‘पूरी तरह से निंदनीय और खुल्लम-खुल्ला’: नटराजन का नामांकन खारिज होने पर कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग
असद रहमान की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने का विवाद अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पास पहुंच गया है. कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को विस्तृत प्रतिवेदन सौंपकर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के आदेश को पूरी तरह गैर-कानूनी बताया है. सिंघवी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33ए (Section 33A of RP Act) और संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देते हुए तर्क दिया कि जिस निजी शिकायत पर कोर्ट ने संज्ञान तक नहीं लिया और न ही आरोप तय हुए, उसे हलफनामे में छुपाने का आरोप बेबुनियाद है. चुनाव आयोग द्वारा कार्रवाई न होने पर कांग्रेस ने तत्काल अदालत जाने की चेतावनी दी है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
41 प्रतिशत वोट और अकेली पड़ गईं ममता
हरकारा एक्सप्लेनर’ के विशेष लाइव इंटरव्यू में पत्रकार निधीश त्यागी और विश्वजीत कुमार ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का गहन विश्लेषण किया है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरती दिख रही है. विधानसभा में रितब्रत बनर्जी को 58 विधायकों के समर्थन से नेता प्रतिपक्ष की मान्यता मिलने के बाद अब लोकसभा के 28 में से 20 सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एनडीए (NDA) को समर्थन देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुई इस बड़ी राजनीतिक हलचल और केंद्र सरकार के 313 तक पहुँचते नए संख्या बल पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
सुभाष चंद्र गर्ग | भारत के शेयर बाजार अब वैश्विक रैंकिंग में ऊपर क्यों नहीं चढ़ रहे हैं
पूर्व वित्त और आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के इस विशेष आर्थिक विश्लेषण (द क्विंट और लिंक्डइन रिपोर्ट) के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार वैश्विक मार्केट-कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) रैंकिंग में चौथे स्थान से गिरकर सातवें स्थान पर आ गया है. पिछले कुछ दिनों में ताइवान ($4.95 ट्रिलियन) और दक्षिण कोरिया ($5.04 ट्रिलियन) ने भारत ($4.84 ट्रिलियन) को पीछे छोड़ दिया है. लेख में बताया गया है कि कैसे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार से तेजी से पूंजी निकाल रहे हैं और ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में अकेले ताइवान की कंपनी TSMC का वजन पूरी भारतीय कंपनियों से अधिक हो गया है. रुपये की गिरावट, नीतिगत चूक और भारत की 'विकास गाथा' पर वैश्विक अविश्वास के कारणों पर पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
राजेश चतुर्वेदी | जो जिस चुनाव चिन्ह पर जीतकर आया है, उसे दल बदलने से पहले इस्तीफा देकर जनता से नया जनादेश लेना चाहिए
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस राजनीतिक एपिसोड में निधिश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार राजेश चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द होने के बाद उपजे संवैधानिक और राजनीतिक संकट पर गहराई से चर्चा की है. विश्लेषण में बताया गया है कि कैसे एक अदालती समन को आधार बनाकर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई और कांग्रेस की निश्चित मानी जा रही सीट को संकट में डाल दिया. झारखंड और मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग के दोहरे रवैये के आरोपों, कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से भेजने की मजबूरी, तेलंगाना प्रभारी के रूप में नटराजन की अंदरूनी राजनीतिक घेराबंदी और 2014 के बाद देश में मजबूत हुई 'सैम-दाम-दंड-भेद' की राजनीति पर पढ़ें यह विस्तृत आलेख.
आकार पटेल | सिर्फ लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहना महानता का प्रमाण नहीं
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल और निधीश त्यागी ने राम माधव के लेख के आलोक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल और उनकी राजनीतिक विरासत की समीक्षा की है. चर्चा में जवाहरलाल नेहरू द्वारा निर्मित आधुनिक भारत की बुनियादी संस्थाओं (वैज्ञानिक अनुसंधान, उच्च शिक्षा) की तुलना वर्तमान दौर के ढांचागत व डिजिटल विकास से की गई है. सकल घरेलू उत्पाद (GDP), रोजगार के संकट, विदेश नीति और देश की सांस्कृतिक विविधता जैसे महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस पूरी बातचीत का विश्लेषण यहाँ पढ़ें.
