क्रिस्टोफ़ जाफ़रलो | भारत में परजीवी कौन हैं?
प्रसिद्ध राजनीतिक विज्ञानी क्रिस्टोफ़ जाफ़रलो के इस विशेष विश्लेषणात्मक आलेख में भारत के गंभीर रोज़गार संकट, आईटी (IT) क्षेत्र में ऑटोमेशन व एआई (AI) के कारण पैदा हुए बदलावों और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के उभार के सामाजिक कारणों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और विश्व असमानता रिपोर्ट (World Inequality Report) के आंकड़ों का हवाला देते हुए लेखक ने रेखांकित किया है कि कैसे शीर्ष 1% आबादी के पास संपत्ति का केंद्रीकरण बढ़ रहा है, जबकि मध्यम व असंगठित क्षेत्र का युवा ठहरी हुई आय और पेपर लीक जैसी प्रशासनिक विफलताओं से जूझ रहा है. देश के इस संक्रमण काल पर पढ़ें पूरा विचारोत्तेजक लेख.
सुहास पालशिकर | मोदी की लोकप्रियता से आगे: भारत के नए शासन की संरचना क्या है?
प्रसिद्ध राजनीतिक विज्ञानी सुहास पालशिकर के इस विशेष विश्लेषणात्मक आलेख में वर्ष 2017 से शुरू हुई 'न्यू इंडिया' की परियोजना और स्वतंत्रता के बाद स्थापित संवैधानिक गणराज्य की मूल अवधारणा को मिल रही चुनौतियों का गहरा तार्किक मूल्यांकन किया गया है. लेखक के अनुसार, मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था केवल नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर नहीं, बल्कि हिंदुत्व के वैचारिक मस्तिष्क, कॉरपोरेट-मीडिया गठजोड़ से प्रभावित नागरिक समाज और राज्य के दमनकारी संस्थागत ढांचे के त्रिकोण पर टिकी है. लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा, स्वतंत्र नागरिक संस्थाओं के सिकुड़ने और समावेशी राष्ट्रीय कल्पना की आवश्यकता पर पढ़ें यह पूरा वैचारिक लेख.
मणिपुर : तीन साल हो गए, पर जातीय हिंसा नहीं रुक रही, बंदूकधारियों के हमले में 3 कुकी ग्रामीणों की मौत, घर जलाए
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में तीन साल से जारी जातीय संघर्ष के बीच शुक्रवार 5 जून 2026 को कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में एक महिला सहित तीन कुकी ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और सात घरों को फूंक दिया गया. 'कुकी इनपी मणिपुर' (KIM) ने इस हमले के पीछे नगा उग्रवादी संगठन 'एनएससीएन-आईएम' (NSCN-IM) और जेलियानग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट का हाथ होने का आरोप लगाया है. 'ऑल नगा स्टूडेंट्स एसोसिएशन' के मार्च के ठीक बाद हुए इस हमले, 'कुकी-ज़ो काउंसिल' द्वारा अलग प्रशासन की मांग को तेज करने और मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
भारत में जल्द आ सकते हैं प्लास्टिक के करंसी नोट, नकदी में उछाल के बीच आरबीआई ने कहा
रतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को घोषणा की है कि केंद्रीय बैंक देश में पॉलीमर (प्लास्टिक) करंसी नोट जारी करने के एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. कागजी मुद्रा के चलन में भारी उछाल, उसकी उच्च छपाई लागत और नोटों के खराब होने की समस्या से निपटने के लिए यह कदम शुरुआती चरण में है. इससे पहले वर्ष 2014 में कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर में 10 रुपये के प्लास्टिक नोटों के प्रायोगिक परीक्षण (फील्ड ट्रायल) की योजना और इस कूटनीतिक-वित्तीय नीति के ऐतिहासिक घटनाक्रम पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने दिपके के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ की सूची जारी की
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और उनके युवा दबाव समूह के आह्वान पर शनिवार 6 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है. बोस्टन से भारत लौट रहे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके और विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन से प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति मांगेंगे. पेपर लीक और देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांगों के बीच, समूह के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका द्वारा समर्थकों के लिए जारी 'क्या करें और क्या न करें' की सूची तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई 'आखिरी अपील' पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
कुमार राणा | मतदान के अधिकार से वंचित करना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है
‘कड़वी कॉफी’ के इस एपिसोड में प्रोफेसर अपूर्वानंद ने शोधकर्ता, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता कुमार राणा के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए बड़े बदलाव पर विस्तार से चर्चा की. बातचीत का केंद्र केवल चुनावी नतीजे नहीं थे, बल्कि वह पूरी प्रक्रिया थी जिसके जरिए बंगाल की सत्ता तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी के हाथों में पहुंची.
