राकेश कायस्थ | ये डिक्टेटरशिप का आखिरी दौर है
लेखक राकेश कायस्थ का तीखा राजनीतिक विश्लेषण. 2014 से 2026 तक मोदी सरकार की नीतियों, क्रोनी कैपिटलिज्म, विपक्ष और देश में जारी लोकतांत्रिक असंतोष पर विस्तार से चर्चा.
जंतर-मंतर पर विरोध का प्रतीक बना एक स्टेंसिल: सार्वजनिक स्थान होता है स्ट्रीट आर्टिस्ट ‘टाइलर’ का कैनवास
बैरी रॉजर्स और संजना गणेश की रिपोर्ट. 'मुंबई के बैंक्सी' कहे जाने वाले स्ट्रीट आर्टिस्ट टाइलर की कला बनी जंतर-मंतर आंदोलन का प्रतीक; मोदी-अडानी-अंबानी स्टेंसिल और जेन-ज़ी के कलात्मक विरोध पर विशेष विश्लेषण.
डॉक्टरों ने कहा है, पेलेट गन का शिकार हुए पीड़ित की आँख की रोशनी वापस आने की केवल 1% संभावना है
‘द हिंदू’ और ‘ऑल्ट न्यूज़’ की रिपोर्ट. संसद मार्च पर पुलिस कार्रवाई में पेलेट गन से 19 वर्षीय साहिल लोचब की आंख की रोशनी जाने का खतरा; एम्स में सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने बताई 1% उम्मीद.
पुलिस की बर्बरता पर भाजपा के भीतर भी चिंताएं: केंद्रीय नेतृत्व ने ‘हल्के में’ लेकर भारी चूक की, यह आग और फैल सकती है
अनंत गुप्ता की रिपोर्ट. 20 जुलाई के संसद मार्च में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से भाजपा के भीतर बढ़ी चिंताएँ; मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत राज्यों से उठे असंतोष के स्वर.
जेन-ज़ी का विरोध प्रदर्शन 'गैर-गंभीर' नहीं, बल्कि मोदी की गढ़ी हुई छवि को चुनौती देती सविनय अवज्ञा है
‘साउथ फर्स्ट’ की रिपोर्ट. जंतर-मंतर पर सुपरमैन, कॉकरोच और गांधीजी के वेश में पहुँचे युवा प्रदर्शनकारी; रील्स, कॉसप्ले और व्यंग्य के जरिए जेन-ज़ी ने गढ़ी सविनय अवज्ञा की नई भाषा.
छात्रों की चिंताओं को कानून-व्यवस्था का मुद्दा न समझें, बल प्रयोग पीड़ादायक: डॉ. मुरली मनोहर जोशी
वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर जताई गहरी चिंता; कहा- "संवाद से निकले हल, बलपूर्वक कार्रवाई भारत को 'विकसित भारत' से दूर ले जाएगी."
झारखंड की सरकारी भर्ती परीक्षा में 75 फीसदी अभ्यर्थी नहीं दे सके परीक्षा, कई ने देर से मिले ईमेल और दूरस्थ परीक्षा केंद्रों को ठहराया जिम्मेदार
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा में 74% अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित; दूर-दराज के परीक्षा केंद्र और देर से मिले एडमिट कार्ड पर हंगामा.
अपर्णा वैदिक | प्रतिरोध का रोमांच और बदलाव की चुनौती
इतिहासकार अपर्णा वैदिक का विशेष विश्लेषण. सीजेपी के जंतर-मंतर आंदोलन की 1968 के फ्रांस छात्र आंदोलन, 'प्रेकारियट' वर्ग और वैश्विक जेन-ज़ी क्रांतियों के साथ तुलनात्मक अध्ययन.
उनके परिवार भाजपा का समर्थन करते हैं, लेकिन वे अपने अधिकारों के लिए भाजपा नीत सरकार से लड़ने दिल्ली में हैं
‘पीटीआई’ की भावुक ग्राउंड रिपोर्ट. घर से बिना बताए दिल्ली पहुँचे प्रयागराज और मुंबई के किशोर; भगत सिंह और आंबेडकर के आदर्शों के साथ जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी.