मणिपुर: छह लापता नागा बंधकों के शव बरामद; एक दिन पहले ही 14 कुकी नागरिकों को किया गया था रिहा
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सुरक्षा बलों के एक बड़े संयुक्त तलाशी अभियान के बाद छह लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जिनके लापता नागा पुरुष होने का संदेह है. मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और असम राइफल्स के 450 जवानों द्वारा चलाए गए 24 घंटे के ऑपरेशन के बाद यह बरामदगी हुई है. ये मृतक कथित तौर पर 13 मई 2026 को लीलोन वैफेई से अगवा किए गए लोगों में शामिल थे. यह घटना 14 कुकी नागरिकों की सुरक्षित रिहाई के ठीक एक दिन बाद सामने आई है. शवों को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए इम्फाल के रिम्स (RIMS) अस्पताल भेजा गया है. पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.
‘हमारे वोट कहाँ गए?’: बंगाल के न्यू टाउन के मतदाताओं का सवाल, जहाँ मुस्लिम बहुल बूथ पर भाजपा को मिले 97% वोट
श्चिम बंगाल के राजारहाट न्यू टाउन निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी नतीजे गंभीर विसंगतियों और पारदर्शिता की कमी के कारण कानूनी विवादों में घिर गए हैं. रिपोर्ट में 88% मुस्लिम आबादी वाले बूथ संख्या 164 और पड़ोसी बूथ 165 के नतीजों में जमीन-आसमान का अंतर सामने आया है. जहाँ बूथ 164 पर भाजपा उम्मीदवार पीयूष कनोडिया को एकतरफा 97% वोट मिले, वहीं टीएमसी और माकपा-आईएसएफ गठबंधन (सप्तरर्षि देब) के वोट गायब दिखे. 18वें राउंड की मतगणना के दौरान उम्मीदवारों को दूर रखने, अतिरिक्त 52 वोटों के ईवीएम विवाद और दो सप्ताह की देरी से 'फॉर्म 20' जारी होने पर पढ़ें यह पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.
ताश के पत्तों की तरह क्यों बिखर रही है तृणमूल कांग्रेस?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने अस्तित्व के सबसे बड़े संकट से गुजर रही है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से नाराज होकर 28 में से करीब 20 लोकसभा सांसदों के भाजपा नीत एनडीए (NDA) के पाले में जाने और विधायकों द्वारा रितब्रत बनर्जी को नया नेता प्रतिपक्ष चुनने से ममता बनर्जी के साम्राज्य में दरारें आ गई हैं. रिपोर्ट में चुनावी रणनीतिकारों (I-PAC) पर अत्यधिक निर्भरता, पुराने नेताओं की अनदेखी, यूसुफ पठान जैसे बाहरी चेहरों की 'पैराशूट राजनीति' और संगठन की अंदरूनी कमजोरी का विस्तृत विश्लेषण किया गया है.
विद्या कृष्णन | मोदी कॉकरोच को मारने के लिए तोप का इस्तेमाल कर रहे हैं
खोजी पत्रकार विद्या कृष्णन के इस विशेष वैचारिक आलेख में कॉलेज छात्रों द्वारा बनाए गए सोशल मीडिया व्यंग्यात्मक मंच 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ हुई सरकारी कार्रवाई की तार्किक समीक्षा की गई है. लेखिका ने बताया है कि कैसे मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी से उपजे इस डिजिटल आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जगह मिलने के बाद ब्लॉक कर दिया गया. इसके साथ ही, नीट पेपर लीक घोटालों, छात्रों की आत्महत्याओं पर सत्ता की कथित उदासीनता, नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग स्वेंडसन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेस स्वतंत्रता पर पूछे गए सवाल और देश के मौजूदा सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में लोकतंत्र के 'सुरक्षा वाल्व' (व्यंग्य) को दबाने के राजनीतिक नतीजों पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.
भारत में गरीबी और असमानता पर शोध के लिए जीन द्रेज़ को वैश्विक सम्मान
प्रख्यात अर्थशास्त्री जीन द्रेज़ को पेरिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में आयोजित विश्व असमानता सम्मेलन में 'ग्लोबल इनइक्वैलिटी रिसर्च अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है. द्रेज़ को यह सम्मान भारत में गरीबी, जातिगत व लैंगिक असमानता पर उनके शोध और मनरेगा व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है. पुरस्कार ग्रहण करने के बाद द्रेज़ ने नए 'विकसित भारत-गारंटी ग्रामीण रोजगार कानून' की कमियों और राशन वितरण में अनिवार्य किए गए डिजिटल प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन) के कारण गरीबों को होने वाले नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है. पढ़ें यह पूरी रिपोर्ट.