गाजा में 9,500 से अधिक फिलिस्तीनी लापता, मानवाधिकार संगठन ने जताई गंभीर चिंता
मकतूब मीडिया’ की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 से गाजा पट्टी में जारी भीषण संघर्ष के बीच 9,500 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिक लापता हैं या अपने परिवारों से बिछड़ चुके हैं. मानवाधिकार संगठन 'अल-दमीर एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स' की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इनमें से 8,100 से अधिक लोगों के इजरायली बमबारी में ध्वस्त हुई इमारतों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है. चौथे जेनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देते हुए इस रिपोर्ट में सैन्य चौकियों से हिरासत में लिए गए लोगों और गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन के सहायता मार्गों से लापता हुए नागरिकों पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
कायस्थ | कॉकरोच और गिद्ध: कल दिल्ली पहुंच रहे हैं दिपके, आगे क्या होगा?
इस विश्लेषणात्मक लेख में कल 6 जून 2026 को दिल्ली पहुंच रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के आंदोलन और सोशल मीडिया कैंपेन का गहरा राजनीतिक विश्लेषण किया गया है. लेख में वर्ष 2011 के अन्ना आंदोलन की पृष्ठभूमि, पॉलिटिकल स्ट्रेटिजिस्ट के रूप में दीपके के 'आप' (AAP) से जुड़े अतीत और न्यू इंडिया के राजनीतिक माहौल की चर्चा की गई है. जहां देश का युवा पेपर लीक और बेरोजगारी से गुस्से में है, वहीं लेख में सवाल उठाया गया है कि विपक्ष की कमजोर स्थिति के बीच क्या यह आंदोलन नागरिकों के गुस्से को डायवर्ट करने की कोई सुनियोजित रणनीति है या फिर एक वास्तविक छात्र विद्रोह? पढ़ें पूरा ओपिनियन पीस.
सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व ने तीन शावकों के साथ मेलानिस्टिक (काली) बाघिन की दुर्लभ तस्वीर साझा की
समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ की रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा के प्रसिद्ध सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (STR) ने सोशल मीडिया पर एक मेलानिस्टिक बाघिन (काला बाघ) और उसके तीन शावकों की एक बेहद दुर्लभ तस्वीर साझा की है. वन्यजीव अधिकारियों के मुताबिक, वयस्कों की आपसी लड़ाई और घने जंगलों की चुनौतियों के बावजूद ये तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं. 2,750 वर्ग किलोमीटर में फैले सिमिलिपाल रिजर्व में रॉयल बंगाल टाइगर के आनुवंशिक उत्परिवर्तन (Genetic Mutation) से पैदा होने वाले इन मायावी 'काले बाघों' के सफल अस्तित्व और प्राकृतिक आवास की पूरी कहानी पढ़ें.
