एसआईआर: चार राज्यों की मतदाता सूची से 22 लाख से अधिक नाम हटाए गए
'स्क्रोल' की रिपोर्ट. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण में ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम और सिक्किम से 22 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटे; विपक्ष ने लगाया चुनावी प्रक्रिया पर सवाल.
आधिकारिक दस्तावेजों से परे, नागरिक होने और इस देश से जुड़ाव का अधिकार
'द हिंदू' की रिपोर्ट. मद्रास उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुहृत पार्थसारथी का विश्लेषण; विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा पासपोर्ट को केवल "यात्रा का दस्तावेज" बताए जाने पर तीखा कानूनी व संवैधानिक विश्लेषण और नागरिकता साबित करने के बढ़ते बोझ पर बड़ी चर्चा.
श्रवण गर्ग | जब हुकूमत ही अपनी जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है, तो फिर जवाबदेही की उम्मीद किससे की जाए?
'हरकारा डीप डाइव' की रिपोर्ट. निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के बीच राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विशेष चर्चा; देश के प्रमुख मंदिरों जैसे वैष्णो देवी और तिरुपति से तुलना कर पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही पर उठाए बड़े सवाल.
दक्षिण एशिया में अमेरिका ने भारत से अनुमति मांगना बंद कर दिया है
'अलजज़ीरा' के लिए नाज़मुस साकिब की रिपोर्ट. अमेरिकी सेना द्वारा 'इंडो-पैसिफिक कमांड' का नाम बदलकर दोबारा 'पैसिफिक कमांड' करने से भू-राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत; दक्षिण एशिया में भारत के क्षेत्रीय वीटो और अमेरिकी सब-कॉन्ट्रैक्टर के युग के अंत पर विशेष विश्लेषण.
जसिंता केरकेट्टा | आदिवासी जीवन-दर्शन का मूल है कि हर इंसान आज़ाद भी रहे और प्रकृति, समाज और समुदाय से जुड़ा भी रहे
'कड़वी कॉफी' टॉक शो का विशेष एपिसोड. लेखक-पत्रकार अपूर्वानंद और चर्चित आदिवासी लेखिका जसिंता केरकेट्टा के बीच आदिवासी जीवन-दर्शन, जल-जंगल-जमीन, आधुनिक विकास, पितृसत्ता और प्रकृति के सह-अस्तित्व पर एक बेहद गंभीर और वैचारिक संवाद.
भारत के पेट्रोल कार मालिक ई20 मिश्रण कार्यक्रम के लिए तैयार नहीं
'द वायर' की रिपोर्ट. लोकलसर्कल्स के सर्वेक्षण में बड़ा खुलासा; देश में E20 पेट्रोल लागू होने के बाद 2023 से पहले के पुराने वाहनों का माइलेज 10% से अधिक घटा और इंजन में टूट-फूट व मेंटेनेंस की समस्याएं दोगुनी हुईं.
‘उन्हें कोई भी पुरस्कार दे दीजिए, और वे दौड़े चले आएंगे’: नरेंद्र मोदी विदेश यात्राओं के दौरान सम्मान बटोर रहे हैं
'द गार्डियन' की हन्ना एलिस-पीटरसन की रिपोर्ट. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' पर विवाद; प्रमाणपत्र में स्पेलिंग की गलतियों और AI जनरेटेड होने के आरोपों पर कांग्रेस ने साधा निशाना.
अयोध्या के बाद अब बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावे में चोरी के आरोप, जांच के आदेश
'द हिंदू' की रिपोर्ट. अयोध्या राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोप; बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश.
2020 दिल्ली दंगे: अदालत ने उमर खालिद और शारजील इमाम की नई जमानत याचिकाएं खारिज कीं
दिल्ली दंगों (2020) की बड़ी साजिश के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट से उमर खालिद और शारजील इमाम को बड़ा झटका; कोर्ट ने यूएपीए (UAPA) के तहत दर्ज मामले में दोनों की नई जमानत याचिकाएं खारिज कीं.
