धर्मेंद्र प्रधान बाहर, गडकरी और सीतारमण का नंबर: सीजेपी की जीत के बाद मीम्स के निशाने पर बीजेपी मंत्री
‘द टेलीग्राफ वेब डेस्क’ की रिपोर्ट. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़; नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण और अश्विनी वैष्णव बने जेन-ज़ी और यूज़र्स के अगले निशाने.
दिल्ली में छात्रों पर पुलिस बर्बरता: अमित शाह को इन 12 सवालों के जवाब देने चाहिए
‘द वायर’ की रिपोर्ट. 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर उठे 12 अहम सवाल; पैलेट गन, कील लगी लाठियां और गृह मंत्रालय की जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल.
दुनिया की दो-तिहाई खनन इकाइयों पर गंभीर जल संकट का खतरा: आईसीएमएम रिपोर्ट
‘डाउन टू अर्थ’ और ICMM की वैश्विक रिपोर्ट. दुनिया की 65.7% खनन और धातु इकाइयां सूखे, बाढ़ और जल तनाव के गंभीर खतरे में; मध्य भारत भी प्रमुख जल जोखिम हॉटस्पॉट घोषित.
सी. अरयमा सुंदरम | देश के युवा तानाशाही के खिलाफ खड़े हो गए हैं
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सी. अरयमा सुंदरम की 'द हिंदू' में टिप्पणी. नीट विवाद और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा—देश के युवाओं ने तानाशाही के खिलाफ 'बस, अब और नहीं' की हुंकार भरी है.
श्रवण गर्ग | असली आंदोलन अब शुरू हुआ है
'हरकारा डीप लाइव' पर निधीश त्यागी से बातचीत. वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का विश्लेषण—धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन का अंत नहीं, बलि का बकरा बने पूर्व शिक्षा मंत्री; जानिए जंतर-मंतर के आगे की स्थिति.
‘तानाशाह हार गया!’: जंतर-मंतर पर लगे नारे, लहराया तिरंगा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर हुआ नाच-गाना
‘द हिंदू ब्यूरो’ की रिपोर्ट. नीट-यूजी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और प्रदर्शनकारियों ने मनाया जश्न; अभिजीत दिपके का ऐलान—आंदोलन जारी रहेगा.
जंतर-मंतर पर खाना-पानी बांट रहे मोहम्मद जुनैद का आरोप- यूपी पुलिस ने परिवार को हिरासत में लिया
‘मकतूब मीडिया’ की रिपोर्ट. जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में खाना-पानी बांटने वाले स्वयंसेवक मोहम्मद जुनैद का आरोप—यूपी पुलिस ने मेरठ और गाजियाबाद में परिवार को हिरासत में लिया और आधार-पासबुक जब्त किए; सीजेपी और आइसा ने जताया विरोध.
‘हम दोस्त नहीं हैं’: पीएम मोदी की रिकॉर्ड तोड़ सोशल मीडिया रील पर जेन-ज़ी ने किया पलटवार
अहेली बनर्जी की रिपोर्ट. नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बीच पीएम नरेंद्र मोदी के देर रात आए इंस्टाग्राम वीडियो रील और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जेन-ज़ी प्रदर्शनकारियों का तीखा व्यंग्य और मीम्स का दौर जारी.
सुदीप ठाकुर | जेन जी के जार्गन में उलझी सरकार
वरिष्ठ पत्रकार सुदीप ठाकुर का विशेष विश्लेषण. एसआरसी में दिए 2013 के भाषण से लेकर जंतर-मंतर पर 2026 के 'जेन-ज़ी' आंदोलन तक—जानिए कैसे युवाओं की प्रतिरोध की भाषा और जार्गन के सामने असहज दिख रही है सत्ता.
गार्डियन | ‘कॉकरोच आंदोलन’ ने डर के साए को पूरी तरह हटा दिया
‘द गार्डियन’ में हन्ना एलिस-पीटरसन की रिपोर्ट. अभिजीत दिपके की पैरोडी वेबसाइट से शुरू हुआ ‘कॉकरोच आंदोलन’ नीट पेपर लीक के विरोध में मोदी सरकार के लिए बना बड़ा राजनीतिक सिरदर्द; प्रताप भानु मेहता का विश्लेषण.
