आकार पटेल | तथ्यों पर चिल्ला कर भारत सरकार अब दोहरी ज़बान से बोलती है.
प्रसिद्ध पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता आकार पटेल ने एक विदेशी पत्रकार के सवाल पर भारतीय विदेश मंत्रालय और घरेलू मीडिया की आक्रामक प्रतिक्रिया का मनोवैज्ञानिक व कूटनीतिक विश्लेषण किया है. उनके अनुसार, जब कोई वाक़ई ताक़तवर या अमीर होता है तो वह आलोचनाओं को नज़रअंदाज़ कर देता है, लेकिन सरकार की यह नाराज़गी और तीखे भाषण उसकी आंतरिक असुरक्षा को दर्शाते हैं. जानिए क्यों 'ईमानदारी' ही सबसे बेहतर कूटनीतिक नीति हो सकती है.
मोदी भारतीयों से उस आर्थिक संकट के लिए बलिदान मांग रहे हैं जिसकी जिम्मेदारी उनकी सरकार की है
सामाजिक चिंतक और अर्थशास्त्री आनंद तेलतुंबडे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'पेट्रोल कम खर्च करने और विदेश यात्राएं टालने' की अपील पर गहरा आर्थिक विश्लेषण प्रस्तुत किया है. उनके अनुसार, भारत की मौजूदा आर्थिक बदहाली केवल ईरान युद्ध का नतीजा नहीं है, बल्कि यह नोटबंदी, जटिल जीएसटी, रिकॉर्ड बेरोजगारी और कॉर्पोरेट केंद्रीकरण जैसी पिछले एक दशक की नीतिगत विफलताओं का संचयी प्रभाव है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
कॉकरोच जनता पार्टी का उदय क्यों मायने रखता है
प्रसिद्ध विश्लेषक सत्य सागर ने 'कॉउंटरकरेन्ट' में सोशल मीडिया पर उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थों का गहरा मूल्यांकन किया है. नीट पेपर लीक विवाद, बेरोजगारी और वीआईपी संस्कृति से उपजे इस जन-आक्रोश के बीच जानिए कैसे अपमानजनक शब्दों को युवाओं ने तीखे व्यंग्य और लोकतांत्रिक प्रतिरोध के हथियार में बदल दिया है. पढ़ें विशेष विश्लेषण.
यूपी: नॉन-वेज रेस्टोरेंट की रील में शिव मंदिर के दृश्यों को दिखाने पर मुस्लिम फूड ब्लॉगर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 'अल यामीन' रेस्टोरेंट के मांसाहारी व्यंजनों का रिव्यू करने वाले मुस्लिम फूड ब्लॉगर अनस अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 'मकतूब मीडिया' के अनुसार, वीडियो में प्रसिद्ध शिव चौक और राष्ट्रीय ध्वज के दृश्य शामिल करने पर हिंदुत्ववादी संगठनों ने धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया था. आरोपी द्वारा दो माफीनामा वीडियो जारी किए जाने के बाद भी हुई पुलिस कार्रवाई पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
डेटा सेंटर किस तरह दलित समुदायों को उनकी जमीन से बेदखल कर रहे हैं
द वायर (शमशीर यूसुफ और मोनिका झा) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, भारत को एआई का वैश्विक केंद्र बनाने की होड़ में मुंबई, विशाखापत्तनम और चेन्नई के सबसे कमजोर दलित समुदायों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. हीरानंदानी और गूगल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीनों के अधिग्रहण, जय भीम नगर के अवैध विध्वंस और डेटा सेंटरों की भारी बिजली मांग को पूरा करने के लिए 44 नए कोयला संयंत्रों को मंजूरी दिए जाने पर पढ़ें यह विस्तृत आर्थिक-पर्यावरणीय विश्लेषण.
न्यूयॉर्क टाइम्स: मणिपुर में घातक हमले, अपहरण और विरोध प्रदर्शन दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं
द न्यू यॉर्क टाइम्स (हरिकुमार) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सुदूर पूर्वी राज्य मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष अब और घातक हो गया है. मई 2023 के बाद भड़की इस ताजा हिंसा में नागा समुदाय भी शामिल हो गया है, जिससे कई चर्च नेताओं सहित एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई है. जानिए कैसे इम्फाल और चूराचाँदपुर को बांटने वाला बफर जोन दो दुश्मन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा की तरह काम कर रहा है.