पीएमकेवीवाई के तहत प्रशिक्षण और मांग के बीच विसंगति; सिर्फ 41% को मिला प्लेसमेंट, संसदीय समिति ने फटकारा
वरिष्ठ कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली लोक लेखा समिति (PAC) ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ (PMKVY) के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. समिति ने नोट किया कि ₹14,450 करोड़ के बजटीय आवंटन वाले इस कार्यक्रम में बाजार की मांग और प्रशिक्षण के बीच भारी विसंगति रही, जहां केवल 41% प्रशिक्षुओं को रोजगार मिल सका. रिपोर्ट में 'नीलिमा मूविंग पिक्चर्स' जैसी अस्तित्वहीन कंपनियों द्वारा फर्जी प्रमाणन जारी करने और इसके कारण देश में बढ़ रहे बेरोजगारी व पलायन के संकट पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
चुनाव विवादों के जल्द निपटारे पर अपनी ही टिप्पणियों की अनदेखी करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की
मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जी. जयचंद्रन ने तमिलनाडु के पूर्व स्पीकर एम. अप्पावु के 2016 के राधापुरम चुनाव विवाद मामले को छह वर्षों से अधिक समय तक लंबित रखने और मुख्य कानूनी प्रश्न का उत्तर दिए बिना वापस भेजने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की कड़ी आलोचना की है. कोर्ट ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 86(7) के तहत निर्धारित छह महीने की समय सीमा की अनदेखी पर चिंता जताते हुए इसे मतदाताओं के साथ 'न्याय का गंभीर मज़ाक' बताया है. 203 डाक मतपत्रों (पोस्टल वोट्स) के खारिज होने, पुनर्गणना विवाद और इन्बादुरई के निर्वाचन को शून्य घोषित करने पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
निकोबार बंदरगाह का कोई ‘सामरिक लक्ष्य’ नहीं, 2024 में वित्त मंत्रालय की संस्था ने कहा था
द हिंदू’ के वरिष्ठ पत्रकार जैकब कोशी की इस खोजी रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेट निकोबार द्वीप में प्रस्तावित ₹81,000 करोड़ की अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट (ICTP) परियोजना के सामरिक महत्व को लेकर सरकारी संस्थाओं में गंभीर मतभेद उजागर हुए हैं. वित्त मंत्रालय के पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने अगस्त 2024 में इसे 'सामरिक उद्देश्यों से रहित' बताया था, जबकि मार्च 2026 की पीपीपीएसी (PPPAC) बैठक के रिकॉर्ड के अनुसार रक्षा मंत्रालय ने इसे औपचारिक रूप से 'सामरिक परियोजना' अधिसूचित किया है. कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और विशेषज्ञ पंकज सेकसरिया द्वारा इसके पर्यावरणीय प्रभावों व सूचना के अधिकार (RTI) की गोपनीयता पर उठाए गए सवालों के बीच, मलक्का जलडमरूमध्य और चीनी नौसेना के विस्तार से जुड़े भू-राजनीतिक निहितार्थों पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
राजनीतिक अजगर: कैसे बीजेपी निगल रही है भारत की क्षेत्रीय पार्टियों
वरिष्ठ पत्रकार पीवी कोंडल राव की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 तक आते-आते भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सुनियोजित सांगठनिक ताकत, वैचारिक समावेशन और रणनीतिक विभाजनों के जरिए देश की संघीय राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है. रिपोर्ट में विश्लेषण किया गया है कि कैसे भाजपा ने आंध्र प्रदेश में टीडीपी, बिहार में जदयू और ओडिशा में बीजद जैसे क्षेत्रीय दलों को अपने प्रभाव में लिया, और महाराष्ट्र (शिवसेना-NCP) व पश्चिम बंगाल (TMC की चुनावी हार और बगावत) में राजनीतिक फूट के जरिए विपक्षी किलों को कमजोर किया. राष्ट्रीय आख्यान और क्षेत्रीय अस्मिता के इस ऐतिहासिक द्वंद्व पर पढ़ें पूरा राजनीतिक आलेख.
बांग्लादेश का दावा: भारत द्वारा लोगों को जबरन सीमा पार भेजने के कई प्रयासों को किया विफल
‘रॉयटर्स’ की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश ने भारत (BSF) द्वारा पिछले 24 घंटों में लोगों को जबरन सीमा पार धकेलने (‘पुश-इन’) के कई प्रयासों को विफल करने का दावा किया है. बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के मुताबिक, 4,000 किलोमीटर से लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के विभिन्न हिस्सों में मानदंडों के उल्लंघन के 10 मामले सामने आए हैं. वर्ष 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की कोशिशों और 8 से 11 जून 2026 तक नई दिल्ली में होने वाली सीमा बलों के महानिदेशक स्तर की द्विपक्षीय वार्ता पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
पाकिस्तान का दावा, भारत चिनाब का पानी बीस की ओर मोड़ रहा, सिंधु जल संधि के उल्लंघन का आरोप
भारत द्वारा चिनाब नदी से 1.9 मिलियन एकड़ फीट पानी को बीस बेसिन में स्थानांतरित करने की कथित चिनाब–बीस लिंक टनल परियोजना पर पाकिस्तान ने गंभीर आपत्ति जताई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इसे 1960 की ‘सिंधु जल संधि’ के साथ-साथ वियना संधि और संयुक्त राष्ट्र के जलमार्ग नियमों का भी उल्लंघन बताया है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा संधि को अस्थायी रूप से स्थगित करने के रुख और रियासी के सलाल जलविद्युत संयंत्र (690 मेगावाट) से जुड़े इस नए भारत-पाक जल कूटनीति संकट पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट
राहुल गांधी का दावा, मोदी एक साल बाद अपने पद पर नहीं रहेंगे, कहा-सरकार में ‘संस्थानिक विद्रोह’
द हिन्दू’ की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार के भीतर एक बड़े ‘संस्थागत विद्रोह’ और देश में ‘आर्थिक सुनामी’ आने की गंभीर चेतावनी दी है. बुधवार 3 जून 2026 को 'नेशनल आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव' के एक बंद कमरे के कार्यक्रम में दिए गए उनके संबोधन के लीक वीडियो से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका और खुफिया तंत्र जैसे संस्थानों में असंतोष बढ़ रहा है और उनके पास सिस्टम के भीतर से खुफिया जानकारियां आ रही हैं. आपातकाल जैसी स्थिति की आशंका और पीएम मोदी के कार्यकाल पर किए गए इन बड़े दावों पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट
मोदी का तमिल संस्करण: अन्नामलाई भाजपा का असफल प्रयोग या चूका हुआ अवसर?