नीट 2024 पेपर लीक: सीबीआई को मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला
संतोष सिंह की रिपोर्ट. नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के दौरान मुख्य संदिग्ध संजीव मुखिया के खिलाफ सबूत न मिलने पर चार्जशीट दायर नहीं की गई; पूरे मामले का विवरण.
पेपर लीक: मोदी ने फास्ट-ट्रैक अदालतों की घोषणा जरूर कर दी, लेकिन हकीकत में हाल बुरा है, लाखों पेंडिंग केस
इशिता मिश्रा की रिपोर्ट. Fast-Track Courts की घोषणा के अगले ही दिन कानून मंत्रालय के आंकड़े आए सामने; देश की विशेष अदालतों में 2.45 लाख से अधिक मामले लंबित.
‘छर्रे’, ‘बिजली के झटके’, ‘कील लगे डंडे’: कॉकरोच पार्टी के संसद मार्च में घायलों की आपबीती
‘द टेलीग्राफ’ में देबायन दत्ता की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट. 20 जुलाई के संसद चलो मार्च में पेलेट गन, कील लगे डंडे और टीजर गन के इस्तेमाल के गंभीर आरोप; राहुल गांधी ने पीड़ित साहिल लोचब को मीडिया के सामने लाते हुए सरकार पर बोला हमला.
जहानाबाद में पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बिहार पुलिस की फायरिंग
‘स्क्रोल’ और ‘एबीपी न्यूज़’ की रिपोर्ट. बिहार के जहानाबाद में छात्र प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़प; पुलिस ने की फायरिंग, 100 से अधिक लोग गिरफ्तार और जिलाधिकारी आवास पर पथराव.
फिर वही सजा : आतंकवादियों द्वारा पुलिसकर्मी की हत्या के बाद कश्मीर में दो संदिग्धों के मकान गिराए
कश्मीर के अनंतनाग में पुलिसकर्मी आशिक हुसैन की हत्या के बाद सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई; संदिग्ध आतंकियों के दो घर धमाके से उड़ाए गए, 2000 ओवरग्राउंड वर्कर्स हिरासत में.
अरावली समिति द्वारा ऑनलाइन सुझाव मांगे जाने का ग्रामीण हितधारक कैसे पालन करेंगे?
‘द वायर’ की रिपोर्ट. सर्वोच्च न्यायालय की हाई पावर कमेटी ने अरावली मुद्दों पर केवल ऑनलाइन माध्यम (ईमेल और गूगल फॉर्म) से मांगे सुझाव; ग्रामीण समुदायों, पर्यावरणविदों और आदिवासियों ने जताई भारी चिंता.
राकेश कायस्थ | अमृतकाल के अ-राजनीतिक चोट्टे
लेखक राकेश कायस्थ का तीखा राजनीतिक विश्लेषण. सोनम वांगचुक के अनशन, शिक्षा व्यवस्था के निजीकरण, डिजिटल युग में विपक्ष की भूमिका और जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर विस्तार से चर्चा.
जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शनों में पारंपरिक मीडिया क्यों निशाने पर है?
‘साउथ फर्स्ट’ की विशेष रिपोर्ट. जंतर-मंतर पर जेन-ज़ी छात्र आंदोलन के दौरान मुख्यधारा मीडिया और "गोदी मीडिया" के खिलाफ बढ़ता आक्रोश, पत्रकारों की चुनौतियाँ और मीडिया की साख पर गहराते सवाल.
अजित साही | यह नाराज़गी पिछले दस दिनों में पैदा नहीं हुई है. यह वर्षों से लोगों के भीतर जमा असंतोष का विस्फोट है.
'हरकारा डीप डाइव' में वरिष्ठ पत्रकार अजित साही और निधीश त्यागी का विशेष विश्लेषण. जंतर-मंतर छात्र आंदोलन, मोदी सरकार की चुनौतियाँ, वैश्विक तानाशाही व्यवस्थाओं के पैटर्न और भारत में उभरती जेन-ज़ी बगावत पर गहराई से चर्चा.

