भारत के 58 में से 22 टाइगर रिजर्व में रेस्क्यू सेंटर नहीं; पशु चिकित्सा केंद्र, क्वारंटाइन और पुनर्वास सहायता की कमी
'द टेलीग्राफ' में अमिय कुमार कुशवाहा की रिपोर्ट. एनटीसीए (NTCA) के अनुसार भारत के 58 बाघ अभयारण्यों में से 22 में रेस्क्यू सेंटर नहीं हैं; बाघों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की कमी पर विशेष रिपोर्ट.
करन थापर | एक भयानक गलती, फिर शीर्ष स्तर पर बयां करती चुप्पी: पासपोर्ट विवाद और एक गलत देश निकाला
'द टेलीग्राफ' में प्रकाशित वरिष्ठ पत्रकार करन थापर का लेख. जस्टिस मदन लोकुर के इंटरव्यू के हवाले से पासपोर्ट विवाद, नागरिकता के प्रमाण और बंगाली मुस्लिम नागरिक दानिश शेख के गलत निष्कासन पर बड़ा विमर्श.
गौतम मुखोपाध्याय | मणिपुर में बहिष्करण का एक रास्ता है ‘एसआईआर’
‘द हिंदू’ में पूर्व राजदूत गौतम मुखोपाध्याय का लेख. मणिपुर में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से विस्थापित कुकी-ज़ो समुदाय के मतदाता सूची से बाहर होने और नागरिकता संकट पर बड़ा विश्लेषण.
अपूर्वानंद | राम मंदिर से जुड़े मौजूदा विवाद को केवल चढ़ावे की कथित अनियमितता तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस एपिसोड में निधीश त्यागी ने प्रोफेसर अपूर्वानंद से राम मंदिर ट्रस्ट में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं, सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले और इसके राजनीतिक संदर्भ पर विशेष बातचीत की.
'स्पर्मागेडन': क्या दुनिया पुरुष प्रजनन संकट का सामना कर रही है?
'द गार्डियन' की रिपोर्ट. पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में 50% की कमी और शुक्राणुओं की घटती संख्या पर 'स्पर्मागेडन' बहस; मोटापा, माइक्रोप्लास्टिक और जीवनशैली के प्रभावों का वैज्ञानिक विश्लेषण.
"मुझे गोली क्यों मारी गई?" पेलेट गन से अंधी हुई छात्रा की कहानी, जो फिल्म ‘चौहान’ से गायब कश्मीरियों की सच्चाई सामने लाती है
'आर्टिकल 14' में हरिंदर बावेजा की रिपोर्ट. साल 2016 में कश्मीर में पेलेट गन का शिकार हुईं इंशा मुश्ताक के संघर्ष, फिल्म 'चौहान' के विवाद और घाटी में मानवाधिकारों की हकीकत पर एक विशेष विमर्श.
खाना अब सिर्फ भोजन नहीं, एक ऐप है. क्या शहरी भारत में खत्म हो रही है साथ बैठकर खाने की संस्कृति?
'स्क्रोल' में प्रकाशित समाजशास्त्री अंजलि भाटिया की रिपोर्ट. फूड डिलीवरी ऐप्स और क्लाउड किचन के दौर में भारतीय रसोई का बदलता स्वरूप, आधुनिक जीवनशैली और पारिवारिक रिश्तों पर इसके सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण.
पर्यावरण बचाने के दावे, लेकिन रैंकिंग में सबसे नीचे. भारत 176वें स्थान पर क्यों पहुंचा?
'द वायर' की रिपोर्ट. पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) 2026 में 177 देशों की सूची में भारत फिर सबसे निचले पायदानों (176वें स्थान) पर; खराब वायु गुणवत्ता और उत्सर्जन बड़ी चुनौती.
बांग्लादेश की हसीना की दिसंबर में पार्टी सहयोगियों के साथ लौटने और आत्मसमर्पण करने की योजना
'रॉयटर्स' को दिए विशेष इंटरव्यू में बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना का बड़ा ऐलान; दिसंबर 2026 के आसपास भारत में निर्वासन खत्म कर बांग्लादेश लौटेंगी और अदालत में करेंगी आत्मसमर्पण.