एसआईआर ‘चंद लोगों के लोकतंत्र’ का मार्ग प्रशस्त कर सकता है: परकला प्रभाकर
'द हिंदू' की रिपोर्ट. अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर का बड़ा दावा; भारत निर्वाचन आयोग के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) से 16 करोड़ लोगों का मताधिकार छिनने का खतरा, दलित-अल्पसंख्यक को लोकतंत्र से बाहर करने की साजिश का आरोप.
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ फिर भड़का ‘चिता आंदोलन’, विस्थापितों की मांग- न्याय दो या मरने दो
'डाउन टू अर्थ' की रिपोर्ट. मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित आदिवासियों ने दोबारा 'चिता आंदोलन' शुरू किया; पुनर्वास, मुआवजे में विफलता और बरसात में घर तोड़े जाने का बड़ा खुलासा.
ब्लूटूथ हैक से ठप हो रहे दिल्ली के ई-रिक्शा, 1,000 रुपये की कमाई घटकर 600 रुपये रह गई
'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट. दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों के सामने नई आफत; ब्लूटूथ मोबाइल ऐप (जैसे Bat-BMS) के जरिए शरारती तत्वों द्वारा चलते वाहन को बीच सड़क पर बंद करने और जबरन वसूली का बड़ा खुलासा.
मंदिर में डकैती: ये तो छोटी मछलियाँ हैं
'द टेलीग्राफ' में वरिष्ठ पत्रकार सुनंदा के. दत्ता-रे का लेख. अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भ्रष्टाचार, चंपत राय के इस्तीफे और विपक्ष के हमलों पर तीखा राजनीतिक व सामाजिक विश्लेषण.
नितिन नवीन की सीट से चुनावी पदार्पण की तैयारी में प्रशांत किशोर, क्यों यह जन सुराज के लिए 'मेक ऑर ब्रेक' साबित हो सकता है?
'द इंडियन एक्सप्रेस' की विशेष राजनीतिक रिपोर्ट. बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से कर सकते हैं चुनावी डेब्यू. जानिए जन सुराज और भाजपा का पूरा समीकरण.
पराकाला प्रभाकर : एसआईआर से बनेगा 'कुछ लोगों का, कुछ लोगों के लिए' लोकतंत्र
एसआईआर को प्रस्तावित परिसीमन से जोड़ते हुए प्रभाकर ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर धकेले जाने का ख़तरा है. उन्होंने कहा, "नतीजा होगा — कुछ लोगों का, कुछ लोगों के लिए लोकतंत्र." सूचना के अधिकार के तहत मिले जवाबों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की योजना और अमल अपारदर्शी ढंग से हुआ है और इस पूरी कवायद को जायज़ ठहराने लायक़ पर्याप्त सामग्री सार्वजनिक दायरे में नहीं रखी गई.
‘नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है; लोग विरोध करें, तो केस थोप दिए जाते हैं’, बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणी
न्यायमूर्ति जामदार ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, "यह क्या है? सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है... वे विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, वे आंदोलन नहीं कर सकते- यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हुए हैं. अगर लोग विरोध करेंगे, तो आप केस थोप देंगे... यह क्या है? विरोध करना नागरिकों का अधिकार है... याचिकाकर्ता ने सिर्फ 'भाजपा सरकार मुर्दाबाद', 'अमित शाह मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए हैं... नागरिक ऐसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? ऐसे नारों के लिए तड़ीपार के आदेश क्यों?"
सीक्रेसी के साये में रखा मोदी सरकार ने मंदिर को, आरटीआई से भी बाहर
‘पीटीआई और टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के अनुसार यह आदेश नीरज शर्मा द्वारा दायर एक आरटीआई आवेदन से संबंधित है, जिन्होंने इस योजना और उससे जुड़े सरकारी आदेशों की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं. गृह मंत्रालय से संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद उन्होंने आयोग का दरवाजा खटखटाया था. सुनवाई के दौरान, मंत्रालय ने दलील दी कि यह जानकारी "गोपनीय और संवेदनशील प्रकृति की" है और इसे उजागर करने से "संबंधित व्यक्तियों के जीवन को खतरा हो सकता है." इसके तहत आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(g) का हवाला देते हुए इस अनुरोध को खारिज कर दिया गया.