युवा आंदोलनों से भाजपा क्यों डरती है? विरोध से निपटने की चार-स्तरीय रणनीति की पड़ताल
‘द क्विंट’ की इस विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के अनुसार, 6 जून को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार का नरम रवैया कई राजनीतिक संकेत देता है. रिपोर्ट में विश्लेषण किया गया है कि कैसे सरकार पेपर लीक और बेरोजगारी से उपजे देशव्यापी युवा असंतोष को नियंत्रित करने के लिए 'दमन, समायोजन, विभाजन और वैधता पर सवाल' जैसी रणनीतियों का उपयोग करती है. अतीत में राहुल गांधी की युवा ब्रिगेड, गुजरात के हार्दिक पटेल व अल्पेश ठाकोर और असम के सीएए विरोधी आंदोलनकारी अखिल गोगोई के खिलाफ अपनाई गई रणनीतियों के आलोक में पढ़ें यह पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | राहुल गांधी समझ चुके हैं कि क्षेत्रीय दल आधुनिक भारत की रियासतें हैं
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस विशेष कूटनीतिक और राजनीतिक एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की हालिया बैठक और विपक्षी राजनीति के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की है. विश्लेषण में बताया गया है कि हाल के राजनीतिक झटकों के बाद कैसे क्षेत्रीय दल अपने राज्यों में रक्षात्मक स्थिति में हैं, जबकि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ मुख्य संघर्षकर्ता के रूप में उभरी है. उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस समीकरण, आम आदमी पार्टी की भूमिका और आगामी 2027 व 2028 के चुनावों में विपक्ष की जमीनी चुनौतियों पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषणात्मक आलेख.
राज्यसभा चुनाव: मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज
मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में उस वक्त एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी (RO) द्वारा खारिज कर दिया गया. यह कार्रवाई भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की उस आपत्ति के बाद की गई, जिसमें नटराजन पर तेलंगाना के एक मामले की जानकारी चुनावी हलफनामे में छुपाने का आरोप था. इस फैसले का मंत्री राकेश सिंह और कैलाश विजयवर्गीय सहित भाजपा नेताओं ने विधानसभा में जश्न मनाया. दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा व हरीश चौधरी ने इसे तकनीकी रूप से गलत बताते हुए स्पष्ट किया कि नटराजन पर कोई एफआईआर नहीं बल्कि सिर्फ एक नोटिस था, जिसे छुपाया नहीं गया. इस राजनीतिक विवाद और कांग्रेस के अदालत जाने के फैसले पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
पटना कोर्ट ने ‘खान सर’ की गिरफ्तारी पर रोक लगाई, केस डायरी मांगी
पटना की एक अदालत ने मशहूर शिक्षक फैसल खान उर्फ 'खान सर' की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. 2 जून की रात खान सर के 'खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट' में 15-20 उपद्रवियों द्वारा किए गए कथित पथराव और तोड़फोड़ के बाद सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई जवाबी फायरिंग के मामले में खान सर को भी नामजद किया गया था. सोमवार को दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने खान सर को दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत दी है और पुलिस को अगली सुनवाई पर केस डायरी व रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया है. पूरी खबर यहाँ पढ़ें.