सुशांत सिंह | क्यों महत्वपूर्ण है युवाओं का यह विशाल विद्रोह
‘द कैरविैन’ में सुशांत सिंह का विशेष विश्लेषण. वी.एस. नायपॉल की थ्योरी से लेकर दक्षिण एशिया की जेन-ज़ी क्रांतियों, नीट पेपर लीक और शिक्षित बेरोजगारी के बीच भारत के छात्र आंदोलन का गहरा राजनीतिक-सामाजिक अध्ययन.
व्हाट्सएप पीढ़ी ने आज की भाजपा बनाई; इंस्टाग्राम पीढ़ी उसे चुनौती दे रही है
'द हिंदू' में वर्गीज के. जॉर्ज का विशेष विश्लेषण. व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पीढ़ी के बीच का अंतर कैसे भारतीय राजनीति, छात्र आंदोलन और सरकार की रणनीतियों को प्रभावित कर रहा है.वर्गीज के जॉर्ज द हिंदू 2026
‘नशीला पदार्थ रख दूंगा’: मुंबई पुलिसकर्मी ने प्रदर्शनकारी छात्रों को दी धमकी
'द हिंदू' की विनाया देशपांडे पंडित की रिपोर्ट. मुंबई पुलिस ड्राइवर का वायरल वीडियो—'50 ग्राम ड्रग्स केस में फंसा दूंगा'; कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने DGP से मुलाकात कर 500-700 छात्रों की हिरासत पर कार्रवाई की मांग की.
रिबॉर्न मनीष | हम अब अकेले नहीं रहे हैं. इस आंदोलन ने लोकतंत्र के लिए सोचने वाली एक नई पीढ़ी तैयार की है.
‘हरकारा डीप डाइव’ में निधीश त्यागी की रिबॉर्न मनीष के साथ विशेष चर्चा. जंतर-मंतर आंदोलन, Gen-Z की भूमिका और भारतीय लोकतंत्र के भविष्य पर जाने पूरा विश्लेषण.
अजीत साही | हम एक जनविद्रोह को आकार लेते हुए देख रहे हैं
वरिष्ठ पत्रकार अजीत साही का विश्लेषणात्मक लेख. जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन, Gen-Z की भूमिका, आर्थिक असंतोष और भारतीय राजनीति में संभावित बड़े बदलाव पर विशेष विश्लेषण.
छात्रों के प्रदर्शनों के बीच, दिल्ली पुलिस को एनएसए के तहत किसी को भी एक साल के लिए हिरासत में लेने का अधिकार मिला
‘पीटीआई’ की रिपोर्ट. दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत संधू ने दिल्ली पुलिस की NSA (रासुका) के तहत हिरासत की शक्तियां 18 अक्टूबर तक बढ़ाईं; सीजेपी प्रदर्शनों के बीच उठा विवाद.
1997 में, धर्मेंद्र प्रधान ने एक छात्र नेता के रूप में पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था और उन्हें पीटा गया था
‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ और ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट. 1997 में ओडिशा में एबीवीपी छात्र नेता के रूप में पेपर लीक के खिलाफ लाठीचार्ज सहने वाले धर्मेंद्र प्रधान आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर छात्रों के तीखे विरोध के केंद्र में हैं.
राकेश कायस्थ | बंद करो राजनीति
वरिष्ठ पत्रकार राकेश कायस्थ का तीखा व्यंग्य 'बंद करो राजनीति'. नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलन और सरकार के रवैये पर कड़ा प्रहार.
कमाल मौला मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुक्रवार को, मुस्लिम पक्ष ने कहा- दो जुमे की नमाज छूट चुकी
‘मकतूब मीडिया’ की रिपोर्ट. धार भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई; मुस्लिम पक्ष ने रखी नमाज़ स्थल की दूरी और 2003 की व्यवस्था बहाल करने की दलील.
राकेश कायस्थ | छात्रों पर पड़ी लाठियों ने देश की राजनीतिक स्मृतियों को वापस लौटा दिया है
‘हरकारा डीप डाइव’ में निधीश त्यागी की राकेश कायस्थ के साथ विशेष चर्चा. जानिए कैसे छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई ने देश के युवाओं की राजनीतिक स्मृति को पुनर्जीवित किया है.
भबानी शंकर नायक | हिंदुत्व की राजनीति का अंतलेख लिखने के लिए खून से लाल हुई दिल्ली की सड़कें
‘काउंटरकरेंट्स’ में प्रकाशित भबानी शंकर नायक के लेख का हिंदी अनुवाद. दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लोकतांत्रिक अधिकारों पर विशेष टिप्पणी.