ग्रामीण झारखंड में ‘वीबी-जी राम जी’ योजना को लेकर डर और असमंजस
दिसंबर 2025 में पारित 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन' (वीबी-जी राम जी) कानून के 1 जुलाई 2026 से लागू होने से पहले झारखंड के ग्रामीण इलाकों में भारी अनिश्चितता है. 'स्क्रोल' और लिबटेक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, संक्रमण काल के दौरान राज्य में मानव दिवसों के आवंटन में 92.8% की भारी गिरावट आई है, जिससे ग्रामीण मजदूर भुखमरी और पलायन के कगार पर पहुंच गए हैं. पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने ‘एक्स’ समेत तमाम अकाउंट ब्लॉक किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 'एक्स' (ट्विटर) और इंस्टाग्राम अकाउंट्स को ब्लॉक व हैक किए जाने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है. 'द हिंदू' (एएनआई) के अनुसार, नीट-यूजी पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और बढ़ते जनसमर्थन के बीच सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर यह कार्रवाई की है, जबकि कांग्रेस ने आईबी रिपोर्ट का दावा किया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
बलात्कारी राम रहीम को 16वीं बार पैरोल मिली, 30 दिनों के लिए आया जेल से बाहर
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दो महिला शिष्याओं के साथ बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काटने के दौरान एक बार फिर 30 दिनों की पैरोल मिली है. जानिए उसके पैरोल के इतिहास, अदालती फैसलों और इसके सामाजिक-राजनीतिक प्रभावों का पूरा विश्लेषण.
तेल पर फिसलना बंद करने का समय: नवीकरणीय ऊर्जा भारत को झटकों से बचा सकती है
प्रसिद्ध आर्थिक विश्लेषक टी. एन. नीनान ने अमेरिका-ईरान समझौते के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से वैश्विक बाजार पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण किया है. जानिए 1973 से 2012 तक के तेल संकटों के बीच भारत के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को ढाल बनाना क्यों जरूरी है.
मोदी को एक सवाल और व्यंग्य ने क्यों असहज कर दिया
वरिष्ठ पत्रकार वेतवा शर्मा ने 'आर्टिकल 14' में देश के समकालीन सामाजिक-राजनीतिक और न्यायिक परिदृश्य पर एक विस्तृत रिपोर्ट साझा की है. रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्वेजियन पत्रकार हेले लिंग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछे गए सवाल और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के विरोध में उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के डिजिटल प्रतिरोध ने सरकार की प्रचार-आधारित छवि को बड़ी चुनौती दी है. इसके साथ ही पत्रकार सौरव दास पर अवमानना कार्यवाही और न्यायपालिका के बदलते रुख पर पढ़ें विशेष विश्लेषण."
डरपोक मीडिया नहीं बताता; ‘मोदी ने देश “बदलने के लिए 10 साल” मांगे थे, पर आर्थिक मोर्चे पर वह विफल’
प्रसिद्ध नीति विश्लेषक संजय बारू ने 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' में सरकार के 12 वर्षों के आर्थिक सफर का एक गंभीर और बेबाक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है. लेख में सुरजीत भल्ला की 'प्रशासनिक सुस्ती' के तर्क और परकला प्रभाकर की 'प्रबंधकीय अक्षमता' के सिद्धांतों के जरिए दिखाया गया है कि कैसे सामाजिक तनाव और भय के माहौल ने निवेशकों के भरोसे को तोड़ दिया है, जिससे भारत 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य से भटककर 4 ट्रिलियन डॉलर पर ही ठहर गया है. पढ़ें पूरा विश्लेषण.
यह एक खेदजनक तथ्य; पीएम मोदी ने एक भी ओपन प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की: एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे और नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों और यूरोपीय पत्रकारों के बीच हुई तीखी नोकझोंक को एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) ने 'शर्मनाक' करार दिया है. नॉर्वेजियन पत्रकार हेले लिंग द्वारा भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों पर पूछे गए सवाल और विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज के तीखे जवाब के बाद शुरू हुए इस कूटनीतिक-मीडिया विवाद पर पढ़ें विशेष विश्लेषण.