टिफिन में गोमांस: नाबालिग छात्र हिरासत में, माँ गिरफ्तार, 5 मुस्लिम छात्रों पर निष्कासन की तलवार
असम के गोलपारा जिले के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 9 के एक मुस्लिम छात्र द्वारा टिफिन में कथित तौर पर बीफ (गोमांस) लाने और उसे हिंदू सहपाठियों को खिलाने के प्रयास के बाद भारी सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया है. घटना के बाद पुलिस ने नाबालिग छात्र को हिरासत में लेकर किशोर अदालत में पेश किया है, जबकि उसकी मां को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
मुस्लिम-विरोधी हिंसा पर आधारित आनंद पटवर्धन की डॉक्यूमेंट्री “फादर, सन एंड होली वॉर” यूट्यूब से हटाई गई
दिग्गज फिल्म निर्माता आनंद पटवर्धन की 1995 की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री "फादर, सन एंड होली वॉर" (Father, Son, and Holy War) को यूट्यूब (YouTube) ने 'हिंसक सामग्री' नीति का उल्लंघन बताते हुए अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है. बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा, पितृसत्ता और कट्टरवाद की गहरी पड़ताल करने वाली इस फिल्म पर हुए एक्शन का पटवर्धन ने कड़ा विरोध किया है. अतीत में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद दूरदर्शन पर प्रसारित हो चुकी इस डॉक्यूमेंट्री और इससे पहले "राम के नाम" फिल्म पर लगे डिजिटल प्रतिबंधों की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें.
संभल में ढहाई गई मस्जिद से ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर ‘बरामद’ होने के बाद आठ मुसलमानों पर मामला
त्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन द्वारा कब्रिस्तान की भूमि पर कथित अवैध निर्माण बताकर एक मस्जिद को ढहा दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने मस्जिद से 49 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर और चांद-तारे वाला हरा झंडा बरामद करने का दावा करते हुए इसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बताया है. पुलिस ने मस्जिद के मुतवल्ली और कमेटी सदस्यों सहित आठ लोगों पर बीएनएस (BNS) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया है.
कांति बाजपेयी | अमेरिका-भारत का विशेष संबंध अब व्यावहारिक लेन-देन में बदल चुका है
अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ कांति बाजपेयी के इस विशेष वैचारिक आलेख में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, युद्ध मंत्री पीटर हेगसेथ और राजदूत सर्जियो गोर की हालिया कूटनीतिक गतिविधियों के आलोक में भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा की गई है. लेखक के अनुसार, पिछले 30 वर्षों के विपरीत अब दोनों देशों के बीच 'विशेष संबंध' समाप्त हो चुके हैं और भविष्य का एजेंडा सीमित व लेन-देन (Transactional) आधारित होगा. यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख, खाड़ी देशों में मध्यस्थ के रूप में अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को तरजीह देने, चीन के मुकाबले बढ़ते आर्थिक अंतर और क्वाड (Quad) व इंडो-पैसिफिक में भारत की अनिश्चित भूमिका पर पढ़ें यह पूरा भू-राजनीतिक विश्लेषण.
सुकांत चौधरी | दोषपूर्ण व्यवस्था की शिकार परीक्षाएं
जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमेरिटस सुकांत चौधरी के इस विशेष वैचारिक आलेख में नीट पेपर लीक, सीबीएसई डिजिटल मूल्यांकन और सीयूईटी की तकनीकी गड़बड़ियों के त्रिकोणीय संकट की तार्किक समीक्षा की गई है. लेखक ने शिक्षा के अत्यधिक 'केंद्रीकरण' , नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 'विशालतावाद' और मानवीय गुरु-शिष्य संवाद की जगह कंप्यूटर-आधारित यांत्रिक व्यवस्था थोपे जाने से उपजे बौद्धिक संकट को रेखांकित किया है. परीक्षा सुधारों में पुलिस, बैंक अधिकारियों और सशस्त्र बलों जैसी गैर-शैक्षणिक एजेंसियों की निर्भरता तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पढ़ें यह पूरा विश्लेषण.
श्रमिक संगठनों का विरोध, वीबी-जी-राम जी कानून के क्रियान्वयन पर रोक की मांग
ग्रामीण श्रमिक संगठनों के राष्ट्रीय मंच 'नरेगा संघर्ष मोर्चा' ने केंद्र सरकार से नए 'विकसित भारत-गारंटी ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' कानून पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. संगठन का आरोप है कि दिसंबर 2025 में पारित इस कानून को नागरिक समाज और श्रमिकों से बिना पर्याप्त परामर्श किए 1 जुलाई 2026 से लागू किया जा रहा है. रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2025-26 की ₹3,200 करोड़ से अधिक की लंबित मजदूरी, ग्रामीण रोजगार में आई 57% की भारी गिरावट और चेहरे की पहचान आधारित उपस्थिति प्रणाली (Facial Recognition Attendance) से ग्रामीण क्षेत्रों में पैदा हुए तकनीकी व्यवधानों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है.