‘साउथ फर्स्ट’ की इस विशेष राजनीतिक रिपोर्ट में तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई के पार्टी से अलग होने की अटकलों और उसके दूरगामी परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है. वरिष्ठ पत्रकार मलन नारायणन और लेखक राजसंगीतन के अनुसार, अन्नामलाई को तमिलनाडु में 'मोदी मॉडल' के तमिल संस्करण के रूप में पेश किया गया था, जिन्होंने अपनी आक्रामक व आधुनिक संवाद शैली से युवाओं को जोड़ा. हालांकि, एआईएडीएमके (AIADMK) गठबंधन पर मतभेद, डीएमके (DMK) विरोधी राजनीति की सीमाएं और मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के आने से बदले सामाजिक-जातीय समीकरणों के बीच इस प्रयोग की सफलता-विफलता पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
जनगणना के फील्ड आंकड़े सरकारी दावों से मेल नहीं खा रहे, गणनाकर्मियों को दोबारा सर्वे के निर्देश
भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना (Digital Census) के हाउसलिस्टिंग चरण के दौरान जुटाए जा रहे फील्ड आंकड़ों और सरकारी रिकॉर्ड के बीच बड़ा अंतर सामने आया है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में गणनाकर्मियों को खुले में शौच, पेयजल और रसोई ईंधन से जुड़े डेटा की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं. जहां अधिकारी इसे आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया बता रहे हैं, वहीं आंगनवाड़ी और अन्य गणनाकर्मियों ने सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को छिपाने के लिए प्रविष्टियां बदलने के दबाव का आरोप लगाया है. 30 सितंबर तक चलने वाले इस 33-सवालों के डिजिटल सर्वे पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
श्रवण गर्ग | देश की जनता आश्वासन चाहती है कि आपातकाल नहीं लगेगा
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी ने 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन, अभिजीत दीपके की भारत वापसी और राहुल गांधी के हालिया बयानों के राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण किया है. श्रवण गर्ग ने CJP की अचानक बढ़ती लोकप्रियता, उसकी फंडिंग और वास्तविक उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए इसकी तुलना 2011 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन से की है. नीट परीक्षा घोटाले से उपजे छात्र असंतोष और जून के महीने में आपातकाल (1975) की चर्चाओं के दोबारा उभरने पर पढ़ें यह पूरा राजनीतिक विमर्श.
भारत में 2024 में बच्चों के खिलाफ हर दिन दर्ज हुए 512 अपराध, एक दशक में मामले दोगुने
‘इंडिया स्पेंड’ की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 के दौरान भारत में बच्चों के खिलाफ अपराध के रिकॉर्ड 1,87,702 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, कुल मामलों में से एक-तिहाई से ज्यादा केस पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज हुए, जिनमें 97 प्रतिशत आरोपी बच्चों के परिचित थे. बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों और देश के 19 महानगरों में दिल्ली (36% हिस्सेदारी) के सबसे आगे रहने तथा फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों की गंभीर स्थिति पर पढ़ें यह विस्तृत रिपोर्ट.