भारत ने किस तरह ‘ब्रेनवॉश’ किए गए निवेशकों की एक पीढ़ी तैयार की और इससे पैदा हुई व्यापक आर्थिक तबाही
बाजार विशेषज्ञ शंकर शर्मा ने भारतीय शेयर बाजार में आए संरचनात्मक बदलावों पर एक चौंकाने वाला विश्लेषण प्रस्तुत किया है. उनके अनुसार, पूर्व में जो FIIs भारतीय बाजार से चाहकर भी बाहर नहीं निकल पाते थे, आज भारतीय रिटेल निवेशक म्यूचुअल फंड्स और वित्तीय मीडिया के 'देशभक्ति वाले विमर्श' के प्रभाव में आकर उनके लिए 'सुरक्षित निकास' (Safe Exit) का जरिया बन रहे हैं. डेरिवेटिव और F&O के जरिए हो रही धन की इस अभूतपूर्व लूट पर पढ़ें पूरा लेख.
आर्थिक संकट के बीच अपना जिम बंद कर सकते हैं ‘मोहम्मद दीपक’; भाजपा, बजरंग दल पर उत्पीड़न का आरोप
उत्तराखंड के कोटद्वार में दक्षिणपंथी संगठनों का डटकर मुकाबला करने वाले 'हल्क' जिम के मालिक दीपक कुमार (मोहम्मद दीपक) गंभीर आर्थिक संकट में घिर गए हैं. 'पीटीआई' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को 70 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद की दुकान बचाने के बाद से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. चार महीने का किराया न दे पाने के कारण जिम खाली करने का अल्टीमेटम मिला है और उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी सोशल मीडिया पोस्ट पर रोक लगा दी है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
‘ऐसी कोई गंभीर जल्दबाज़ी नहीं’: सीजेआई सूर्यकांत ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के खिलाफ याचिका पर कहा
सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई 2026 को डिजिटल छात्र आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के खिलाफ जांच की मांग करने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया है. सीजेआई सूर्य कांत की पीठ ने कहा कि इस मामले में कोई गंभीर जल्दबाजी नहीं है. याचिका में सीजेआई की पुरानी मौखिक टिप्पणियों के दुरुपयोग और फर्जी वकीलों की डिग्री की सीबीआई जांच की मांग की गई थी. इस पूरे कानूनी और विमर्श संबंधी टकराव पर पढ़ें विशेष विश्लेषण.
सीबीएसई की गड़बड़ी बताने पर छात्र के पीछे पड़ा बीजेपी का आईटी सेल, उसे ‘पाकिस्तानी’ और ‘देश विरोधी’ बताया
सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में गड़बड़ी और उत्तर पुस्तिकाओं के मिसमैच का मुद्दा उठाने वाले 12वीं के छात्र के समर्थन में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल उतर आए हैं. विपक्ष ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में तकनीकी खामियों, धुंधली उत्तर पुस्तिकाओं और मनमाने पुनर्मूल्यांकन शुल्क को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है.
मणिपुर: पहाड़ियों से लेकर घाटियों तक, विभाजन बहुत गहरा हो चुका है
मणिपुर में मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच 2023 से जारी जातीय हिंसा पर बीबीसी के संवाददाताओं राघवेंद्र राव और देवाशीष कुमार ने दिल दहला देने वाली ग्राउंड रिपोर्ट पेश की है, जिसमें 260 से अधिक मौतों, बफ़र ज़ोन में बंटे समाज और राहत शिविरों में जी रहे लोगों के अनसुने दर्द को उजागर किया गया है.
3,900 किलोमीटर दूर: चीन में बैठे डॉक्टर ने हैदराबाद के मरीज का किया ऑपरेशन
चिकित्सा जगत में एक नया इतिहास रचते हुए डॉ. सैयद मोहम्मद गाउस ने चीन के वुहान शहर से लगभग 3,900 किलोमीटर दूर हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी में भर्ती एक मरीज की सफल रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी की है, जिसमें 5G नेटवर्क और मेडबॉट सर्जिकल प्रणाली का इस्तेमाल किया गया.
टीवीके की जीत का ‘वार रूम’: कैसे तैयार हुई विजय की चुनावी पटकथा
अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) के गुप्त चुनावी वॉर रूम और 'वॉइस ऑफ कॉमन्स' की रणनीतियों का बड़ा खुलासा हुआ है. जानिए कैसे रणनीतिकार कपिल साहू और जॉन अरोकियासामी की टीम ने सोशल मीडिया मैनेजमेंट, सोचे-समझे जातीय समीकरणों और 'कम विजय, ज्यादा क्रेज' की अनोखी रणनीति के जरिए द्रविड़ राजनीति के गढ़ में डीएमके और एआईएडीएमके के खिलाफ जमीन तैयार की.