यूजी पाठ्यक्रमों में नामांकन पहली बार घटा, युवाओं में बढ़ती निराशा एक वजह, सर्वे में बदलते रुझान का खुलासा
'द टेलीग्राफ' में बसंत कुमार मोहंती की रिपोर्ट. AISHE सर्वे के अनुसार भारत में पहली बार स्नातक (UG) नामांकन में आई गिरावट; NEP नीतियां, छात्रवृत्ति बंद होना और बेरोजगारी इस रुझान के मुख्य कारण.
मनोज कुमार झा | लोकतंत्र संदेह के सिद्धांत पर चलने लगा है
'द टेलीग्राफ' में प्रकाशित मनोज कुमार झा का लेख. पासपोर्ट, वोटर आईडी और आधार के बावजूद नागरिकता के प्रमाण पर बढ़ती प्रशासनिक अनिश्चितता और 'संदेह के सिद्धांत' पर एक गंभीर संवैधानिक विमर्श.
असम राइफल्स ने म्यांमार और पूर्वोत्तर भारत पर आरएसएस से जुड़े संगठन के साथ मिलकर सेमिनार की मेजबानी की
'द रिपोर्टर्स कलेक्टिव' में अंगना चक्रवर्ती की रिपोर्ट. गुवाहाटी में असम राइफल्स और आरएसएस के 'सीमांत चेतना मंच' द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित भारत-म्यांमार सीमा सेमिनार पर एक विस्तृत और राजनीतिक विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | विदेशी सरकारों ने प्रधानमंत्री की एक कमजोरी पहचान ली है. सम्मान दीजिए, तारीफ कीजिए और फिर अपने हित साध लीजिए
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का विश्लेषण. पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं, वैश्विक सम्मानों और देश के भीतर बेरोजगारी व अन्य आंतरिक चुनौतियों पर एक कूटनीतिक विमर्श.
भारत में मातृत्व अवकाश अधिकार तो है, लेकिन अधिकांश महिलाओं के लिए अब भी एक अधूरा वादा
'आर्टिकल 14' की रिपोर्ट. भारत में मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) कानून और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बावजूद असंगठित क्षेत्र की 93% से अधिक कामकाजी महिलाओं, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बदहाली का विश्लेषण.
भारत के शिक्षा संकट के बीच विदेश में पढ़ रहे केंद्रीय मंत्रियों के बच्चे
'स्क्रोल' की रिपोर्ट. भारत में नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के बीच केंद्रीय मंत्रियों के बच्चों की विदेश में पढ़ाई पर छिड़ी बहस; कूटनीति बनाम भारतीय शिक्षा व्यवस्था की साख पर विशेष विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | संजय सिंह को कौन बताए कि मोदीजी ‘निर्मम क्यों हैं ?’
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का राजनीतिक विश्लेषण. सोनम वांगचुक के आमरण अनशन, किसान आंदोलन और विपक्ष की मांगों पर पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार के रवैये और कार्यप्रणाली पर एक तीखा और आलोचनात्मक कटाक्ष.
शोभन सक्सेना | भारत फुटबॉल में इसलिए पीछे है क्योंकि यहां खेल की सामाजिक और संस्थागत संस्कृति विकसित नहीं हो पाई
‘हरकारा डीप डाइव’ के विशेष एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार शोभन सक्सेना से की खास बातचीत; फीफा विश्व कप, ब्राजील और अर्जेंटीना की फुटबॉल संस्कृति और भारत में खेल की स्थिति का विश्लेषण.
डॉ. मुकेश कुमार | पकौड़ा पत्रकारिता का स्वर्णकाल
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मुकेश कुमार का मीडिया और समसामयिक राजनीति पर तीखा व्यंग्य; 'पकौड़ा पत्रकारिता' के बहाने गोदी मीडिया, बेरोजगारी और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर एक वैचारिक और आलोचनात्मक कटाक्ष.
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख पंत खुद धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपी
'द वायर' में उमर राशिद की रिपोर्ट. अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जांच कर रही SIT के प्रमुख और IAS अधिकारी विजय विश्वास पंत खुद धोखाधड़ी (420) के मामले में आरोपी; अखिलेश यादव और कांग्रेस ने उठाए सवाल.
चुनिंदा जनाक्रोश कैसे हिरासत में मौतों पर राज्य की जवाबदेही को कमजोर करता है
अनुप सुरेंद्रनाथ और सानिया रिज़वान के लेख का विश्लेषण. भारत में पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों और एनकाउंटर पर समाज के चुनिंदा जनाक्रोश और राज्य की जवाबदेही पर एक गंभीर वैचारिक समीक्षा.

