों के निदेशक (डायरेक्टर) पद की जानकारी छिपाने और नाम में विसंगति का आरोप लगाया था, जिसके चलते नामांकन अस्थाई रूप से पेंडिंग हो गया था. हालांकि, भाजपा द्वारा इन आरोपों को निराधार बताने और नथवाणी द्वारा दिए गए वैध दस्तावेजों व स्पष्टीकरण के बाद चुनाव अधिकारी ने इसे वैध घोषित कर दिया है. विधानसभा परिसर के बाहर भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़े राजनीतिक तनाव पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

