आकार पटेल | सत्ता को विरोध से डर लगता है
एमनेस्टी इंडिया के पूर्व प्रमुख आकार पटेल का राजनीतिक विश्लेषण. जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक के आंदोलन, नीट परीक्षा विवाद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और नागरिक अधिकारों पर विशेष टिप्पणी.
वो सात कारण, क्यों यह विशाल विरोध-प्रदर्शन अलग है और जिसने मोदी सरकार को झकझोर कर रख दिया है
‘द वायर’ का विशेष राजनीतिक विश्लेषण. दिल्ली में छात्रों का 'संसद मार्च' क्यों बना मोदी सरकार के लिए बड़ा संकट; जेन-ज़ी (Gen-Z) के नेतृत्व, खौफ टूटने और जवाबदेही के 7 बड़े कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट.
“वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेज रहे हैं, लेकिन हमारा क्या?”; सुबह होते ही लोगों के समुद्र में तब्दील हो गई मध्य दिल्ली
‘पीटीआई’ की रिपोर्ट. दिल्ली में सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और अनधिकृत ड्रोन वीडियो वायरल होने पर दिल्ली पुलिस की जांच और गतिरोध का विवरण.
संसद की तरफ मार्च कर रहे सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई, वांगचुक का भूख हड़ताल जारी रखने का संकल्प, सरकार-सीजेपी के बीच बातचीत
‘द हिंदू’ ब्यूरो की रिपोर्ट. संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से निकले ‘संसद चलो’ मार्च पर पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले; सोनम वांगचुक का अस्पताल से अनशन जारी रखने का संकल्प.
श्रवण गर्ग | मानसून सत्र सिर्फ कानून बनाने का सत्र नहीं, लोकतंत्र की दिशा तय करने वाला सत्र भी हो सकता है.
‘हरकारा डीप डाइव’ का विशेष एपिसोड. निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के बीच संसद के मानसून सत्र, जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और सरकार के सामने खड़ी राजनीतिक-आर्थिक चुनौतियों पर गहन चर्चा.
अपूर्वानंद | आंदोलन अब सोनम वांगचुक और सीजेपी से भी बड़ा हो चुका है
‘द वायर’ में प्रकाशित दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद का विश्लेषणात्मक लेख. जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद उपजे राष्ट्रव्यापी जन आक्रोश और छात्र आंदोलनों का वैचारिक विश्लेषण.
'मुस्कान या नफ़रत?': मेटा के एआई स्मार्ट ग्लास ने कैसे बदल दी एक ट्रांस व्यक्ति की ज़िंदगी
‘आर्टिकल 14’ की विशेष रिपोर्ट. दिल्ली के ट्रांस कलाकार शुभनम का मेटा रे-बैन एआई स्मार्ट ग्लास से बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्ड कर ऑनलाइन उत्पीड़न; एआई तकनीक और निजता के अधिकार पर बड़ा कानूनी सवाल.
श्रवण गर्ग | क्या मोदीजी डर गए हैं कि अब बच्चे भी उनसे नहीं डरते?
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का राजनीतिक विश्लेषण. जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अभिजीत दीपके के अनशन, राहुल गांधी के समर्थन और मोदी सरकार की राजनीतिक स्थिति पर विशेष टिप्पणी.
भवानी शंकर नायक | भारत में दो भूख हड़तालों की कहानी
'Countercurrents.org' पर प्रकाशित भवानी शंकर नायक के लेख का अनुवाद. अन्ना हजारे के 2011 के आंदोलन और 2026 में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बहाने राजनीतिक जवाबदेही तथा हिंदुत्व की राजनीति का विश्लेषण.
सरकार छात्रों के प्रति इतनी बेरहम कैसे हो सकती है? वे भारतीय हैं, पाकिस्तानी नहीं: सीजेपी संस्थापक के पिता
‘पीटीआई’ की रिपोर्ट. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के पिता भगवान दीपके ने जंतर-मंतर पर बेटे के अनशन और नीट (NEET) विरोधी छात्र आंदोलन पर सरकार की उदासीनता को लेकर जताई गहरी चिंता.