जुर्म एक : मुस्लिम को जेल, हिंदू को उसी दिन जमानत
जहाँ जून के मामले में पुलिस ने एफआईआर की गंभीर धाराओं को चालान में शामिल न करके आरोपियों के लिए उसी दिन ज़मानत का रास्ता आसान कर दिया, वहीं मार्च के मामले में मुस्लिम समुदाय के युवकों पर लगातार नई और संगीन धाराएं जोड़कर उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ा दी गईं, जिसके कारण उन्हें महीनों जेल में काटने पड़े.
एनआर मोहंती : आरएसएस भी विदेशी पैसा लेता है; सरकार इस पर सवाल क्यों नहीं उठाती?
1948 और आज के राजनीतिक परिदृश्य में एक बहुत बड़ा व्यावहारिक अंतर आ चुका है. 1948 में संघ के पास कोई मजबूत राजनीतिक रसूख या सत्ता नहीं थी. जब सरदार पटेल ने इस पर प्रतिबंध लगाया, तो देश की जनता और अधिकांश राजनीतिक दलों ने इस फैसले का पुरजोर स्वागत किया था; किसी ने इसका विरोध नहीं किया. आज परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है. आरएसएस अब देश की सत्ता को नियंत्रित करने वाला मुख्य केंद्र बन चुका है. वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (जो कभी संघ के कार्यकर्ता या कारिंदे थे) से लेकर सत्ताधारी व्यवस्था के सभी शीर्ष नेता और मंत्री खुलेआम संघ परिवार के प्रति अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त करते हैं.
इस भारी राजनीतिक रसूख के कारण, वर्तमान समय में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाना एक व्यावहारिक विचार नहीं है. इसके बजाय, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की तरह इस अपारदर्शी और रहस्यमयी संगठन की वास्तविक गतिविधियों, इसके धुंधले अतीत और वर्तमान वित्तीय गड़बड़ियों पर खुली चर्चा शुरू करना और इसे जनता के सामने उजागर करना अधिक आवश्यक है.
रूस -यूक्रेन युद्ध में हताहतों की संख्या 20 लाख के पार
सेंटर फ़ॉर स्ट्रैटेजिक ऐंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (सीएसआईएस) के इस शोध के अनुसार रूस को 14 लाख हताहतों का नुक़सान हुआ है — जिनमें मारे गए, घायल और लापता सैनिक शामिल हैं. यह चौंकाने वाली संख्या रूस की आबादी के क़रीब एक फ़ीसदी के बराबर है. नुक़सान पूरे रूस में बराबर नहीं बंटा है — ग़रीब इलाक़ों और जातीय अल्पसंख्यकों में हताहतों की दर कहीं ज़्यादा है. रूसी विपक्षी मीडिया में दूरदराज़ के छोटे गांवों की पूरी पुरुष आबादी के लगभग मिट जाने की कहानियां आम होती जा रही हैं. अध्ययन के मुताबिक़ रूस फ़िलहाल जिस रफ़्तार से सैनिक खो रहा है, उस रफ़्तार से नई भर्ती नहीं कर पा रहा. उधर यूक्रेन के हताहतों की संख्या 5.25 लाख से 6.25 लाख के बीच आंकी गई है, जिनमें 1.25 से 1.5 लाख मौतें शामिल हैं. न रूस और न यूक्रेन आधिकारिक आंकड़े जारी करते हैं, लेकिन सीएसआईएस के ये ताज़ा आंकड़े पश्चिमी अनुमानों से मोटे तौर पर मेल खाते हैं.