गौतम अडानी का केस वापस लेने के फैसले का विरोध नहीं करेंगे अमेरिकी मुख्य अभियोजक
‘रॉयटर्स’ के लिए जोनाथन स्टेम्पल की रिपोर्ट. अमेरिकी अरबपति गौतम अडानी के धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी मामले को खारिज करने के फैसले पर ब्रुकलिन के संघीय अभियोजक जोसेफ नोसेला का न्यायाधीश को पत्र.
गुवाहाटी: दीवार पर सोनम वांगचुक का पोर्ट्रेट बना रहे थे, पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया
मनोज आनंद की रिपोर्ट. असम के गुवाहाटी में सोनम वांगचुक का पोर्ट्रेट (चित्र) बनाने पर दो युवक हिरासत में; AASU, SFI और DYFI का शिक्षा सुधारों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन.
अपूर्वानंद | आंदोलन की सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि उसका मूल मुद्दा पीछे छूट गया और पूरा विमर्श सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य तक सिमट गया.
‘हरकारा डीप डाइव’ का लाइव एपिसोड. निधीश त्यागी और प्रोफेसर अपूर्वानंद के बीच सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और शिक्षा व्यवस्था के बड़े संकट पर गंभीर चर्चा.
राकेश कायस्थ | सोबर्स कभी मरा नहीं करते
राकेश कायस्थ का विशेष संस्मरण. वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स की विदाई पर उनके छह छक्कों का रिकॉर्ड, 365 रनों की ऐतिहासिक पारी और 70 के दशक के भारतीय फैंस से जुड़े उनके किस्से.
एआई को चाहिए इंसानी हाथ, लेकिन भारतीय मजदूरों ने दिया जवाब
‘ओपनडेमोक्रेसी’ की विशेष रिपोर्ट. दिल्ली की गारमेंट फैक्ट्रियों में रोबोटिक्स और AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए मजदूरों की कैमरों से निगरानी; श्रमिकों के विरोध और डेटा संकट पर गहरा विश्लेषण.
जब हर नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करनी पड़े: भारत की नागरिकता परियोजना और संवैधानिक दांव
‘आर्टिकल 14’ में राजनीतिक वैज्ञानिक निरजा गोपाल जयाल का लेख. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से नागरिकता पर बढ़ते संदेह और संवैधानिक अधिकारों पर विशेष विश्लेषण.
आसिम अली | ज़मीनी हकीकत बदल चुकी है
‘द टेलीग्राफ’ में आसिम अली का विश्लेषणात्मक लेख. 2011 के अन्ना आंदोलन से तुलना करते हुए 2026 में मोदी सरकार की ‘वैधता के बदलते मानदंडों’ और परीक्षा सुधार आंदोलनों की विफलता का वैचारिक विश्लेषण.
पीएम आवास के पास से सैकड़ों लोगों को बेदखल किया गया था; अब, दिल्ली ‘एसआईआर’ की हकीकत से उनका सामना हुआ है
‘पीटीआई और टेलीग्राफ वेब डेस्क’ की रिपोर्ट. दिल्ली के रेस कोर्स से बेदखल कर सावदा घेवरा में बसाए गए सैकड़ों परिवारों के सामने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में नाम दर्ज कराने की प्रशासनिक चुनौती.
वांगचुक को जबरन उठाकर अस्पताल ले गई पुलिस, वहां इलाज लेने से इनकार; उनकी जगह दीपके का अनिश्चितकालीन अनशन शुरू
‘द हिंदू’ ब्यूरो की रिपोर्ट. दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन के 21वें दिन पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया; कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की भूख हड़ताल शुरू.
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड एक रबर स्टैंप: भारत के वन्यजीव प्रहरी को आज़ादी की आवश्यकता क्यों है
‘द टेलीग्राफ’ के संपादकीय पर आधारित रिपोर्ट. राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की स्थायी समिति ने पिछले दशक में 96.5% विकास परियोजनाओं को मंज़ूरी दी; पर्यावरण संरक्षण बनाम औद्योगिक विकास पर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका.

